अलवर सड़क हादसा: पत्नी का शव देख बिलखता रहा पति, दो मासूम बेटों की चिंता ने तोड़ा
अलवर के जयपुर रोड पर भाखेड़ा के पास रोडवेज बस की टक्कर से शिक्षिका अंबाला सोनी की मौत हो गई। हादसे के बाद पति आकाश सोनी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उन्हें बार-बार अपने दो मासूम बेटों की चिंता सता रही थी। उधर, स्थानीय लोगों ने सड़क पर शव रखकर करीब ढाई घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रशासन ने हादसे वाली जगह पर ब्रेकर और साइन बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया।
पत्नी की मौत से टूट गया पति, बच्चों की चिंता में छलके आंसू
अलवर में सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। जयपुर रोड पर भाखेड़ा के पास रोडवेज बस की टक्कर से शिक्षिका अंबाला सोनी की जान चली गई। पत्नी का शव देखकर पति आकाश सोनी बदहवास हो गए। वह कभी पत्नी को देखकर रोते, तो कभी अपने दो मासूम बेटों को याद कर बिलखने लगते।आकाश बार-बार यही सवाल कर रहे थे कि वह बच्चों को कैसे बताएंगे कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं रहीं। उनकी बातें सुनकर घटनास्थल पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। परिवार पर अचानक आए इस दुख ने हर किसी को भावुक कर दिया।
आठ साल से स्कूल में पढ़ा रही थीं अंबाला सोनी
साथी शिक्षिका शालू चौहान के अनुसार, अंबाला सोनी अलवर शहर के मुंशी बाजार की रहने वाली थीं। वह पिछले आठ साल से भाखेड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षिका के रूप में सेवाएं दे रही थीं। उनके पति आकाश सोनी आयशर कंपनी में मैनेजर हैं।दंपती के दो बेटे हैं। छोटा बेटा एलकेजी में और बड़ा बेटा तीसरी कक्षा में पढ़ता है। मां की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे के बाद पति की बेबसी और बच्चों के भविष्य की चिंता ने वहां मौजूद लोगों को भी झकझोर दिया।
स्कूल से करीब 100 मीटर दूर हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 12 बजे के बाद अंबाला सोनी स्कूटी से स्कूल से अपने घर लौट रही थीं। स्कूल से लगभग 100 मीटर दूर जयपुर की ओर से आ रही रोडवेज बस ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद बस शिक्षिका और स्कूटी को करीब 20 मीटर तक घसीटती चली गई। हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट आई और हेलमेट भी टूट गया। शिक्षिका की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों ने उठाए सड़क सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हादसा उनकी गली के बाहर हुआ। उनके मुताबिक, शिक्षिका स्कूटी से धीरे-धीरे जा रही थीं, तभी जयपुर की तरफ से आई बस ने टक्कर मार दी। लोगों ने रोडवेज बसों की तेज रफ्तार को लेकर भी चिंता जताई।उन्होंने बताया कि क्षेत्र में स्कूल दो शिफ्ट में संचालित होते हैं। सुबह भाखेड़ा और शाम को धोलाकुआं स्कूल चलता है। ऐसे में बच्चों का भी सड़क से आना-जाना लगा रहता है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि यदि सड़क पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए, तो भविष्य में किसी बच्चे के साथ भी गंभीर हादसा हो सकता है।
ढाई घंटे तक जाम, ब्रेकर लगाने का आश्वासन
हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के कारण जयपुर रोड पर करीब ढाई घंटे तक यातायात बाधित रहा। सूचना मिलने पर सीओ सिटी राजेश कसाना और एडीएम सिटी अंबालाल मीणा मौके पर पहुंचे।अधिकारियों ने लोगों को समझाया और कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। इसके बाद शव को अस्पताल भिजवाया गया। प्रशासन ने हादसे वाली जगह पर ब्रेकर और साइन बोर्ड लगाने का काम शुरू कराने का आश्वासन दिया। मौके पर अरावली विहार और अखैपुरा थाना सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
सड़क सुरक्षा के इंतजाम जरूरी
भाखेड़ा के पास हुआ यह हादसा सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्कूल के नजदीक वाहनों की गति नियंत्रित करना और जरूरी संकेतक लगाना दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने में मदद कर सकता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।