अलवर पहुंचे सतीश पूनिया, नशा मुक्ति रैली को दिखाई हरी झंडी; पंचायत चुनाव में BJP की जीत का दावा
अलवर। राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया रविवार को अलवर पहुंचे। यहां महल चौक पर माय भारत की ओर से आयोजित नशा मुक्ति कार्यक्रम में उन्होंने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान पूनिया ने नशे के खिलाफ जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में युवाओं और आमजन ने हिस्सा लिया। इस दौरान लोगों को नशे से दूर रहने और समाज में इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।कार्यक्रम के बाद सतीश पूनिया ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने नशे की समस्या, युवाओं की भूमिका, आगामी पंचायत चुनाव, प्रदेश में अपराध और भाजपा की राजनीतिक तैयारियों से जुड़े सवालों पर अपनी बात रखी। उन्होंने पंचायत चुनाव में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन का दावा किया। वहीं कांग्रेस नेता विश्वेंद्र सिंह के भाजपा में आने की चर्चाओं और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी।
नशे के खिलाफ जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी
महल चौक पर आयोजित कार्यक्रम में नशा मुक्ति को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से दूर रखना और समाज में जागरूकता बढ़ाना बताया गया। इसी क्रम में जागरूकता रैली निकाली गई।राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में शामिल लोगों ने नशे से दूरी बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी भी रही।पूनिया ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें समाज की भागीदारी भी जरूरी है। परिवार, सामाजिक संगठन और युवा मिलकर इस समस्या से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
राजस्थान समेत कई राज्यों में नशा बड़ी चिंता
मीडिया से बातचीत में सतीश पूनिया ने कहा कि राजस्थान सहित देश के कई हिस्सों में नशे की समस्या चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने राजस्थान और पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे अभियानों का उल्लेख किया।पूनिया के अनुसार नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए सरकार के साथ समाज को भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने युवाओं को इस समस्या से दूर रखने को सामूहिक जिम्मेदारी बताया।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से युवाओं में बढ़ते नशे को रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियानों का भी उल्लेख किया। पूनिया ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है। यह परिवार और समाज से भी जुड़ा विषय है।
युवाओं को नशे से दूर रखना सामूहिक जिम्मेदारी
सतीश पूनिया ने कहा कि नशे की समस्या का असर केवल किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता। इससे परिवार और समाज दोनों प्रभावित होते हैं। ऐसे में जागरूकता को नशे के खिलाफ लड़ाई का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाना चाहिए।उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। साथ ही समाज के लोगों से भी अपने आसपास के युवाओं को सही दिशा देने का आह्वान किया।नशा मुक्ति कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा सकता है। उनका कहना था कि सामूहिक प्रयासों से ही इस समस्या पर प्रभावी तरीके से काम किया जा सकता है।
पंचायत चुनाव में भाजपा की जीत का दावा
अलवर दौरे के दौरान सतीश पूनिया से आगामी पंचायत चुनाव को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने भाजपा के बेहतर प्रदर्शन का दावा किया।पूनिया ने कहा कि हाल ही में हुए निकाय चुनाव में भाजपा को सफलता मिली है। इसी तरह पंचायत चुनाव में भी पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं की सक्रियता को इसका आधार बताया।उनके अनुसार भाजपा के कार्यकर्ता लगातार जनता के बीच सक्रिय हैं। संगठन स्तर पर भी चुनाव को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। पूनिया ने कहा कि पार्टी को जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता का फायदा चुनाव में मिल सकता है।हालांकि पंचायत चुनाव के परिणाम भविष्य में मतदान और मतगणना के बाद ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल पूनिया का बयान भाजपा की चुनावी रणनीति और उम्मीदों के रूप में देखा जा रहा है।
विपक्ष के आरोपों पर पूनिया का तंज
मीडिया ने जब विपक्ष की ओर से भाजपा सरकार और संगठन को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल किया, तो सतीश पूनिया ने तंज के अंदाज में जवाब दिया।उन्होंने कहा, “सो चूहे खाकर बिल्ली हज को चली।” पूनिया ने कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी।उनका यह बयान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के संदर्भ में सामने आया। हालांकि विपक्ष की ओर से इस टिप्पणी पर तत्काल प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई।
विश्वेंद्र सिंह के BJP में आने की अटकलों पर बोले पूनिया
भरतपुर के पूर्व राजपरिवार से जुड़े कांग्रेस नेता विश्वेंद्र सिंह के भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं को लेकर भी पूनिया से सवाल किया गया।इस पर उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर इस तरह की बातें सामने आ रही हैं। हालांकि अभी उनकी विश्वेंद्र सिंह से इस संबंध में कोई बातचीत नहीं हुई है।यानी फिलहाल भाजपा में विश्वेंद्र सिंह के शामिल होने को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। पूनिया ने भी इसे सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के रूप में ही बताया।
प्रदेश में बढ़ते अपराध पर सरकार का बचाव
राजस्थान में बढ़ते अपराध को लेकर पूछे गए सवाल पर सतीश पूनिया ने कहा कि सरकार अपराध की रोकथाम के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है।पूनिया ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में बेहतर परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था को लेकर किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।प्रदेश में अपराध को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठाता रहा है। वहीं सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था सुधारने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जाती रही है। अलवर में भी अपराध और नशे से जुड़े मुद्दे स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
वसुंधरा राजे को लेकर बोले- हमारी राजमाता हैं
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर पूछे गए सवाल पर सतीश पूनिया ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “वसुंधरा राजे हमारी राजमाता हैं।”पूनिया ने कहा कि वसुंधरा राजे ने राजस्थान की मुख्यमंत्री के रूप में लंबे समय तक प्रदेश की सेवा की। उनके अनुसार वसुंधरा राजे ने राजस्थान के लिए अच्छा काम किया है।भाजपा में वसुंधरा राजे लंबे समय से प्रमुख नेताओं में रही हैं। ऐसे में उनके बारे में पूछे गए सवाल पर पूनिया की टिप्पणी को राजनीतिक और संगठनात्मक संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
नशा मुक्ति से पंचायत चुनाव तक चर्चा में रहा अलवर दौरा
सतीश पूनिया का अलवर दौरा मुख्य रूप से नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम से जुड़ा था। लेकिन कार्यक्रम के बाद हुई मीडिया बातचीत में प्रदेश की राजनीति से जुड़े कई मुद्दे सामने आए।एक ओर उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने की जरूरत बताई। दूसरी ओर पंचायत चुनाव में भाजपा की जीत का दावा किया। इसके अलावा विश्वेंद्र सिंह के भाजपा में आने की चर्चाओं, प्रदेश में अपराध और वसुंधरा राजे की भूमिका पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी।अलवर में आयोजित कार्यक्रम के जरिए नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया गया। वहीं पूनिया के राजनीतिक बयानों ने आगामी पंचायत चुनाव और प्रदेश की सियासत को लेकर चर्चा को भी बढ़ा दिया है।