जयपुर वक्फ जमीन घोटाला: 25 हजार का इनामी नासिर खान पहुंचा हाईकोर्ट, अग्रिम जमानत पर सुनवाई आज
जयपुर: राजधानी जयपुर में जामिया तुल हिदाया ट्रस्ट की करोड़ों रुपये की वक्फ संपत्तियों को कथित फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने के मामले में नया मोड़ आया है। मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा नासिर खान सड़वा अग्रिम जमानत के लिए राजस्थान हाईकोर्ट पहुंचा है। जयपुर पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। सेशन कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद उसने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को इस याचिका पर सुनवाई प्रस्तावित है। वहीं, जामिया तुल हिदाया ट्रस्ट आरोपी की याचिका का विरोध करने की तैयारी में है।
25 हजार के इनामी नासिर खान ने हाईकोर्ट में लगाई अग्रिम जमानत याचिका
जयपुर में वक्फ संपत्तियों की कथित अवैध बिक्री का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। आरोपी नासिर खान सड़वा ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर में गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है।इससे पहले उसने सेशन कोर्ट में भी अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट का रुख किया। जयपुर पुलिस ने नासिर खान पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई शुक्रवार को कोर्ट नंबर 11 में न्यायमूर्ति अनिल कुमार उपमन की एकल पीठ के समक्ष प्रस्तावित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, याचिका सीरियल नंबर 130 पर सूचीबद्ध है।
ट्रस्ट आरोपी की याचिका का करेगा विरोध
जामिया तुल हिदाया ट्रस्ट की ओर से भी हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखने की तैयारी की गई है। ट्रस्ट आरोपी नासिर खान सड़वा की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करेगा।ट्रस्ट की ओर से अदालत को मामले से जुड़े पुराने आदेशों और जांच में सहयोग करने संबंधी निर्देशों की जानकारी देने की बात कही गई है। ट्रस्ट का आरोप है कि आरोपी ने अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किया। वह इस आधार पर अदालत से राहत नहीं देने की मांग करेगा।हालांकि, ट्रस्ट की ओर से लगाए गए आरोपों और कथित अवमानना के मुद्दे पर अदालत का रुख सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।
पुलिस जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप
पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस को 30 अक्टूबर तक आरोपी के खिलाफ किसी तरह की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था। साथ ही नासिर खान सड़वा को पुलिस जांच में पूरा सहयोग करने को कहा गया था।ट्रस्ट से जुड़ी जानकारी के अनुसार, पुलिस ने आरोपी को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था। लेकिन उसने बीमारी का हवाला देते हुए वकील के माध्यम से पुलिस के सामने पेश होने से असमर्थता जताई।ट्रस्ट का कहना है कि यह अदालत के निर्देशों का पालन नहीं करने का मामला है। वह शुक्रवार की सुनवाई में इस मुद्दे को उठाने की तैयारी कर रहा है। इन परिस्थितियों और आरोपी के पक्ष की पुष्टि अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों तथा पुलिस रिकॉर्ड से होगी।
एफआईआर रद्द कराने की याचिका पर भी नहीं मिली राहत
नासिर खान सड़वा ने इससे पहले अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए भी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस याचिका पर उसे फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है।अब अग्रिम जमानत की अर्जी पर होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मामले में अदालत के सामने आरोपी की दलीलों के साथ ट्रस्ट की आपत्तियां और जांच से जुड़े तथ्य भी रखे जा सकते हैं।
रामगढ़ रोड स्थित 80 बीघा से अधिक वक्फ संपत्ति का मामला
यह पूरा मामला जयपुर के रामगढ़ रोड स्थित जामिया तुल हिदाया ट्रस्ट की बेशकीमती वक्फ संपत्ति से जुड़ा है। ट्रस्ट के पास 80 बीघा से अधिक जमीन होने की जानकारी दी गई है।ट्रस्ट के मुताबिक, मोहम्मद जियाउर रहीम ट्रस्टी होने के साथ यहां संचालित मदरसे में वाइस प्रिंसिपल भी थे। आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन का कारोबार करने वाले नासिर खान सड़वा और अन्य लोगों के साथ मिलकर वक्फ संपत्तियों की बिक्री की।ट्रस्ट को इस कथित गड़बड़ी की जानकारी तब हुई, जब जमीन खरीदने वाले कुछ लोगों ने वहां निर्माण कार्य शुरू किया। इसके बाद संपत्ति के स्वामित्व और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों को लेकर विवाद सामने आया।
अदालत के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुई थी एफआईआर
ट्रस्ट ने कथित फर्जीवाड़े को लेकर जयपुर पुलिस से आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की थी। आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके बाद ट्रस्ट ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।अदालत के हस्तक्षेप के बाद पिछले वर्ष 1 जुलाई को जयपुर के जयसिंहपुरा खोर थाने में मामला दर्ज किया गया। ट्रस्ट का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी जांच में अपेक्षित तेजी नहीं आई।इस प्रकरण में मुख्य आरोपी बताए जा रहे मोहम्मद जियाउर रहीम को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, वह कुछ ही दिनों बाद जमानत पर बाहर आ गया। मामले में छह लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज होने और जांच के दौरान 21 अन्य लोगों के नाम सामने आने की जानकारी भी दी गई है।
वक्फ संपत्ति मामले में आज की सुनवाई अहम
जयपुर के इस मामले में अब सबकी नजर 30 अक्टूबर को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर है। आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका, पुलिस जांच में सहयोग को लेकर उठे सवाल और ट्रस्ट की आपत्तियां सुनवाई के प्रमुख पहलू हो सकते हैं।वहीं, वक्फ संपत्ति की कथित बिक्री, दस्तावेजों की वैधता और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच भी महत्वपूर्ण है। फिलहाल आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। अदालत की सुनवाई और पुलिस जांच के बाद ही मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।