अलवर पंचायत चुनाव: राजपुर बड़ा में मतगणना के बाद हंगामा, 200 वोट कम होने का आरोप; धरने पर बैठे ग्रामीण
राजगढ़ (अलवर)। राजस्थान पंचायत चुनाव के दौरान अलवर जिले की राजगढ़ पंचायत समिति की राजपुर बड़ा ग्राम पंचायत में मतगणना के बाद विवाद हो गया। सरपंच प्रत्याशी महेंद्र कुमार शर्मा ने मतों की संख्या में अंतर होने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि मतदान समाप्त होने के समय 4,019 वोट डाले जाने की जानकारी दी गई थी, जबकि मतगणना के दौरान करीब 3,700 वोट बताए गए। इस अंतर को लेकर प्रत्याशी सहित ग्रामीणों ने मतदान केंद्र के बाहर धरना शुरू कर दिया। सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश का प्रयास किया। देर रात चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भी ग्रामीणों का विरोध जारी रहने की जानकारी सामने आई है।
राजपुर बड़ा में मतगणना के बाद विवाद
राजगढ़ पंचायत समिति की राजपुर बड़ा ग्राम पंचायत में मतदान के बाद मतगणना के दौरान मतों की संख्या को लेकर विवाद सामने आया। सरपंच प्रत्याशी महेंद्र कुमार शर्मा सहित ग्रामीणों ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए।प्रत्याशी का आरोप है कि मतदान समाप्त होने के समय कुल 4,019 वोट डाले जाने की जानकारी दी गई थी। लेकिन मतगणना शुरू होने के बाद पोलिंग पार्टी की ओर से करीब 3,700 वोट ही बताए गए। इसी कथित अंतर को लेकर विवाद बढ़ गया और ग्रामीण विरोध पर उतर आए।
महेंद्र कुमार शर्मा ने लगाए 200 वोट कम होने के आरोप
सरपंच प्रत्याशी महेंद्र कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि मतदान के दौरान बताए गए आंकड़ों और मतगणना के समय सामने आई संख्या में अंतर था। उन्होंने करीब 200 वोट कम होने का दावा किया।महेंद्र कुमार शर्मा का कहना है कि इस संबंध में संतोषजनक समाधान नहीं किया गया। इसके चलते उन्होंने ग्रामीणों के साथ मतदान केंद्र के बाहर धरना शुरू कर दिया।हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों में अंतर है। 4,019 और करीब 3,700 का अंतर लगभग 319 वोट होता है, जबकि प्रत्याशी ने करीब 200 वोट कम होने का आरोप लगाया है। ऐसे में वास्तविक अंतर और कुल मतों की संख्या की पुष्टि निर्वाचन रिकॉर्ड से होना जरूरी है।
पराजित प्रत्याशियों के शपथ पत्रों पर भी उठाए सवाल
महेंद्र कुमार शर्मा ने मतगणना से जुड़े विवाद के अलावा एक अन्य आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि चुनाव में पराजित हुए सरपंच प्रत्याशियों के शपथ पत्रों पर हस्ताक्षर नहीं करवाए गए।इस मुद्दे को लेकर भी उन्होंने आपत्ति जताई। चुनाव प्रक्रिया में दस्तावेजी औपचारिकताओं का पालन और रिकॉर्ड का सही तरीके से संधारण महत्वपूर्ण होता है।हालांकि, शपथ पत्रों से संबंधित आरोपों और प्रक्रिया में किसी अनियमितता की पुष्टि के लिए निर्वाचन अधिकारियों का पक्ष तथा संबंधित दस्तावेजों की जांच जरूरी है।
मतदान केंद्र के बाहर धरने पर बैठे ग्रामीण
मतगणना के दौरान मतों की संख्या को लेकर विवाद बढ़ने के बाद ग्रामीणों ने मतदान केंद्र के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सरपंच प्रत्याशी महेंद्र कुमार शर्मा भी धरने पर बैठे।घटना की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीणों की मांगों और मतगणना से जुड़ी शिकायतों का समाधान किस स्तर पर हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
परिणाम घोषित, फिर भी जारी रहा विरोध
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राजपुर बड़ा ग्राम पंचायत का चुनाव परिणाम देर रात घोषित कर दिया गया था। इसके बावजूद ग्रामीणों का विरोध जारी रहा।इस घटनाक्रम के बाद मतगणना के रिकॉर्ड, मतदान के कुल आंकड़ों और प्रत्याशी की शिकायत पर प्रशासनिक कार्रवाई महत्वपूर्ण हो गई है। निर्वाचन अधिकारियों की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने पर मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
निर्वाचन रिकॉर्ड की जांच से स्पष्ट होगी स्थिति
राजपुर बड़ा ग्राम पंचायत में विवाद का मुख्य मुद्दा मतदान और मतगणना के आंकड़ों में कथित अंतर है। इस मामले में मतदान के कुल मतों, मतगणना के रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों का मिलान महत्वपूर्ण होगा।यदि किसी अनियमितता की शिकायत की गई है, तो उसका निस्तारण निर्वाचन नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाना चाहिए। फिलहाल, महेंद्र कुमार शर्मा के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले में अंतिम स्थिति प्रशासनिक जांच और उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट होगी।