लालू परिवार में बढ़ता सियासी भूचाल…
बिहार की राजनीति के सबसे प्रभावशाली परिवारों में से एक—लालू प्रसाद यादव का परिवार—इन दिनों विवादों के बवंडर में फँसा हुआ है। बेटी रोहिणी आचार्य के तेजस्वी यादव और उनके करीबी लोगों पर गंभीर आरोप लगाने के बाद घर छोड़ने का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि अब परिवार की तीन और बेटियों द्वारा मायका छोड़ देने से तनाव और बढ़ गया है। लगातार बाहर आती पारिवारिक कलह ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
परिवारिक विवाद गहराया | रोहिणी आचार्य के आरोपों से शुरू हुआ तूफान
आरजेडी प्रमुख लालू यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के परिवार में विवादों की चिंगारी रोहिणी आचार्य के ट्वीट और बयानों से भड़की। रोहिणी ने अपने भाई तेजस्वी यादव और उनके करीबी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए, जिनमें व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों तरह के मुद्दे शामिल थे। इन आरोपों ने पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर विपक्ष तक सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
घर छोड़ने का नया मोड़ | रोहिणी के बाद तीन और बहनें मायका छोड़कर गईं
रोहिणी आचार्य के घर छोड़ने की घटना के बाद अब परिवार की तीन अन्य बहनों के भी माता-पिता के घर से निकल जाने से मामला और उलझ गया है। बताया जा रहा है कि ये बहनें किसी विवाद से बचने और बढ़ रही तनावपूर्ण स्थिति से दूरी बनाए रखने के लिए निकल गईं। इस कदम ने लालू परिवार में चल रहे मतभेदों को और खुलकर सामने ला दिया है।
सियासी गलियारों में चर्चा तेज | आरजेडी के भीतर उठ रहे सवाल
परिवारिक तनाव अब राजनीतिक चर्चा का भी केंद्र बन गया है। आरजेडी नेताओं में भी यह सवाल उठ रहा है कि क्या ये विवाद पार्टी की छवि पर नकारात्मक असर डालेंगे। तेजस्वी यादव ने इस मामले पर अब तक कोई खुला बयान नहीं दिया है, लेकिन लगातार बढ़ रहे विवादों ने पार्टी रणनीति को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
सोशल मीडिया पर बवाल | समर्थकों में दो फाड़ जैसा माहौल
रोहिणी आचार्य के आरोपों के बाद सोशल मीडिया पर समर्थकों के बीच भी बहस तेज हो गई है। एक पक्ष तेजस्वी यादव का समर्थन करता दिख रहा है, जबकि दूसरा रोहिणी की बातों को गंभीरता से ले रहा है। डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर चल रहा यह तकरार इस विवाद को और उग्र बना रहा है।
परिवारिक खटपट का राजनीतिक असर बढ़ने की आशंका
लालू यादव के बड़े परिवार में चल रही इस खींचतान ने राजनीतिक विश्लेषकों को भी चिंता में डाल दिया है। बिहार की राजनीति में यादव परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका है, ऐसे में परिवारिक कलह आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि लालू यादव और राबड़ी देवी इस बढ़ते तनाव को कैसे संभालते हैं।