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दिल्ली से बावल-बहरोड़ तक दौड़ सकती है नमो भारत ट्रेन, 32 हजार करोड़ के कॉरिडोर पर अगले सप्ताह फैसले की उम्मीद

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जाम से राहत और औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए नमो भारत ट्रेन कॉरिडोर की योजना पर नजरें टिकी हैं। करीब 32 हजार करोड़ रुपये की प्रस्तावित परियोजना पर अगले सप्ताह केंद्र सरकार की सैद्धांतिक मंजूरी को लेकर अहम बैठक होने की संभावना जताई जा रही है। योजना के पहले चरण में दिल्ली से गुरुग्राम, धारूहेड़ा, बावल और बहरोड़ तक कनेक्टिविटी विकसित करने का प्रस्ताव है। दूसरे चरण में इसे अलवर तक बढ़ाने की योजना है। यदि परियोजना को मंजूरी मिलती है, तो दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच सफर आसान हो सकता है।

दिल्ली से बावल-बहरोड़ तक नमो भारत कॉरिडोर की योजना

प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर दिल्ली और राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच तेज सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा में अहम माना जा रहा है। योजना के पहले चरण में दिल्ली से गुरुग्राम होते हुए धारूहेड़ा, बावल और बहरोड़ तक कनेक्टिविटी विकसित करने का प्रस्ताव है।इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां और रोजगार केंद्र मौजूद हैं। यहां से रोजाना कई कर्मचारी और कारोबारी दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न हिस्सों में आते-जाते हैं। ऐसे में तेज और नियमित सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होने से यात्रियों को वैकल्पिक साधन मिल सकता है।हालांकि, कॉरिडोर का अंतिम मार्ग, स्टेशन और निर्माण की समयसीमा आधिकारिक मंजूरी तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।

करीब 32 हजार करोड़ रुपये की परियोजना पर नजर

प्रस्तावित कॉरिडोर की लागत करीब 32 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। अगले सप्ताह केंद्र सरकार की सैद्धांतिक मंजूरी को लेकर बैठक होने की संभावना जताई गई है।सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद भी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए विस्तृत योजना, वित्तीय स्वीकृति, तकनीकी आकलन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। इसलिए बैठक में होने वाला फैसला परियोजना की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन इससे तत्काल निर्माण शुरू होने की पुष्टि नहीं होती।फिलहाल, इस प्रस्ताव को लेकर यात्रियों, औद्योगिक क्षेत्रों और आसपास के शहरों में कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।

दूसरे चरण में अलवर तक विस्तार का प्रस्ताव

योजना के दूसरे चरण में नमो भारत कॉरिडोर को अलवर तक विस्तार देने का प्रस्ताव है। इससे बहरोड़ और आसपास के क्षेत्रों के साथ अलवर की कनेक्टिविटी भी मजबूत हो सकती है।अलवर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों का दिल्ली-एनसीआर के साथ व्यापार, रोजगार और परिवहन के लिहाज से महत्वपूर्ण संबंध है। तेज सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होने पर यात्रियों को निजी वाहनों और सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिल सकता है।हालांकि, अलवर तक विस्तार का मार्ग और समयसीमा अभी प्रस्तावित योजना का हिस्सा हैं। इसकी वास्तविक स्थिति संबंधित सरकारी स्वीकृतियों और परियोजना की प्रगति से स्पष्ट होगी।

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जाम से राहत मिलने की उम्मीद

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर वाहनों का दबाव और ट्रैफिक जाम यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बनते हैं। खासकर गुरुग्राम, धारूहेड़ा, बावल और बहरोड़ जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को रोजाना यात्रा करनी पड़ती है।यदि नमो भारत कॉरिडोर विकसित होता है, तो यात्रियों को सड़क परिवहन के साथ तेज रेल-आधारित सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिल सकता है। इससे कुछ यात्रियों के निजी वाहनों का इस्तेमाल कम होने और हाईवे पर दबाव घटने की संभावना है।हालांकि, जाम में कितनी कमी आएगी, यह कॉरिडोर की क्षमता, स्टेशन की स्थिति, किराए और यात्रियों की संख्या पर निर्भर करेगा।

राव इंद्रजीत सिंह और लक्ष्मण सिंह यादव भी उठा चुके हैं मांग

इस परियोजना को आगे बढ़ाने की मांग केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव भी उठाते रहे हैं। क्षेत्रीय नेताओं का जोर दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा-राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच बेहतर परिवहन संपर्क विकसित करने पर रहा है।बेहतर कनेक्टिविटी से कर्मचारियों, कारोबारियों और अन्य यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही, औद्योगिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास को भी सहारा मिल सकता है।हालांकि, परियोजना की प्रगति का वास्तविक आकलन केंद्र सरकार की मंजूरी, संबंधित एजेंसियों के निर्णय और आधिकारिक घोषणा के बाद ही किया जा सकेगा।

हरियाणा में अन्य नमो भारत कॉरिडोर भी प्रस्तावित

दिल्ली से बावल-बहरोड़ कॉरिडोर के अलावा हरियाणा में अन्य नमो भारत मार्गों की योजनाएं भी प्रस्तावित हैं। इनमें दिल्ली-पानीपत-करनाल और गुरुग्राम-फरीदाबाद-जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर शामिल हैं।इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख शहरों, औद्योगिक क्षेत्रों और हवाई अड्डे के बीच परिवहन संपर्क बेहतर बनाना है। यदि इन्हें मंजूरी मिलती है, तो क्षेत्रीय यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन के अधिक विकल्प मिल सकते हैं।हालांकि, इन कॉरिडोर की मंजूरी, निर्माण और संचालन की समयसीमा अलग-अलग सरकारी निर्णयों पर निर्भर करेगी।

अब अगले सप्ताह की बैठक पर टिकी नजरें

करीब 32 हजार करोड़ रुपये की प्रस्तावित नमो भारत परियोजना को लेकर अगले सप्ताह होने वाली संभावित बैठक अहम मानी जा रही है। सैद्धांतिक मंजूरी मिलने पर परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।दिल्ली से गुरुग्राम, धारूहेड़ा, बावल और बहरोड़ होते हुए अलवर तक बेहतर कनेक्टिविटी का प्रस्ताव यात्रियों और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। लेकिन अंतिम मार्ग, लागत, स्टेशन और निर्माण कार्यक्रम की पुष्टि आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।फिलहाल, दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जाम से राहत और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीदों के बीच इस परियोजना के अगले फैसले पर सबकी नजर है।

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Stv News Rajasthan

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