राजस्थान RDX-हथियार तस्करी केस: पाक में बैठा ‘उमर चाचा’ कौन? कुलवंत सिंह सुक्खा के ISI नेटवर्क से जुड़े होने का शक
श्रीगंगानगर: भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रावला क्षेत्र में ड्रोन के जरिए विस्फोटक और हथियारों की खेप पहुंचाने के मामले में जांच एजेंसियों को अहम सुराग मिला है। इस मामले में कथित मुख्य आरोपी कुलवंत सिंह उर्फ सुक्खा को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया है। पंजाब पुलिस उसे पूछताछ के लिए पंजाब ले गई है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि सुक्खा का संपर्क पाकिस्तान में बैठे एक हैंडलर से था, जिसे कुछ रिपोर्टों में ‘चाचा अली’ और कुछ में ‘उमर चाचा’ कहा गया है। उसके ISI से कथित संबंधों और सीमा पार से हथियार-विस्फोटक मंगाने के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
रावला में ड्रोन से गिराई गई थी विस्फोटक और हथियारों की खेप
मामला राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रावला मंडी क्षेत्र का है। 12 अक्टूबर की रात 12 केएनडी ग्राम पंचायत के चक 4 केएनएम स्थित एक खेत में ड्रोन के जरिए तीन संदिग्ध पैकेट गिराए जाने की सूचना मिली थी।इसके बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF), राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान संदिग्ध विस्फोटक, विदेशी पिस्तौल, मैगजीन और कारतूस बरामद किए गए। शुरुआती जांच में विस्फोटक के RDX होने की आशंका जताई गई। इस खेप को सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजे जाने की जांच की जा रही है।
इस मामले में पंजाब के दो युवकों को कथित तौर पर खेप उठाने के दौरान गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में कुलवंत सिंह उर्फ सुक्खा की भूमिका सामने आने का दावा किया गया।
कुलवंत सिंह उर्फ सुक्खा कौन है?
कुलवंत सिंह उर्फ सुक्खा पंजाब के फिरोजपुर जिले के अलीके गांव का निवासी बताया गया है। उसके खिलाफ पंजाब में 10 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें ज्यादातर मामले मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त से जुड़े बताए जा रहे हैं।बताया गया है कि वह करीब आठ महीने तक बठिंडा जेल में बंद रहा था और अगस्त 2026 में बाहर आया था। इसके बाद उसका नाम फिर आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में सामने आया। जांच एजेंसियां अब उसके संपर्कों और कथित नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
जलालाबाद पुलिस स्टेशन पर ग्रेनेड हमले में भी आरोपी
कुलवंत सिंह का नाम पंजाब के फाजिल्का जिले के जलालाबाद स्थित सिटी पुलिस स्टेशन के पास 13 सितंबर को हुए ग्रेनेड हमले में भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, हमले में दो वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे। इस घटना के बाद दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था।जांच से जुड़े पुलिस सूत्रों का दावा है कि पूछताछ में इन आरोपियों ने कुलवंत सिंह के निर्देश पर हमला करने की बात कही थी। इसके बाद से उसकी तलाश की जा रही थी। पंजाब पुलिस के अनुसार, इस मामले में उसकी कथित भूमिका की जांच जारी है।
रावला में बरामद विस्फोटक और जलालाबाद हमले के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, यह भी जांच का अहम पहलू है। अभी दोनों घटनाओं के बीच संबंध को अंतिम रूप से प्रमाणित नहीं माना जा सकता।
फरीदाबाद से संयुक्त कार्रवाई में हुई गिरफ्तारी
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुलवंत सिंह फरीदाबाद के पंचायती झुग्गी गांव में अपनी बुआ के घर पहुंचा है। इसके बाद पंजाब पुलिस, हरियाणा की स्पेशल टास्क फोर्स और फरीदाबाद पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।उसे 28 अक्टूबर की सुबह गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद पंजाब पुलिस उसे पूछताछ के लिए पंजाब ले गई। पुलिस अब जलालाबाद ग्रेनेड हमले और राजस्थान में ड्रोन से पहुंचाई गई संदिग्ध खेप से जुड़े मामलों में उसकी कथित भूमिका की जांच कर रही है।
राजस्थान एटीएस भी रावला मामले में उससे पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
‘उमर चाचा’ कौन है और सुक्खा से क्या संबंध होने का शक?
इस मामले में ‘उमर चाचा’ नाम इसलिए चर्चा में है, क्योंकि जांच एजेंसियों को मिले इनपुट में पाकिस्तान में बैठे एक कथित हैंडलर का उल्लेख किया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में इसी व्यक्ति को ‘चाचा अली’ नाम से भी बताया गया है। रिपोर्टों में नाम को लेकर अंतर है, इसलिए दोनों नामों को एक ही व्यक्ति का प्रमाणित नाम मानना अभी उचित नहीं होगा।पुलिस सूत्रों के अनुसार, बठिंडा जेल में रहने के दौरान सुक्खा का संपर्क पाकिस्तानी तस्कर शहजाद भट्टी और सीमा पार सक्रिय बताए जा रहे नेटवर्क से हुआ था। आरोप है कि इसके बाद उसका इस्तेमाल मादक पदार्थों की तस्करी के साथ हथियारों और विस्फोटकों की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क में किया जाने लगा।हालांकि, कथित हैंडलर की वास्तविक पहचान, सुक्खा से उसके सीधे संपर्क और ISI से संबंधों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
राजस्थान एटीएस ने घोषित किया था एक लाख रुपये का इनाम
रावला में ड्रोन से गिराई गई खेप के मामले में कुलवंत सिंह पर राजस्थान एटीएस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां नेटवर्क की दूसरी कड़ियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।जानकारी के अनुसार, एटीएस की तीन टीमें पंजाब में दो अन्य वांछित आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। वहीं, श्रीगंगानगर में भी संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि खेप किसने भेजी, उसे उठाने की जिम्मेदारी किन लोगों को दी गई और आगे उसका इस्तेमाल कहां किया जाना था।
RDX और हथियारों की खेप का मकसद क्या था?
जांच एजेंसियों के सामने सबसे अहम सवाल यह है कि रावला में ड्रोन से गिराई गई खेप किस उद्देश्य से भेजी गई थी। क्या इसका इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि में होना था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था? फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों के बयान, डिजिटल साक्ष्य, संपर्कों और बरामद सामग्री के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही हैं। किसी संभावित आतंकी साजिश या हमले के उद्देश्य को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
सीमा पार तस्करी नेटवर्क की जांच जारी
रावला में संदिग्ध विस्फोटक और हथियारों की बरामदगी के बाद राजस्थान और पंजाब की सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं। कुलवंत सिंह की गिरफ्तारी से जांच को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।अब जांच में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि पाकिस्तान में बताए जा रहे हैंडलर की वास्तविक पहचान क्या है, सुक्खा का उससे किस तरह संपर्क था और इस नेटवर्क में अन्य कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल ये सभी पहलू जांच के दायरे में हैं। आरोपों की पुष्टि और प्रत्येक आरोपी की भूमिका का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।