अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद सचिन थापन ने खत्म की भूख हड़ताल, बिगड़ गई थी तबीयत
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद विचाराधीन बंदी सचिन थापन ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। उसने 5 अक्टूबर से खाना छोड़ रखा था। तबीयत बिगड़ने पर उसे जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जेल प्रशासन और चिकित्सकों की समझाइश के बाद उसने बिना शर्त भूख हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया।
जेल प्रशासन की समझाइश के बाद खत्म की भूख हड़ताल
राजस्थान के अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में बंद सचिन थापन ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को दोपहर करीब डेढ़ से दो बजे के बीच उसने भोजन करना शुरू करने का फैसला लिया। जेल प्रशासन और चिकित्सकों ने उसे समझाया था। इसके बाद उसने बिना किसी शर्त के भूख हड़ताल खत्म कर दी। उसके इस फैसले के बाद जेल प्रशासन ने राहत महसूस की।
5 अक्टूबर से नहीं कर रहा था भोजन
जानकारी के मुताबिक, सचिन थापन ने 5 अक्टूबर से खाना छोड़ रखा था। बताया जा रहा है कि वह अपने साथियों के साथ एक ही बैरक में रहने की मांग को लेकर नाराज था। हालांकि, उसने इस संबंध में जेल प्रशासन को कोई लिखित मांग पत्र नहीं दिया था। लगातार भोजन नहीं करने के कारण उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद उसे उपचार के लिए जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया।
तबीयत बिगड़ने पर JLN अस्पताल में भर्ती
भूख हड़ताल के दौरान सचिन थापन की तबीयत खराब होने पर जेल प्रशासन ने उसे अस्पताल पहुंचाया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह करीब एक दिन अस्पताल में भर्ती रहा। चिकित्सकों की निगरानी और जेल प्रशासन की समझाइश के बाद उसने भूख हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया। फिलहाल उसकी स्वास्थ्य स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में उसके स्वास्थ्य को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
सीसीटीवी कैमरे तोड़ने की घटना के बाद बदली गई थी बैरक
सचिन थापन को मई 2024 में जोधपुर केंद्रीय कारागार से अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया था। जानकारी के अनुसार, जेल की एक बैरक में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़े जाने की घटना के बाद सचिन और उसके साथियों को संबंधित वार्ड से अलग कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि इसी के बाद बैरक में साथ रहने को लेकर विवाद की स्थिति बनी। हालांकि, इस घटनाक्रम के सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
नवरात्रि में भी रखा था उपवास
जेल अधीक्षक के अनुसार, सचिन थापन ने नवरात्रि के दौरान भी नौ दिन उपवास रखा था। वह पूजा-पाठ भी करता था। हालांकि, नवरात्रि के उपवास और हालिया भूख हड़ताल को अलग-अलग घटनाओं के रूप में देखा जाना चाहिए। लगातार भोजन नहीं करने के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाना पड़ा था। इससे पहले भी उसे उपचार के लिए JLN अस्पताल लाए जाने की जानकारी सामने आई है।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में आरोपी है सचिन थापन
सचिन थापन उर्फ सचिन बिश्नोई को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भांजा बताया जाता है। वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में आरोपी है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में उसकी कथित भूमिका रेकी, हथियारों और लॉजिस्टिक सहायता से जुड़े पहलुओं में रही है। हालांकि, किसी आरोपी की भूमिका और दोष का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होता है। फिलहाल अजमेर जेल में उसकी भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।