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राजस्थान के 4 जिलों में दिसंबर में होंगे पंचायत चुनाव, जानिए क्यों बदली चुनावी तारीख

राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर तस्वीर अब साफ होती जा रही है। राज्य में पंचायत चुनाव चार चरणों में कराने की तैयारी है। प्रदेश की ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच के साथ पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव अक्टूबर-नवंबर में होंगे। वहीं बारां, श्रीगंगानगर, करौली और कोटा में कुछ प्रमुख पदों के चुनाव दिसंबर में होंगे।इन चार जिलों में दिसंबर में चुनाव होने की वजह पिछला चुनाव कार्यक्रम है। इन जिलों में पिछली बार पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव दिसंबर 2021 में हुए थे। इसके बाद प्रधान और जिला प्रमुख के चुनाव 23 दिसंबर तथा उप प्रधान और उप जिला प्रमुख के चुनाव 24 दिसंबर को हुए थे।

बारां, श्रीगंगानगर, करौली और कोटा में दिसंबर में चुनाव

बारां, श्रीगंगानगर, करौली और कोटा में पिछला पंचायती राज चुनाव दिसंबर 2021 में हुआ था। चारों जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव अलग-अलग चरणों में कराए गए थे। इसके बाद निर्वाचित सदस्यों ने जिला प्रमुख और प्रधान का चुनाव किया था।अब इन पदों का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के कारण दिसंबर 2026 में संबंधित चुनाव प्रक्रिया पूरी की जानी है। यानी इन चार जिलों में दिसंबर का कार्यक्रम पिछली चुनावी प्रक्रिया की तारीखों से जुड़ा हुआ है।

चार चरणों में ग्राम पंचायतों में मतदान

राज्य में ग्राम पंचायत स्तर के चुनाव चार चरणों में कराने की योजना है। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर को अलग-अलग चरणों में मतदान कराया जाएगा।पहले चरण में 3,672 ग्राम पंचायतें शामिल होंगी। दूसरे चरण में 3,626, तीसरे चरण में 3,605 और चौथे चरण में 3,500 ग्राम पंचायतों में मतदान प्रस्तावित है।हर चरण के मतदान के बाद संबंधित बूथों पर मतगणना की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

सरपंच और वार्ड पंच के लिए मतपत्र

पंचायत चुनाव में अलग-अलग पदों के लिए मतदान की प्रक्रिया भी अलग होगी। ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच का चुनाव मतपत्र के जरिए कराया जाएगा।वहीं पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे मतदाताओं को अलग-अलग स्तर के जनप्रतिनिधियों के लिए मतदान करना होगा।

चार जिलों में अलग क्यों है चुनाव कार्यक्रम?

इन चार जिलों का चुनाव कार्यक्रम बाकी प्रदेश से अलग होने की मुख्य वजह पिछला चुनाव चक्र है। 2021 में बारां, कोटा, करौली और श्रीगंगानगर में पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव दिसंबर में हुए थे। इन चुनावों के बाद प्रधान और जिला प्रमुख का निर्वाचन 23 दिसंबर को हुआ था।इसके अगले दिन उप प्रधान और उप जिला प्रमुख चुने गए थे।इसलिए 2026 में इन पदों का कार्यकाल पूरा होने के समय को ध्यान में रखते हुए चुनाव प्रक्रिया दिसंबर तक पहुंच रही है।

चुनाव में देरी की वजह क्या रही?

राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया में परिसीमन और आरक्षण से जुड़े कामों के कारण देरी हुई। चुनाव कार्यक्रम तय करने से पहले इन प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करना जरूरी था।इसके अलावा चुनाव समयसीमा को लेकर न्यायालय में भी मामला पहुंचा। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग को अलग-अलग चरणों और जिलों के चुनाव कार्यक्रम को कार्यकाल के अनुसार निर्धारित करना पड़ा।

14 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों में चुनाव

राज्य में कुल 14,403 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच के चुनाव प्रस्तावित हैं। चार चरणों में होने वाली यह प्रक्रिया ग्रामीण राजस्थान के बड़े हिस्से को कवर करेगी।इसके बाद पंचायत समिति और जिला परिषद स्तर की चुनावी प्रक्रिया भी पूरी होगी। बारां, श्रीगंगानगर, करौली और कोटा में प्रमुख पदों के चुनाव दिसंबर में होने से प्रदेश का पंचायती राज चुनाव कार्यक्रम अलग-अलग समय पर पूरा होगा।

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Stv News Rajasthan

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