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PM मोदी ने राम मंदिर के शिखर पर फहराई ‘धर्म ध्वजा’ – अयोध्या में फिर रचा इतिहास….

अयोध्या आज एक बार फिर आस्था, परंपरा और भव्यता का केंद्र बन गई। राम मंदिर के मुख्य शिखर पर केसरिया ‘धर्म ध्वजा’ का आरोहण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधि-विधान के साथ पूरा किया। मंदिर परिसर मंत्रोच्चार, भक्ति और भावनाओं से गूंज उठा—यह पल फिर एक नए इतिहास का प्रतीक बना।

श्रीराम की नगरी में उमड़ी भक्ति, शिखर पर लहराई केसरिया ध्वजा

अयोध्या के राम मंदिर में सोमवार सुबह एक शानदार दृश्य देखने को मिला, जब विशाल शिखर के ऊपर केसरिया धर्म ध्वजा लहराई। पीएम मोदी ने परंपरागत पूजा-पाठ के साथ ध्वज आरोहण की पूर्ण प्रक्रिया निभाई। जैसे ही ध्वजा शिखर पर पहुंची, पूरा परिसर ‘जय श्री राम’ के जयकारों से गूंज उठा।

PM मोदी–मोहन भागवत ने मिलकर चक्का घुमाया, विशेष तंत्र से चढ़ी धर्म ध्वजा

ध्वज आरोहण की प्रक्रिया इस बार बेहद विशेष थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ RSS प्रमुख मोहन भागवत भी इस अनुष्ठान में शामिल रहे। दोनों ने विशेष यांत्रिक चक्का घुमाकर ध्वजा को शिखर तक पहुंचाया। लगभग चार मिनट तक चलने वाली यह प्रक्रिया भक्तिमय माहौल में सम्पन्न हुई, जहां मंत्रोच्चार लगातार गूंजता रहा।

161 फीट ऊंचा शिखर – 30 फीट का ध्वज दंड, दूर से दिखेगा भव्य ध्वज

राम मंदिर की वास्तुकला जितनी भव्य है, उसकी ध्वजा उतनी ही विशाल। मुख्य शिखर जमीन से 161 फीट ऊंचा है, जिसके शीर्ष पर 30 फीट लंबा ध्वज दंड लगाया गया है। इसी पर केसरिया रंग की धार्मिक ध्वजा स्थापित की गई है, जो अयोध्या की पहचान बनकर दूर से ही दिखाई देती है।

सीएम योगी और अन्य गणमान्यों की उपस्थिति, गरिमा बढ़ी

इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी, संत-महंत और अन्य अतिथि भी इस ऐतिहासिक अनुष्ठान के साक्षी बने। उपस्थित लोगों के अनुसार—यह पल मंदिर निर्माण की यात्रा के एक और महत्वपूर्ण पड़ाव को दर्शाता है।

यह सिर्फ ध्वजा नहीं, एक सांस्कृतिक संदेश है

राम मंदिर के शिखर पर ध्वजा फहराने की परंपरा सिर्फ धार्मिक नहीं—यह सांस्कृतिक और सभ्यता से जुड़ा प्रतीक है।
यह घटना तीन प्रमुख संदेश देती है:

1️⃣ अयोध्या का आध्यात्मिक पुनर्जागरण
ध्वजा आरोहण मंदिर की पूर्णता और आस्था के नए युग की शुरुआत का संकेत है।

2️⃣ राष्ट्रीय एकता और परंपरा का संगम
पीएम मोदी और मोहन भागवत की संयुक्त उपस्थिति एक सांस्कृतिक एकजुटता का संदेश देती है।

3️⃣ पर्यटन और वैश्विक ध्यान में वृद्धि
मंदिर का भव्य स्वरूप और ऐसे ऐतिहासिक क्षण दुनिया भर का ध्यान अयोध्या पर केंद्रित करते हैं।

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