बरेली में दो बारातघरों पर चली प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, आज़म खां के करीबी नेताओं के मैरिज हॉल ढहे…
बरेली में प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ अपने अभियान को तेज करते हुए दो बड़े मैरिज हॉल और बारातघरों पर बुलडोज़र चला दिया। कार्रवाई उन लोगों पर हुई जो मौलाना तौकीर रजा और समाजवादी नेता आज़म खां के करीबी बताए जाते हैं। तेजी से हुई कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।
उपद्रव के बाद प्रशासन सख्त, बुलडोज़र ने दो बारातघर किए जमींदोज़
बरेली में हुए हालिया उपद्रव के बाद प्रशासन लगातार कार्रवाई मोड में है। मंगलवार और बुधवार को दो अलग-अलग स्थानों पर बने बारातघरों को अवैध निर्माण बताते हुए तोड़ दिया गया।
गुड मैरिज हॉल और ऐवान-ए-फरहत पर कार्रवाई
प्रशासन ने राशिद खान के गुड मैरिज हॉल और सरफ़राज़ वली खान के ऐवान-ए-फरहत बारातघर में अनधिकृत निर्माण का हवाला देते हुए बुलडोज़र लगाया। दोनों प्रतिष्ठानों के एक बड़े हिस्से को तोड़ा गया।
दो दिन का नोटिस… फिर गई पूरी इमारत: मालिकों का आरोप
स्थानीय मालिकों ने प्रशासन पर जल्दबाज़ी का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, उन्हें सिर्फ दो दिनों का नोटिस दिया गया, जिसके बाद तुरंत ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
‘तौकीर रजा से कोई लेना-देना नहीं’—सरफ़राज़ वली खान की सफाई
आजम खां और तौकीर रजा के करीबी कहलाए जाने पर सरफ़राज़ वली खान ने कहा कि उनका तौकीर रजा से कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं है। उनका कहना है कि वे समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं और पार्टी नेतृत्व के कारण आज़म खां से राजनीतिक संबद्धता है।
26 सितंबर के उपद्रव के बाद लगातार हो रही धर-पकड़ और कार्रवाई
बरेली में 26 सितंबर को ‘आई लव मोहम्मद’ के नाम पर बड़ा प्रदर्शन हुआ था, जो बाद में हिंसा में बदल गया। कई जगह पथराव हुआ और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस मामले में 10 एफआईआर दर्ज हुईं और मौलाना तौकीर रजा सहित 92 लोगों की गिरफ्तारी हुई।
सुरक्षा और कानून व्यवस्था के संदेश के रूप में देखी जा रही कार्रवाई
प्रशासन की इस कार्रवाई को शहर में कानून व्यवस्था बहाल करने और गलत संदेश देने वाले अवैध निर्माणों पर सख्ती की तरह देखा जा रहा है। हालांकि, नोटिस की अवधि और कार्रवाई की गति पर अभी भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।