भिवाड़ी की कृष वाटिका सोसायटी में लिफ्ट में पेशाब का आरोप, दूध में मिलावट के दावे से हड़कंप
भिवाड़ी। खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी की कृष वाटिका सोसायटी में लिफ्ट के अंदर पेशाब करने का मामला सामने आया है। घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद सोसायटी में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले किया है। युवक की पहचान अजरुद्दीन के रूप में बताई गई है।मामला सामने आने के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने युवक पर दूध में भी पेशाब मिलाकर सप्लाई करने का गंभीर आरोप लगाया। हालांकि, दूध में मिलावट के इस आरोप की फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सोसायटी प्रबंधन ने भी कहा है कि इस दावे के समर्थन में अभी कोई वीडियो या ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है।
सुबह लिफ्ट में घटना सामने आने का दावा
कृष वाटिका सोसायटी के अध्यक्ष अमित यादव के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे सुरक्षा गार्ड ने उन्हें फोन कर सोसायटी में बुलाया। सूचना मिलने के बाद वह मौके पर पहुंचेवहां एक युवक को लिफ्ट में पेशाब करने के आरोप में लोगों ने पकड़ रखा था। इसके बाद सोसायटी में लगे CCTV कैमरों की फुटेज देखी गई। प्रबंधन का दावा है कि फुटेज में युवक लिफ्ट के अंदर पेशाब करता हुआ दिखाई दे रहा है।पूछताछ के दौरान युवक की पहचान अजरुद्दीन के रूप में बताई गई। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
15 दिन से लिफ्ट में दुर्गंध की शिकायत
सोसायटी अध्यक्ष के अनुसार पिछले करीब 15 दिनों से लिफ्ट को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। लोगों ने लिफ्ट में दुर्गंध आने की बात कही थी। इसके अलावा लिफ्ट के सेंसर भी बार-बार खराब होने की शिकायत सामने आ रही थी।प्रबंधन का कहना है कि सेंसर खराब होने के कारण लिफ्ट की मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा था। अध्यक्ष के मुताबिक, लिफ्ट में लगे सेंसर की कीमत करीब 50 हजार रुपये है।CCTV फुटेज सामने आने के बाद प्रबंधन ने इन शिकायतों को घटना से जोड़कर देखा। हालांकि, लिफ्ट में सेंसर खराब होने का कारण इसी घटना को माना जाए, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
पूछताछ के दौरान दूध को लेकर भी लगा आरोप
घटना के बाद युवक से स्थानीय लोगों और सोसायटी प्रबंधन की ओर से पूछताछ किए जाने की बात सामने आई है। अध्यक्ष अमित यादव के अनुसार, पूछताछ के दौरान युवक ने लिफ्ट में पेशाब करने की बात स्वीकार की।इसी दौरान युवक द्वारा दूध में भी पेशाब मिलाने की बात कहे जाने का दावा किया गया। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया। हालांकि, सोसायटी अध्यक्ष ने खुद स्पष्ट किया कि दूध में पेशाब मिलाने के आरोप को साबित करने के लिए फिलहाल उनके पास कोई वीडियो या अन्य ठोस साक्ष्य नहीं है।इसलिए इस दावे की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पूछताछ का वीडियो
मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है। इसमें कुछ लोग युवक से पूछताछ करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में युवक पर दूध में पेशाब मिलाकर लोगों को सप्लाई करने जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं।हालांकि, सोशल मीडिया वीडियो में लगाए गए आरोप अपने आप में घटना की पुष्टि नहीं करते। दूध की गुणवत्ता या उसमें किसी पदार्थ की मिलावट की पुष्टि के लिए वैज्ञानिक जांच और संबंधित विभाग की कार्रवाई जरूरी होगी।फिलहाल उपलब्ध जानकारी में लिफ्ट के अंदर पेशाब करने की घटना से जुड़ा CCTV फुटेज ही सामने आया है।
पूरे दूध सप्लायर समुदाय को लेकर निष्कर्ष से बचने की अपील
सोसायटी अध्यक्ष अमित यादव ने कहा कि किसी एक व्यक्ति पर लगे आरोप के आधार पर पूरे दूध सप्लायर समुदाय को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है।उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में दूध कारोबारी और पशुपालक ईमानदारी से अपना काम करते हैं। ऐसे में किसी व्यक्ति पर लगे आरोप को पूरे समुदाय से जोड़ना सही नहीं होगाउन्होंने दूध की सप्लाई से जुड़े स्थानों और परिस्थितियों की जानकारी जुटाने की बात भी कही है। यदि किसी स्तर पर मिलावट का प्रमाण मिलता है तो संबंधित विभाग के जरिए कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस के हवाले किया गया युवक
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। सोसायटी के लोगों ने युवक को पुलिस के हवाले कर दिया। अब पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।सोसायटी प्रबंधन और स्थानीय लोगों ने थाना प्रभारी सचिन शर्मा से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि दूध में मिलावट का आरोप जांच में सही पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
दूध में मिलावट के आरोप की जांच जरूरी
दूध में किसी आपत्तिजनक पदार्थ की मिलावट का आरोप बेहद गंभीर है। ऐसे आरोप की पुष्टि केवल आरोप या वायरल वीडियो के आधार पर नहीं की जा सकती।इसके लिए दूध के सैंपल की जांच और संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। यदि सैंपल में मिलावट की पुष्टि होती है तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।फिलहाल ऐसा कोई जांच परिणाम सामने नहीं आया है, जिससे दूध में पेशाब मिलाने के आरोप की पुष्टि हो सके।
CCTV फुटेज से शुरू हुई जांच
इस पूरे मामले में अब CCTV फुटेज और मौके पर मौजूद लोगों के बयान जांच का अहम हिस्सा हो सकते हैं। पुलिस यह भी देख सकती है कि युवक सोसायटी में किस उद्देश्य से आया था और लिफ्ट में हुई घटना किन परिस्थितियों में हुई।इसके अलावा दूध की सप्लाई को लेकर लगाए गए आरोपों की भी अलग से जांच की जरूरत होगी। जांच में यदि कोई साक्ष्य सामने आता है तो उसके आधार पर मामले की दिशा स्पष्ट होगी।फिलहाल कृष वाटिका सोसायटी में लिफ्ट के अंदर पेशाब करने की घटना ने लोगों को परेशान किया है। वहीं दूध में मिलावट का आरोप सामने आने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। अब पुलिस और संबंधित विभाग की जांच से ही स्पष्ट होगा कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है।