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शिवा शर्मा मर्डर केस: 12 दिन की फरारी के बाद मॉडल श्रद्धा दुबे गिरफ्तार, 9 से 21 अक्टूबर तक की पूरी टाइमलाइन

लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मॉडल श्रद्धा दुबे और उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज हो गई है। 9 अक्टूबर को अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर शिवा शर्मा की मौत हुई थी। इसके बाद परिवार ने हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई। करीब 12 दिन की तलाश के बाद यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस ने नागपुर से श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश को गिरफ्तार किया। वहीं, 21 अक्टूबर को मामले में नामजद आदिल की गिरफ्तारी की खबर भी सामने आई। आइए जानते हैं 9 से 21 अक्टूबर तक इस केस में क्या-क्या हुआ।

9 अक्टूबर: चौथी मंजिल से गिरकर कारोबारी की मौत

लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र स्थित बालू अड्डा के अवध ग्रीन अपार्टमेंट में 9 अक्टूबर को कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह अलीगंज के निवासी थे।जानकारी के अनुसार, शिवा शर्मा अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे। इस घटना के बाद उनकी मौत को लेकर कई सवाल उठने लगे।शुरुआत में घटना की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग आशंकाएं सामने आईं। हालांकि, परिवार ने इसे हादसा मानने के बजाय हत्या का मामला बताया।

10 अक्टूबर: श्रद्धा दुबे समेत अन्य के खिलाफ FIR

शिवा शर्मा की मां रंजना शर्मा की शिकायत पर 10 अक्टूबर को हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई।शिकायत में मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे, चालक तनवीर अली उर्फ दानिश, आदिल और अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए।परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। नामजद लोगों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें सक्रिय हुईं।हालांकि, एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है। शिवा शर्मा की मौत की वास्तविक परिस्थितियां जांच का अहम हिस्सा हैं।

13 अक्टूबर: नेपाल भागने की आशंका, आरोपियों पर इनाम

जांच के दौरान आरोपियों की गाड़ी के सीतापुर-लखीमपुर मार्ग से बहराइच के रुपईडीहा पहुंचने की जानकारी सामने आई।पुलिस को आरोपियों की आखिरी लोकेशन भारत-नेपाल सीमा के नजदीक सुबह करीब 6 बजकर 20 मिनट पर मिली। इसके बाद उनके नेपाल भागने की आशंका जताई गई।13 अक्टूबर को पुलिस ने तीन आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया।इसी दौरान बहराइच के रुपईडीहा इलाके में श्रद्धा की एसयूवी पार्किंग में खड़ी मिली। लेकिन गाड़ी बरामद होने के बावजूद आरोपियों का पता नहीं चल सका।

15 अक्टूबर: सोशल मीडिया वीडियो से श्रद्धा ने दी सफाई

फरारी के दौरान 15 अक्टूबर को श्रद्धा दुबे के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए।इन वीडियो में श्रद्धा ने शिवा शर्मा की मौत को आत्महत्या बताते हुए खुद को निर्दोष बताया। एक अन्य वीडियो में शिवा पर कर्ज होने और जेवर ले जाने से जुड़े दावे भी सामने आए।हालांकि, ये बातें श्रद्धा की ओर से रखे गए दावे थे। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी।शिवा की मौत आत्महत्या थी, हादसा था या हत्या, इसका निर्धारण केवल सोशल मीडिया वीडियो से नहीं किया जा सकता।

16 और 17 अक्टूबर: नेपाल पुलिस से मदद, गैर-जमानती वारंट जारी

16 अक्टूबर को आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने नेपाल पुलिस से मदद मांगी।इसके अगले दिन 17 अक्टूबर को श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और चालक दानिश के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए।इसी दौरान पुलिस विभाग में भी कार्रवाई हुई। हजरतगंज के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया।आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के बीच जांच और पुलिस कार्रवाई को लेकर मामला लगातार चर्चा में रहा।

18 अक्टूबर: इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये की गई

18 अक्टूबर को पुलिस ने फरार चालक दानिश के परिजनों से पूछताछ की।आरोपियों की तलाश के बीच इनाम की राशि बढ़ा दी गई। पहले 25 हजार रुपये का इनाम था, जिसे बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये किया गया।इसी दिन डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को भी पद से हटा दिया गया।लगातार हो रही कार्रवाई से साफ था कि पुलिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बढ़ रहा था।

