अलवर से मानसून की विदाई, अब सरसों की बुवाई का इंतजार; 6 दिन मौसम साफ
अलवर से मानसून की विदाई हो चुकी है। बारिश का दौर थमने के बाद जिले में मौसम शुष्क बना हुआ है। अक्टूबर की शुरुआत में दिन का तापमान 37 से 38 डिग्री तक पहुंच रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले छह दिनों तक बारिश की संभावना नहीं है। 4 अक्टूबर को कुछ इलाकों में आंशिक बादल छा सकते हैं। हालांकि बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। मानसून के दौरान अलवर में 506.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। यह सामान्य बारिश से करीब 7 प्रतिशत कम है।
पिछले साल के मुकाबले 41 फीसदी कम बारिश
इस बार मानसून में अलवर में सामान्य से कम बारिश हुई। जिले में कुल 506.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। यह सामान्य आंकड़े से करीब 7 प्रतिशत कम है।वहीं पिछले साल मानसून के दौरान सामान्य से 34 प्रतिशत अधिक बारिश हुई थी। इस लिहाज से दोनों वर्षों की तुलना करें तो बारिश में करीब 41 प्रतिशत का अंतर रहा। पिछले साल अच्छी बारिश से कई बांधों और जलस्रोतों में बेहतर आवक हुई थी।
खेतों में नमी पर टिकी किसानों की नजर
मानसून की विदाई के बाद अब किसानों का ध्यान खेतों में बची नमी पर है। रबी सीजन की फसलों की तैयारी भी शुरू होने वाली है। ऐसे में मिट्टी में मौजूद नमी बुवाई के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।सरसों सहित अन्य रबी फसलों की बुवाई के लिए किसान स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तैयारी करेंगे। लगातार शुष्क मौसम रहने पर खेत की ऊपरी सतह की नमी कम हो सकती है। इसलिए किसान मौसम और मिट्टी की स्थिति पर नजर रखेंगे।
6 दिन बारिश के आसार नहीं
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार 2 अक्टूबर को अलवर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री रह सकता है। 3 से 6 अक्टूबर के बीच अधिकतम तापमान 38 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है।7 अक्टूबर को अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री रहने की संभावना है। 4 अक्टूबर को आंशिक बादल छा सकते हैं। हालांकि इस दौरान बारिश की कोई चेतावनी नहीं है।
अक्टूबर में बढ़ेगी शुष्क मौसम की चुनौती
मानसून के बाद जिले में मौसम का मिजाज बदल गया है। दिन में तेज धूप और बढ़ता तापमान खेतों की ऊपरी सतह की नमी को प्रभावित कर सकता है।हालांकि मानसून के दौरान हुई बारिश से कई क्षेत्रों में खेतों को पर्याप्त नमी मिली है। अब रबी फसलों की बुवाई का समय नजदीक आने के साथ किसान बारिश और मिट्टी की स्थिति के अनुसार फैसला करेंगे।
जलस्रोतों पर भी रहेगा असर
पिछले साल की तुलना में कम बारिश होने का असर जिले के जलस्रोतों पर भी देखा जा सकता है। पिछले मानसून में सामान्य से अधिक बारिश होने के कारण कई जलस्रोतों में अच्छी आवक हुई थी।इस बार बारिश सामान्य से कम रहने के कारण आगामी महीनों में जल उपलब्धता पर नजर रहेगी। फिलहाल मौसम विभाग ने अगले छह दिनों में बारिश की संभावना नहीं जताई है।