रामलीला मैदान में चल रही रामलीला, विरोध प्रदर्शन की जगह पर सौरभ भारद्वाज ने उठाए सवाल
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के निर्धारित स्थलों को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने रामलीला मैदान का वीडियो साझा कर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मैदान में रामलीला के आयोजन के कारण प्रदर्शन करना मुश्किल हो सकता है। दरअसल, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाकर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के CBD मैदान को नए विकल्पों के रूप में तय किया है।
रामलीला मैदान का वीडियो शेयर कर सौरभ भारद्वाज ने उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर रामलीला मैदान का एक वीडियो साझा किया। वीडियो में मैदान पर रामलीला आयोजन के लिए पंडाल लगे दिखाई दे रहे हैं।भारद्वाज ने इस स्थिति को लेकर सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने नागरिकों के साथ धोखा किया है।उन्होंने पोस्ट में लिखा कि रामलीला मैदान पर पहले से आयोजन चल रहे हैं। ऐसे में यहां विरोध प्रदर्शन कैसे किया जा सकता है? उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या इस व्यवस्था से अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो सकती है।उनकी टिप्पणी के बाद दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के लिए तय किए गए नए स्थलों को लेकर बहस शुरू हो गई है।
जंतर-मंतर की जगह तीन नए प्रदर्शन स्थल तय
दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की सूची में बदलाव किया है। इसके तहत जंतर-मंतर को सूची से हटाकर तीन नए स्थान तय किए गए हैं।इनमें रामलीला मैदान, उत्तरी दिल्ली का बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का CBD मैदान शामिल हैं। इन स्थानों को विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के विकल्प के तौर पर चुना गया है।उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रदर्शन के लिए उपयुक्त वैकल्पिक स्थलों की समीक्षा करने हेतु एक समिति गठित की थी। समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को निर्धारित स्थल की सूची से हटाने का आदेश जारी किया गया।इस फैसले के बाद अब इन तीनों स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित करने की व्यवस्था को लेकर चर्चा हो रही है।
प्रदर्शन के लिए अलग SOP जारी होगी
पुलिस के अनुसार, रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD मैदान पर विरोध प्रदर्शन तथा धरने आयोजित करने के लिए अलग मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की जाएगी।इसमें प्रदर्शन की अनुमति, आयोजन से जुड़ी शर्तों और व्यवस्था संबंधी नियमों की जानकारी दी जा सकती है। हालांकि, इन स्थलों पर लागू होने वाली विस्तृत प्रक्रिया का इंतजार है।बताया गया है कि नया आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी स्थायी आदेश में आंशिक संशोधन के रूप में जारी किया गया है।ऐसे में नए स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने की व्यावहारिक व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। खासकर रामलीला मैदान में पहले से कोई बड़ा आयोजन चल रहा हो, तो उस स्थिति में प्रदर्शन की अनुमति और उपलब्ध जगह को लेकर स्पष्ट नियम जरूरी होंगे।
जंतर-मंतर से कितनी दूर हैं नए प्रदर्शन स्थल?
दिल्ली पुलिस की ओर से तय किए गए तीनों स्थान राजधानी के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रामलीला मैदान जंतर-मंतर से करीब 4 किलोमीटर दूर है।वहीं, पूर्वी दिल्ली का CBD मैदान जंतर-मंतर से लगभग 12 से 13 किलोमीटर दूर बताया गया है। उत्तरी दिल्ली का बुराड़ी मैदान करीब 21 किलोमीटर की दूरी पर है।इन स्थानों की दूरी और वहां तक पहुंचने की सुविधा भी प्रदर्शनकारियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, प्रदर्शन की अनुमति और आयोजन की शर्तें संबंधित नियमों के अनुसार तय होंगी।
प्रदर्शन स्थलों को लेकर राजनीतिक बहस
रामलीला मैदान में पंडाल लगे होने का वीडियो साझा करते हुए सौरभ भारद्वाज ने नए प्रदर्शन स्थल तय करने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब मैदान में आयोजन चल रहा है, तो वहां विरोध प्रदर्शन करना मुश्किल हो सकता है।दूसरी ओर, पुलिस ने प्रदर्शन के लिए तीन वैकल्पिक स्थान निर्धारित किए हैं। इन स्थलों पर प्रदर्शन और धरने की प्रक्रिया को लेकर अलग SOP जारी की जानी है।अब इस मामले में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नए स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के नियम क्या होंगे और पहले से आयोजन होने की स्थिति में क्या व्यवस्था अपनाई जाएगी।