जयपुर में बेमौसम बारिश से बस्सी मंडी में नुकसान, 10 हजार बोरी बाजरा भीगा; सोमवार से कारोबार
जयपुर। जयपुर जिले के बस्सी कृषि उपज मंडी में शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश से करीब 10 हजार बोरी बाजरा भीग गया। मंडी यार्ड में पानी भरने से खुले में रखी जिंस को नुकसान पहुंचने की आशंका है। बाजरे को खराब होने से बचाने के लिए अब बोरियों से निकालकर सुखाया जाएगा। इसके बाद दोबारा भरकर गोदाम तक पहुंचाया जाएगा। इस प्रक्रिया में दो से तीन दिन लग सकते हैं। इसी कारण मंडी व्यापार एसोसिएशन ने सोमवार से कारोबार शुरू करने का निर्णय लिया है। दूसरी ओर, बस्सी, चाकसू और जमवारामगढ़ क्षेत्र में हुई बारिश से रबी फसलों की बुवाई के लिए खेतों में नमी बढ़ने की उम्मीद है।
बस्सी मंडी में बारिश से भीगा 10 हजार बोरी बाजरा
शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश ने बस्सी कृषि उपज मंडी की व्यवस्था प्रभावित कर दी। मंडी यार्ड में पानी भरने से खुले में रखी बाजरे की करीब 10 हजार बोरियां भीग गईं। बारिश के कारण व्यापारियों को जिंस के उठाव में भी परेशानी हुई।मंडी व्यापारी विनय डंगायच के अनुसार, बुधवार को मंडी में करीब 22 हजार बोरी बाजरे की आवक हुई थी। इसमें से लगभग आधी जिंस का उठाव कर लिया गया था, जबकि बाकी माल मंडी यार्ड में रखा था। गुरुवार को भी उठाव होना था, लेकिन बारिश शुरू होने से काम प्रभावित हो गया। शुक्रवार सुबह तेज बारिश के बाद बचा हुआ बाजरा भीग गया।
बोरियों से निकालकर सुखाना पड़ेगा बाजरा
व्यापारियों के सामने अब भीगी हुई जिंस को सुरक्षित रखने की चुनौती है। नमी वाले बाजरे को सीधे गोदाम में रखने से उसके खराब होने का खतरा हो सकता है। इसलिए मौसम साफ होने पर बाजरे को बोरियों से निकालकर खुले स्थान पर सुखाया जाएगा।इसके बाद सूखे बाजरे को दोबारा बारदानों में भरकर गोदाम तक पहुंचाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में दो से तीन दिन लगने की संभावना है। व्यापारियों का कहना है कि नमी के कारण बाजरे की चमक और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन जिंस सूखने और उसकी गुणवत्ता जांचने के बाद ही हो सकेगा।
सोमवार से शुरू होगा मंडी में कारोबार
बारिश से प्रभावित जिंस को सुरक्षित करने के लिए मंडी व्यापार एसोसिएशन ने सोमवार से कारोबार शुरू करने का निर्णय लिया है। इससे पहले व्यापारियों को भीगे बाजरे को सुखाने और उसका उठाव करने का समय मिलेगा।मंडी में कारोबार बंद रहने से किसानों और व्यापारियों को अपनी उपज की बिक्री के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसे में मौसम साफ रहना और जिंस को जल्द सुखाना जरूरी होगा।
बस्सी, चाकसू और जमवारामगढ़ में रबी फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद
जयपुर जिले के बस्सी, चाकसू और जमवारामगढ़ क्षेत्र में हुई बारिश से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। खेतों में नमी बढ़ने से रबी फसलों की बुवाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं।विशेष रूप से जिन किसानों ने आगामी फसलों के लिए खेत तैयार करने शुरू किए हैं, उन्हें इस बारिश से मदद मिल सकती है। हालांकि, बारिश का वास्तविक फायदा वर्षा की मात्रा, मिट्टी की स्थिति और खेतों में मौजूद नमी पर निर्भर करेगा।
बारिश से सड़कों पर जलभराव, तापमान में गिरावट
बस्सी शहर के कल्याणगंज, अस्पताल रोड और आसपास की कुछ कॉलोनियों में बारिश के बाद पानी भर गया। स्थानीय निवासी राधामोहन सैन के अनुसार, निचले इलाकों में जलभराव से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। कुछ सड़कों पर पानी जमा होने से वाहन चालकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस था, जो शुक्रवार को घटकर 18 डिग्री पर पहुंच गया। ठंडी हवाओं के चलते लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा।
किसानों को राहत, मंडी कारोबारियों को नुकसान की चिंता
बस्सी, चाकसू और जमवारामगढ़ में हुई बारिश से जहां रबी की बुवाई के लिए खेतों में नमी बढ़ने की उम्मीद है, वहीं बस्सी मंडी में खुले में रखी बाजरे की जिंस भीगने से व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।अब मौसम साफ होने, बाजरे को सुखाने और मंडी में कारोबार दोबारा शुरू होने पर स्थिति स्पष्ट होगी। व्यापारियों के लिए जिंस की गुणवत्ता बचाना प्राथमिकता है, जबकि किसानों को उम्मीद है कि बारिश रबी फसलों की बुवाई में मददगार साबित होगी।