राजगढ़ सीएचसी में नाइट ड्यूटी विवाद: डॉक्टर के अभद्र व्यवहार पर नर्सिंगकर्मियों का दो घंटे का कार्य बहिष्कार
अलवर जिले के राजगढ़ कस्बे स्थित राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नाइट ड्यूटी के दौरान चिकित्सक द्वारा नर्सिंग स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार और जान से मारने की धमकी दिए जाने के आरोपों को लेकर मंगलवार को नर्सिंगकर्मियों ने दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया। नर्सिंगकर्मियों ने आउटडोर विंग के सामने धरना देकर नारेबाजी की और कार्रवाई की मांग उठाई
नर्सिंग एसोसिएशन राजगढ़ के ब्लॉक अध्यक्ष सुरेन्द्र चौधरी के नेतृत्व में नर्सिंगकर्मियों ने चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. आरसी मीना को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि सोमवार रात को नर्सिंग ऑफिसर ग्रेड-II रिंकू मीना आपातकालीन नाइट ड्यूटी पर थे। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्होंने ऑन कॉल ड्यूटी चिकित्सक डॉ. धर्मसिंह को फोन किया, लेकिन आरोप है कि डॉक्टर ने मरीज देखने से इनकार कर दिया और नर्सिंगकर्मियों को धमकी दी।
ज्ञापन में कहा गया कि संयुक्त निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं जयपुर जोन के निर्देशानुसार ड्यूटी रोस्टर तय किया गया था, जिसके अनुसार 8 दिसंबर 2025 की रात 9 बजे से डॉ. धर्मसिंह की ड्यूटी निर्धारित थी। इसकी सूचना नर्सिंग स्टाफ ने सीएचसी प्रभारी और नर्सिंग इंचार्ज को दे दी थी। नर्सिंगकर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे भी कार्य बहिष्कार जारी रखेंगे।
नर्सिंगकर्मियों का आरोप है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हुई हैं और इसकी शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अलवर को भी की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सोमवार रात एक बार फिर वही स्थिति उत्पन्न हुई, जिसके बाद कर्मियों में रोष फैल गया।
इस संबंध में चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. आरसी मीना ने बताया कि संयुक्त निदेशक डॉ. यदुराज सिंह ने हाल ही में सीएचसी का निरीक्षण कर चिकित्सकों की डे-नाइट ड्यूटी तय करने के निर्देश दिए थे। उसी के अनुरूप रोस्टर तैयार कर दो भागों में विभाजित किया गया था।
डॉ. मीना ने बताया कि सोमवार को शाम 3 से 5 बजे तक डॉ. कमलेश मीना की ड्यूटी थी, जिसके बाद रात 9 बजे से 9 बजे तक डॉ. धर्मसिंह की ड्यूटी लगाई गई। लेकिन डॉ. धर्मसिंह ने ड्यूटी ज्वाइन करने से इनकार कर दिया और बताया कि उनकी ड्यूटी बदल दी गई है, जिसकी कोई सूचना न तो प्रभारी को मिली और न ही ड्यूटी डॉक्टर को।
उन्होंने कहा कि शिकायत मिलते ही वे अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर को ड्यूटी निभाने को कहा, लेकिन डॉक्टर ने मौजूद होने से भी इनकार कर दिया, जो अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। डॉ. मीना ने नर्सिंग स्टाफ को भरोसा दिलाया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके बाद मामला शांत हुआ।