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झुंझुनूं पंचायत चुनाव: BJP में परिवारवाद के आरोप, पूर्व सांसदों की 3 बहुओं समेत कई रिश्तेदारों को टिकट

राजस्थान के झुंझुनूं जिला परिषद चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के टिकट वितरण के बाद राजनीतिक परिवारों की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। भाजपा ने पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार की दो बहुओं समेत कई नेताओं की पत्नियों, बेटियों और रिश्तेदारों को टिकट दिया है। पूर्व सांसद संतोष अहलावत की पुत्रवधू और पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी की बेटी दीक्षा अहलावत को भी उम्मीदवार बनाया गया है। जिला प्रमुख का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने से महिला प्रत्याशियों के चयन को राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, टिकट मिलने का अर्थ जिला प्रमुख पद की दावेदारी तय होना नहीं है।

पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार की दोनों बहुओं को टिकट

भाजपा ने पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार के परिवार को टिकट वितरण में प्रतिनिधित्व दिया है। उनकी पुत्रवधू और निवर्तमान जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरी को वार्ड नंबर 5 से प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं, उनकी दूसरी पुत्रवधू अनामिका पूनिया को वार्ड नंबर 6 से टिकट मिला है।हर्षिनी कुलहरी पहले जिला प्रमुख रह चुकी हैं। वह वर्तमान में भाजपा की जिलाध्यक्ष भी हैं। ऐसे में उनका चुनाव मैदान में उतरना राजनीतिक अनुभव और जिला प्रमुख पद की संभावित दावेदारी के संदर्भ में चर्चा में है।एक ही परिवार की दो महिलाओं को अलग-अलग वार्डों से टिकट मिलने के बाद पार्टी की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों उम्मीदवारों की जीत और जिला प्रमुख पद को लेकर अंतिम स्थिति चुनाव परिणाम तथा पार्टी के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।

नेताओं की पत्नियों और बेटियों को भी मिला मौका

भाजपा की सूची में संगठन और राजनीति से जुड़े कई परिवारों की महिलाओं को टिकट दिया गया है।

  • मीनू गजराज: पूर्व युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष और किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता सतीश गजराज की पत्नी को वार्ड 29 से टिकट मिला है।
  • पूजा बावल: वार्ड 3 के पार्षद राजेश बावल की पत्नी को उम्मीदवार बनाया गया है।
  • नेहा पूनिया: भाजपा केंद्रीय समिति के सदस्य विश्वम्भर पूनिया की बेटी को वार्ड 39 से टिकट दिया गया है।
  • सविता पूनिया: सूरजगढ़ के पूर्व विधायक सुभाष पूनिया के भाई की पत्नी और पूर्व प्रधान सविता पूनिया को वार्ड 35 से प्रत्याशी बनाया गया है।
  • सुमित्रा चौधरी: भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री सरजीत चौधरी की पत्नी और पूर्व जिला परिषद सदस्य को वार्ड 40 से टिकट मिला है।
  • निकिता भालोठिया: निवर्तमान जिला परिषद सदस्य अजय भालोठिया की पत्नी को वार्ड 20 से उम्मीदवार बनाया गया है।

इसके अलावा भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और पूर्व उप जिला प्रमुख बनवारीलाल सैनी को वार्ड 41 से टिकट दिया गया है। इन नामों से स्पष्ट है कि पार्टी ने संगठनात्मक अनुभव रखने वाले नेताओं के साथ उनके परिवारों से जुड़ी महिलाओं को भी अवसर दिया है।

दीक्षा अहलावत की उम्मीदवारी से दो राजनीतिक परिवार चर्चा में

पूर्व सांसद संतोष अहलावत की पुत्रवधू और पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी की बेटी दीक्षा अहलावत को वार्ड 18 से प्रत्याशी बनाया गया है।दीक्षा का जुड़ाव दो राजनीतिक परिवारों से होने के कारण उनकी उम्मीदवारी को स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के नजरिए से भी देखा जा रहा है। टिकट की घोषणा के बाद यह चर्चा तेज हुई है कि जिला परिषद चुनाव में पारिवारिक संबंधों और संगठनात्मक प्रभाव की कितनी भूमिका रही।हालांकि, किसी उम्मीदवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि के आधार पर उसकी जीत या जिला प्रमुख पद पर दावेदारी तय नहीं मानी जा सकती। इसका फैसला चुनाव परिणाम और पार्टी के भीतर बनने वाले समीकरणों पर निर्भर करेगा।

कांग्रेस ने भी नेताओं के परिवारों और पूर्व पदाधिकारियों को टिकट दिया

झुंझुनूं जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस की सूची में भी राजनीतिक अनुभव रखने वाले नेताओं और उनके परिवारों से जुड़े नाम शामिल हैं।युवा कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रह चुके सुधींद्र मूंड की पत्नी रंजना कुमारी धींवा को वार्ड 20 से टिकट दिया गया है। युवा कांग्रेस का चुनाव लड़ चुके दिनेश कुमार को वार्ड 19 से उम्मीदवार बनाया गया है।चिड़ावा के पूर्व प्रधान की पुत्रवधू विनीता रणवां को वार्ड 39 से टिकट मिला है। भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुईं झुंझुनूं पंचायत समिति की पूर्व प्रधान सुशीला सीगड़ा को वार्ड 6 से प्रत्याशी बनाया गया है। कांग्रेस के निवर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष खलील बुढ़ाना को वार्ड 41 से टिकट दिया गया है।इस तरह दोनों प्रमुख दलों के टिकट वितरण में राजनीतिक अनुभव, संगठनात्मक संबंधों और पारिवारिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार सामने आए हैं।

महिला आरक्षण के बीच जिला प्रमुख पद पर नजर

झुंझुनूं जिला प्रमुख का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। इस वजह से जिला परिषद चुनाव में महिला उम्मीदवारों के चयन को विशेष महत्व दिया जा रहा है।राजनीतिक परिवारों से जुड़ी महिलाओं को टिकट मिलने के बाद यह चर्चा भी हो रही है कि चुनाव जीतने वाली महिला प्रत्याशियों में से कौन जिला प्रमुख पद की दावेदार बन सकती है। लेकिन केवल टिकट मिलने से किसी उम्मीदवार का नाम इस पद के लिए तय नहीं हो जाता।जिला प्रमुख का चयन चुनाव परिणाम, जिला परिषद में संबंधित दल की स्थिति और पार्टी के आंतरिक निर्णयों पर निर्भर करेगा। इसलिए फिलहाल उम्मीदवारों की सूची को चुनावी रणनीति के एक हिस्से के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

टिकट वितरण के बाद राजनीतिक चर्चा तेज

झुंझुनूं जिला परिषद चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के टिकट वितरण ने महिला प्रतिनिधित्व के साथ राजनीतिक परिवारों की भूमिका पर भी बहस छेड़ दी है। भाजपा में पूर्व सांसदों की बहुओं और अन्य नेताओं के परिवारों से जुड़ी महिलाओं को टिकट मिला है। वहीं, कांग्रेस ने भी पूर्व पदाधिकारियों और नेताओं के परिवारों से जुड़े उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।अब चुनाव प्रचार, स्थानीय मुद्दों और मतदाताओं के रुख पर नजर रहेगी। जिला प्रमुख पद को लेकर वास्तविक तस्वीर चुनाव परिणाम और दलों के अंतिम निर्णय के बाद ही सामने आएगी।

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Stv News Rajasthan

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