19 अक्टूबर: रायबरेली में श्रद्धा के घर पहुंची पुलिस

19 अक्टूबर को पुलिस टीम श्रद्धा दुबे की तलाश में रायबरेली स्थित उसके घर पहुंची।यहां उसके पिता एसपी दुबे और सौतेली मां से पूछताछ की गई। हालांकि, श्रद्धा के बारे में कोई ठोस जानकारी मिलने की पुष्टि नहीं हुई।इसके बाद एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा को भी पद से हटा दिया गया।जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों पर हुई कार्रवाई ने भी इस मामले को सुर्खियों में बनाए रखा।

20 अक्टूबर: नागपुर से श्रद्धा दुबे, रश्मि और दानिश गिरफ्तार

करीब 12 दिन की तलाश के बाद 20 अक्टूबर को जांच में बड़ा मोड़ आया।उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने महाराष्ट्र पुलिस की मदद से नागपुर के एक अपार्टमेंट में कार्रवाई की। यहां से श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश को गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तारी के बाद तीनों को नागपुर जिला न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस को 48 घंटे का ट्रांजिट रिमांड मिला।इसके बाद एसटीएफ की टीम तीनों आरोपियों को लेकर लखनऊ के लिए रवाना हुई।नागपुर से लखनऊ तक करीब 850 किलोमीटर का सफर तय करने में टीम को लगभग 25 घंटे लगे।

21 अक्टूबर: लखनऊ पहुंची पुलिस टीम, आदिल की गिरफ्तारी

21 अक्टूबर को श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और दानिश को लेकर पुलिस का काफिला लखनऊ पहुंचा।तीनों को हजरतगंज थाने लाया गया। थाने में दाखिल होते समय श्रद्धा मीडिया के कैमरों से बचती नजर आई। उसने हाथ और दुपट्टे से चेहरा ढकने की कोशिश की।पुलिस ने तीनों को अलग-अलग बैठाकर पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की।इसी बीच मामले में नामजद आदिल की गिरफ्तारी की खबर भी सामने आई। आदिल को श्रद्धा का मित्र और मैनेजर बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई।अब जांच में फरारी के दौरान आरोपियों की गतिविधियों और संभावित मददगारों से जुड़े पहलुओं पर भी सवाल उठ रहे हैं।

वायरल ऑडियो ने बढ़ाई चर्चा, लेकिन पुष्टि जरूरी

इस मामले में श्रद्धा दुबे का एक कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई।ऑडियो को लेकर दावा किया गया कि इसमें शिवा शर्मा के साथ कथित गाली-गलौज और उन्हें बदनाम करने की धमकी से जुड़ी बातचीत है।सोने के कारोबार की रिकॉर्डिंग और परिचितों से जुड़ी बातचीत होने के दावे भी किए गए।हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसकी आवाज, संदर्भ और वास्तविकता की जांच जरूरी है।इसलिए वायरल ऑडियो को मामले का निर्णायक सबूत या जांच का निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

क्या शिवा शर्मा भी ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसे थे?

सोशल मीडिया पर श्रद्धा दुबे को लेकर हाई प्रोफाइल लोगों को कथित तौर पर फंसाने और ब्लैकमेल करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।हालांकि, ऐसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना जरूरी है। किसी व्यक्ति के खिलाफ सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप अपने आप में अपराध का प्रमाण नहीं होते।इस मामले में भी कई सवाल अभी अनसुलझे हैं। क्या शिवा शर्मा और श्रद्धा के बीच आर्थिक विवाद था? क्या उन्हें किसी तरह की धमकी दी गई थी? क्या घटना से पहले दोनों के बीच कोई विवाद हुआ था?इन सवालों के जवाब पुलिस जांच, डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, वित्तीय लेनदेन और अन्य साक्ष्यों से ही सामने आ सकते हैं।

हत्या, आत्महत्या या हादसा? अब जांच पर टिकी नजरें

शिवा शर्मा की मौत के मामले में सबसे बड़ा सवाल अब भी कायम है। आखिर 9 अक्टूबर को अवध ग्रीन अपार्टमेंट में क्या हुआ था?परिवार ने हत्या का आरोप लगाया है। वहीं, श्रद्धा दुबे ने सोशल मीडिया वीडियो में मौत को आत्महत्या बताया था।लेकिन दोनों पक्षों के दावों से अलग घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाना जरूरी है।फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम निष्कर्ष, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और डिजिटल रिकॉर्ड जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।आरोपियों की गिरफ्तारी मामले में जांच का एक अहम पड़ाव है। लेकिन गिरफ्तारी का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है।फिलहाल, पुलिस जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया से ही शिवा शर्मा की मौत की पूरी कहानी स्पष्ट हो सकेगी।

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Stv News Rajasthan

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