जयपुर में पत्नी की हत्या का आरोप, दो दिन तक तीन बच्चों के साथ कमरे में रहा पति; पुलिस को खुद दी सूचना
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में 38 वर्षीय महिला की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि पति ने विवाद के बाद पत्नी पर लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद वह करीब दो दिन तक तीन छोटे बच्चों के साथ उसी कमरे में रहा। शुक्रवार सुबह उसने खुद पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर घटना की जानकारी दी और फिर वहां से चला गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के समय दंपती के तीन बच्चे कमरे में मौजूद थे। महिला ने करवा चौथ के लिए पूजा का सामान भी खरीदा था।
करवा चौथ से पहले हुई वारदात
मामला जयपुर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र स्थित द्वारकापुरी अपार्टमेंट का है। यहां छठी मंजिल पर किराए के फ्लैट में 38 वर्षीय लक्ष्मी रेगर अपने पति प्रदीप (42) और तीन बच्चों के साथ रहती थीं। पुलिस के अनुसार, बुधवार को किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था।आरोप है कि विवाद के दौरान प्रदीप ने लोहे की रॉड से लक्ष्मी के सिर पर वार किया। गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने किसी को घटना की जानकारी नहीं दी और करीब दो दिन तक बच्चों के साथ कमरे में ही रहा।
दो दिन बाद खुद पुलिस को दी सूचना
शुक्रवार सुबह प्रदीप ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर पत्नी की मौत की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम द्वारकापुरी अपार्टमेंट पहुंची। वहां फ्लैट के बाहर ताला लगा हुआ था। पुलिस ने अंदर पहुंचकर महिला का शव बरामद किया।कमरे में मृतका के तीन बच्चे भी मौजूद थे। इनमें तीन साल की बेटी, डेढ़ साल का बेटा और ढाई महीने का शिशु शामिल हैं। पुलिस ने मौके पर एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया।
बच्चों को कमरे में छोड़कर फरार हुआ आरोपी
पुलिस के अनुसार, सूचना देने के बाद आरोपी मौके से चला गया था। सांगानेर एसीपी दीपक कुमार खंडेलवाल ने बताया कि पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की।इसके बाद पुलिस टीम ने अपार्टमेंट के पास एक गली से प्रदीप को पकड़ लिया। थानाधिकारी विक्रांत शर्मा के अनुसार, आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस हत्या से जुड़े घटनाक्रम और वारदात के बाद उसकी गतिविधियों की जांच कर रही है।
करवा चौथ के लिए खरीदा था पूजा का सामान
अपार्टमेंट में दुकान चलाने वाले रमेश के अनुसार, प्रदीप रोजाना दुकान से दूध, टोस्ट और बिस्किट खरीदता था। लेकिन पिछले दो दिनों से वह दुकान पर नहीं आया था।स्थानीय लोगों के मुताबिक, लक्ष्मी ने बुधवार को करवा चौथ के व्रत और पूजा के लिए सामान खरीदा था। त्योहार की तैयारियों के बीच हुई इस घटना से आसपास के लोग भी स्तब्ध हैं। परिवार के लिए करवा चौथ से पहले का समय गहरे दुख में बदल गया।
लक्ष्मी के परिवार और पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी मूल रूप से बूंदी की रहने वाली थीं। उनकी पहली शादी टोंक में हुई थी। बाद में वह पहले पति से अलग होकर प्रदीप के साथ रहने लगी थीं। प्रदीप अजमेर का निवासी बताया गया है और जयपुर में रंगाई-पुताई का काम करता था। लक्ष्मी भी उसके साथ मजदूरी करती थीं।पुलिस ने दोनों परिवारों को घटना की सूचना दे दी है। मामले में पोस्टमॉर्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
तीन छोटे बच्चों की देखभाल को लेकर चिंता
इस घटना में तीन छोटे बच्चे प्रभावित हुए हैं। सबसे छोटा बच्चा महज ढाई महीने का है। पुलिस और संबंधित प्रशासन के सामने अब बच्चों की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। हत्या के आरोप, घटना की परिस्थितियों और अन्य पहलुओं की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।