सीकर: रात 3 बजे पानी भरने उठी 21 वर्षीय नेहा, छत से गिरने से मौत; जलापूर्ति के समय पर उठे सवाल
सीकर जिले के रींगस कस्बे के वार्ड 21 में मंगलवार तड़के छत से गिरने के बाद 21 वर्षीय नेहा सेन की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, नेहा रात करीब 3 बजे पानी भरने के लिए उठी थी। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह छत से नीचे गिर गई। गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों ने पानी की अनियमित सप्लाई पर नाराजगी जताते हुए जलदाय विभाग से जलापूर्ति का समय निर्धारित करने की मांग की है।
रात 3 बजे पानी भरने उठी थी नेहा सेन
सीकर जिले के रींगस कस्बे के वार्ड 21 में रहने वाली नेहा सेन पुत्री श्रवण सेन मंगलवार तड़के करीब 3 बजे पानी भरने के लिए उठी थी। परिजनों के अनुसार, इसी दौरान नींद की अवस्था में उसका संतुलन बिगड़ गया और वह छत से नीचे गिर गई।हादसे के बाद परिवार के लोग उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। युवती की हालत गंभीर होने के कारण उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उपचार के दौरान मंगलवार देर रात उसकी मौत हो गई। इस घटना से परिवार में शोक छा गया। बुधवार सुबह राजकीय उप जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पानी की अनियमित सप्लाई से लोगों को परेशानी
परिजनों का कहना है कि रींगस में जलापूर्ति का कोई निश्चित समय नहीं है। कई बार पानी की सप्लाई रात करीब 3 बजे या इससे पहले शुरू हो जाती है। ऐसे में घरों में पानी जमा करने के लिए लोगों को रात में ही उठना पड़ता है।परिवार के अनुसार, पानी की जरूरत पूरी करने के लिए लोगों को अपनी नींद और दिनचर्या से समझौता करना पड़ता है। देर रात या तड़के पानी भरने की मजबूरी से बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को भी परेशानी होती है। नेहा के साथ हुए हादसे के बाद यह समस्या एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
जलापूर्ति का समय निर्धारित करने की मांग
नेहा की मौत के बाद परिजनों ने जलदाय विभाग से पानी की सप्लाई का समय तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जलापूर्ति नियमित और निर्धारित समय पर हो, तो लोगों को असामान्य समय पर उठकर पानी भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।परिजनों के मुताबिक, वर्तमान व्यवस्था में पानी आने का समय निश्चित नहीं होने से लोगों को लगातार इंतजार करना पड़ता है। कई परिवारों को रात में ही पानी भरने की तैयारी करनी पड़ती है। उनका आग्रह है कि विभाग सप्लाई का समय तय कर इसकी जानकारी आम लोगों तक पहुंचाए, ताकि वे अपनी दिनचर्या उसी के अनुसार व्यवस्थित कर सकें।
हादसे के बाद व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद
रींगस में हुए इस हादसे ने पानी की अनियमित आपूर्ति से जुड़ी स्थानीय परेशानी को सामने ला दिया है। परिजनों की मांग है कि जलदाय विभाग समस्या पर गंभीरता से ध्यान दे और जलापूर्ति के लिए सुविधाजनक समय निर्धारित करे।हालांकि, नेहा की मौत की परिस्थितियों और जलापूर्ति व्यवस्था के बीच संबंध को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। परिजनों ने इस घटना के बाद समय निर्धारण की मांग उठाई है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मांग पर क्या कदम उठाता है।