राजर्षि सर्किल का नाम बदलने के विरोध में छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन, नामकरण वापस लेने की मांग
अलवर। आरआर कॉलेज सर्किल का नाम बदलकर ‘ज्योति कलश सर्किल’ किए जाने की घोषणा के बाद अलवर में विरोध शुरू हो गया है। गुरुवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सर्किल पर पहुंचे। उन्होंने नाम परिवर्तन के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से नया नाम वापस लेने और राजर्षि सर्किल का पुराना नाम बरकरार रखने की मांग की।
छात्रों ने कहा- ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा है राजर्षि नाम
प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का कहना है कि राजर्षि सर्किल का नाम अलवर की संस्कृति और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा है। उनके मुताबिक यह केवल एक सार्वजनिक स्थान का नाम नहीं है।छात्रों ने कहा कि लंबे समय से प्रचलित नाम शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में नाम बदलने के फैसले पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए।
‘ज्योति कलश’ नाम वापस लेने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से ‘ज्योति कलश सर्किल’ नामकरण की घोषणा तत्काल वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि सर्किल का पुराना नाम ही कायम रखा जाना चाहिए।छात्रों के अनुसार नाम परिवर्तन को लेकर उनकी आपत्ति किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध से ज्यादा शहर की ऐतिहासिक पहचान से जुड़ी है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की।
अंकित गोयल ने सरकार पर साधा निशाना
विरोध प्रदर्शन में अलवर शहर कांग्रेस अध्यक्ष अंकित गोयल भी शामिल हुए। उन्होंने नाम परिवर्तन को लेकर प्रदेश सरकार और वन मंत्री संजय शर्मा पर निशाना साधा।गोयल ने कहा कि ‘राजर्षि’ नाम अलवर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि अलवर को ऋषियों की भूमि के रूप में भी जाना जाता है।
महाराजा जयसिंह से जुड़ी विरासत का दिया हवाला
अंकित गोयल ने महाराजा जयसिंह के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें कई बड़े शंकराचार्यों की ओर से ‘राजर्षि’ की उपाधि दिए जाने की बात कही जाती है।उन्होंने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और अलवर के विकास में महाराजा जयसिंह के योगदान का भी उल्लेख किया। गोयल का कहना है कि इन्हीं ऐतिहासिक संदर्भों के कारण राजर्षि नाम की अपनी पहचान है।
विकास और अपराध को लेकर भी सवाल
कांग्रेस शहर अध्यक्ष अंकित गोयल ने नाम परिवर्तन के मुद्दे के साथ शहर की अन्य समस्याओं को भी उठाया। उन्होंने सरकार से विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की मांग की।उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यदि नाम बदलना ही प्राथमिकता है तो रोजगार कार्यालय और नगर निगम के नाम भी बदल दिए जाने चाहिए। उनके ये बयान राजनीतिक टिप्पणी के तौर पर सामने आए हैं।
आंदोलन आगे बढ़ाने की चेतावनी
अंकित गोयल ने कहा कि यदि ‘ज्योति कलश सर्किल’ नामकरण का फैसला वापस नहीं लिया गया तो शहर कांग्रेस छात्र-छात्राओं और युवाओं के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाएगी।उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर छात्रों के साथ खड़ी है। जरूरत पड़ने पर विरोध प्रदर्शन को और व्यापक किया जाएगा।
अब नाम परिवर्तन के फैसले पर नजर
फिलहाल छात्र-छात्राओं की मुख्य मांग राजर्षि सर्किल का पुराना नाम बरकरार रखने की है। प्रदर्शनकारियों ने ‘ज्योति कलश सर्किल’ नामकरण वापस लेने की मांग दोहराई है।नाम परिवर्तन को लेकर शुरू हुए इस विरोध के बीच अब प्रशासन और सरकार की ओर से क्या रुख सामने आता है, इस पर नजर रहेगी। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि छात्रों और कांग्रेस की ओर से आगे आंदोलन को लेकर क्या कदम उठाया जाता है।