सिगरेट, गुटखा-पान मसाला पर बढ़ सकता है टैक्स, संसद में पेश होंगे दो बड़े बिल…
नई दिल्ली:
1 दिसंबर 2025 से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। पहले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दो बड़े बिल पेश करेंगी:
केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन बिल 2025
स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा सेस बिल 2025
इन बिलों का मकसद है सिगरेट, गुटखा और पान मसाला पर जीएसटी 28% से बढ़ाकर 40% करना और पुराने सेस को हटाकर नया टैक्स सिस्टम लाना।
मुख्य बातें:
1-सिगरेट पर कुल टैक्स वैसा ही रहेगा, सिर्फ जीएसटी बढ़ेगा और सेस कम होगा।
2-गुटखा-पान मसाला पर नया सेस मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस और मशीन पर आधारित होगा।
3-सरकार को इससे अधिक राजस्व मिलेगा, जो सीधे स्वास्थ्य और कल्याण योजनाओं में जाएगा।
उपभोक्ताओं पर असर:
1.अभी रोज़मर्रा के खर्च पर कोई बड़ा असर नहीं।
2.कंपनियों पर नए नियम अपनाने का दबाव बढ़ेगा, जिससे भविष्य में कीमतें थोड़ी बढ़ सकती हैं।
पिछले अनुभव:
1-2017 में जीएसटी आने के बाद सिगरेट की बिक्री 10-15% घट गई थी।
2-2020 में सेस बढ़ने पर गुटखा की बिक्री 8% कम हुई।
3-WHO की रिपोर्ट के अनुसार, टैक्स बढ़ाने से तंबाकू के उपयोग में 5-7% कमी आई।
ये बदलाव GST 2.0 का हिस्सा हैं और बिल पास होने के बाद लागू होंगे। उद्देश्य लोगों के स्वास्थ्य में सुधार और तंबाकू का सेवन कम करना है।