भरतपुर में ‘PUC नहीं तो ईंधन नहीं’ नियम सख्त, 5 पेट्रोल पंपों की जांच; 41 वाहनों के चालान
भरतपुर। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए परिवहन विभाग ने पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं। अब वाहनों में पेट्रोल, डीजल या CNG भरने से पहले वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) की जांच करना अनिवार्य होगा। भरतपुर में पुलिस, रसद और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने पांच पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। इस दौरान बिना वैध PUC वाले वाहनों के खिलाफ 41 चालान किए गए। पेट्रोल पंपों की ओर से 60 वाहन चिह्नित किए गए थे, जिनमें से 44 को ईंधन देने से मना कर दिया गया।
पेट्रोल-डीजल भरने से पहले PUC की जांच जरूरी
NCR में प्रदूषण नियंत्रण के लिए ‘प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं तो ईंधन नहीं’ व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं होने पर वाहन को पेट्रोल, डीजल या CNG नहीं दिया जाएगा। परिवहन विभाग ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों और ईंधन बिक्री केंद्रों को इन निर्देशों का पालन करने को कहा है।इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान करना और उन्हें निर्धारित उत्सर्जन मानकों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ईंधन भरने से पहले PUC की वैधता जांचना जरूरी होगा।
ANPR सिस्टम से ऑनलाइन होगी प्रमाणपत्र की जांच
पेट्रोल पंपों पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) प्रणाली स्थापित की जा रही है। इस तकनीक के जरिए वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलाया जाएगा। इसके आधार पर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की वैधता जांची जा सकेगी।हालांकि, NCR के सभी जिलों में ANPR प्रणाली की स्थापना और संचालन पूरी तरह शुरू होने तक मैनुअल जांच जारी रहेगी। इसके लिए पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि उनके कर्मचारी प्रत्येक वाहन में ईंधन भरने से पहले PUC प्रमाणपत्र की वैधता जांचें।
पांच पेट्रोल पंपों का निरीक्षण, 41 चालान
भरतपुर में पुलिस, रसद विभाग और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने अभियान के तहत शहर के पांच पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। इनमें एलोरा सर्विस स्टेशन, भारद्वाज फिलिंग स्टेशन, आशय द फ्यूल सॉल्यूशन्स और तिवारी पेट्रोल पंप सहित अन्य केंद्र शामिल रहे।अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अभय मुदगल के अनुसार, पेट्रोल पंपों ने बिना वैध PUC वाले कुल 60 वाहनों को चिह्नित किया। इनमें से 44 वाहनों को ईंधन देने से मना कर दिया गया। अभियान के दौरान बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र वाले वाहनों के खिलाफ कुल 41 चालान किए गए।निरीक्षण के दौरान पेट्रोल पंपों पर ‘प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं तो ईंधन नहीं’ संदेश वाले बैनर भी लगे मिले।
नियम तोड़ने पर पेट्रोल पंप संचालकों पर कार्रवाई
संयुक्त टीम ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए कि वैध PUC प्रमाणपत्र के बिना किसी वाहन को ईंधन नहीं दिया जाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि चिकित्सा सहित निर्धारित आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर, यदि कोई पेट्रोल पंप बिना वैध प्रमाणपत्र वाले वाहन को ईंधन देता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।अभियान के दौरान वाहन चालकों और ग्राहकों को भी वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र रखने की जरूरत के बारे में बताया गया। विभाग ने पेट्रोल पंप संचालकों से कर्मचारियों को नियमों की जानकारी देने और जांच प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
बिना PUC वाहन चलाने पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना
अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अभय मुदगल ने बताया कि वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के बिना वाहन चलाने या संचालित करने पर लागू मोटर वाहन नियमों के तहत 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।इसलिए वाहन चालकों को अपने PUC प्रमाणपत्र की वैधता समय रहते जांच लेनी चाहिए। प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त होने पर अधिकृत केंद्र से उसका नवीनीकरण कराना जरूरी है। इससे चालान से बचने के साथ वाहन के उत्सर्जन मानकों का पालन भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए अभियान जारी
भरतपुर में पांच पेट्रोल पंपों के निरीक्षण और वाहनों के चालान की कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग ने नियमों का पालन कराने पर जोर दिया है। ANPR प्रणाली पूरी तरह चालू होने तक पेट्रोल पंप कर्मचारियों को मैनुअल जांच करनी होगी।अब अभियान के दौरान पेट्रोल पंपों पर प्रमाणपत्र जांच और वाहन चालकों की जागरूकता पर नजर रहेगी। विभाग का उद्देश्य NCR क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।