हनुमानगढ़ में CHC के बाहर प्रसूता ने दिया बच्चे को जन्म, स्टाफ की मांग पर धरना
हनुमानगढ़। टिब्बी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर प्रसूता के बच्चे को जन्म देने का मामला सामने आया है। प्रसूता को उसके परिजनों के आग्रह पर सिरसा रेफर किया गया था। इसके बाद CHC के मुख्य द्वार के बाहर ही उसका प्रसव हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई। लोगों ने चिकित्सा स्टाफ की कमी का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया। सड़क पर प्रदर्शन के कारण कुछ समय तक यातायात भी प्रभावित रहा। देर रात प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के बाद मामला शांत हुआ।
CHC के बाहर हुआ प्रसव
जानकारी के अनुसार प्रसूता डिलीवरी के लिए टिब्बी CHC पहुंची थी। चिकित्सा स्टाफ की ओर से उसे भर्ती करने और सामान्य प्रसव कराने की बात समझाई गई थी। हालांकि, परिजन प्रसूता को सिरसा ले जाना चाहते थे। उनके आग्रह पर उसे रेफर किया गया।रेफर किए जाने के बाद CHC से बाहर निकलते समय प्रसूता की स्थिति बिगड़ गई। इसी दौरान अस्पताल के मुख्य द्वार के बाहर ही उसने बच्चे को जन्म दे दिया। घटना की जानकारी फैलने के बाद मौके पर लोग जमा हो गए।
लोगों ने शुरू किया धरना
प्रसूता के अस्पताल के बाहर प्रसव होने की घटना से नाराज नागरिकों ने CHC के सामने धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यदि प्रसूता को समय पर अस्पताल में भर्ती कर आवश्यक चिकित्सा सुविधा दी जाती तो ऐसी स्थिति नहीं बनती।धरने के दौरान लोगों ने CHC में पर्याप्त चिकित्सक और अन्य चिकित्सा स्टाफ की नियुक्ति की मांग उठाई। उनका कहना था कि क्षेत्र की बड़ी आबादी टिब्बी CHC पर निर्भर है। ऐसे में यहां पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं होना जरूरी है।
सड़क पर धरने से लगा जाम
नागरिकों ने CHC के मुख्य द्वार के सामने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कुछ समय तक जाम की स्थिति बनी रही।सूचना मिलने पर टिब्बी पुलिस मौके पर पहुंची। तहसीलदार हरीश सारण और ब्लॉक चिकित्साधिकारी रीतिका पारीक भी CHC पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालांकि, नागरिक अपनी मांगों पर अड़े रहे।
अतिरिक्त चिकित्सक और महिला नर्सिंगकर्मी का लिखित आश्वासन
प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के कई दौर हुए। रात करीब पौने 12 बजे तहसीलदार हरीश सारण के साथ हुई दूसरे दौर की वार्ता में सहमति बनी।प्रशासन की ओर से CHC में एक अतिरिक्त चिकित्सक और एक महिला नर्सिंगकर्मी की नियुक्ति का लिखित आश्वासन दिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त किया। सड़क पर यातायात भी सामान्य होने लगा।
नागरिकों ने जांच और कार्रवाई की मांग की
प्रदर्शनकारियों ने प्रसूता के CHC के बाहर प्रसव होने की घटना की जांच कराने की मांग की। साथ ही जिम्मेदार स्टाफ की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।लोगों का कहना था कि टिब्बी क्षेत्र में पर्याप्त स्वास्थ्य स्टाफ नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की।
डॉक्टर ने बताया- परिजन सिरसा ले जाना चाहते थे
ब्लॉक चिकित्साधिकारी रीतिका पारीक ने बताया कि प्रसूता को चिकित्सा स्टाफ ने उसके परिजनों के आग्रह पर रेफर किया था। परिजन उसे डिलीवरी के लिए सिरसा ले जाना चाहते थे।ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक प्रेम कस्वा के अनुसार उन्होंने प्रसूता के परिजनों को समझाया था कि सामान्य प्रसव CHC में कराया जा सकता है। इसके बावजूद परिजन उसे सिरसा ले जाने पर अड़े रहे। इसके बाद उनके आग्रह पर प्रसूता को रेफर किया गया।