खैरथल में रविवार को भी बाजार बंद, 21 सितंबर को सभापति चुनाव; निर्दलीयों पर नजर
खैरथल नगर परिषद में सभापति चुनाव को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान का असर बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है। रविवार को चालीस फुटा रोड समेत कई बाजारों में दुकानें बंद रहीं। कृषि उपज मंडी भी बंद रखने का फैसला किया गया है। परिषद के 45 वार्डों के परिणाम में कांग्रेस को 20, भाजपा को 8 और निर्दलीयों को 17 सीटें मिली हैं। सभापति चुनाव के लिए 23 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। वहीं पार्षदों से जुड़े कथित अपहरण, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक खेमेबंदी के आरोपों के बीच 21 सितंबर को होने वाले सभापति चुनाव पर सभी की नजर है।
रविवार को भी बाजारों में पसरा सन्नाटा
सभापति चुनाव को लेकर जारी विवाद का असर रविवार को भी खैरथल के व्यापारिक क्षेत्रों में नजर आया। चालीस फुटा रोड समेत कई बाजारों में दुकानों के शटर नहीं खुले।व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होने से बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में कम आवाजाही रही। इससे पहले शनिवार को भी कई प्रमुख बाजार बंद रहे थे। व्यापारियों के बीच चुनावी विवाद और पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी बताई जा रही है।
खैरथल परिषद में कांग्रेस 20, BJP 8 और निर्दलीय 17
14 सितंबर को घोषित नगर परिषद चुनाव परिणामों में कांग्रेस ने 20 वार्डों में जीत दर्ज की। भाजपा को 8 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 17 सीटें मिलीं।सभापति चुनने के लिए 23 पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। कांग्रेस बहुमत से तीन सीट दूर है, जबकि भाजपा को बहुमत के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों का रुख चुनाव में अहम हो सकता है।
विक्रम सिंह चौधरी और ओमप्रकाश रोघा आमने-सामने
सभापति पद के लिए भाजपा ने विक्रम सिंह चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। चौधरी पहले कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और चुनाव परिणाम के बाद भाजपा में शामिल हुए हैं। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है।
वहीं कांग्रेस ने ओमप्रकाश रोघा को सभापति पद का उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में दोनों खेमों के बीच मुकाबला अब निर्दलीय पार्षदों के समर्थन पर भी निर्भर कर सकता है।
कथित अपहरण के आरोपों से बढ़ा विवाद
सभापति चुनाव से पहले कुछ पार्षदों से जुड़े कथित अपहरण और दबाव के आरोपों ने विवाद को और बढ़ा दिया है।
वार्ड 3 से निर्वाचित कांग्रेस पार्षद रामधन के मामले में परिजनों की ओर से ओमप्रकाश रोघा सहित अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। वहीं वार्ड 20 के एक पार्षद को कथित तौर पर जबरन वाहन में ले जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। इसलिए किसी भी पक्ष की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
व्यापारियों में पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी
व्यापारिक संगठनों में पुलिस कार्रवाई और कुछ व्यापारियों के नाम सामने आने को लेकर नाराजगी की बात कही जा रही है।
शनिवार को अनाज मंडी, सब्जी मंडी, किराना यूनियन, रेडीमेड गारमेंट्स, बर्तन यूनियन, चूड़ी मार्केट, तिरंगा मार्केट और चालीस फुटा रोड सहित कई बाजार बंद रहे। व्यापारियों का कहना है कि राजनीतिक विवाद में व्यापारियों को अनावश्यक रूप से कार्रवाई के दायरे में नहीं लाया जाना चाहिए।
19 से 21 सितंबर तक कृषि मंडी बंद
कृषि उपज मंडी के व्यापारियों ने बैठक के बाद 19 से 21 सितंबर तक मंडी बंद रखने का निर्णय लिया है।
व्यापारियों की ओर से कहा गया है कि चुनावी विवाद के बीच उन पर दबाव या अनावश्यक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उनका आरोप है कि राजनीतिक खींचतान का असर व्यापारियों पर भी पड़ रहा है। इन आरोपों पर संबंधित प्रशासन और पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी।
21 सितंबर को होगा सभापति का चुनाव
अब खैरथल नगर परिषद में सभापति चुनाव की तारीख पर सभी की नजर है। 21 सितंबर को सभापति का चुनाव होना है।
45 सदस्यीय परिषद में बहुमत का आंकड़ा 23 है। कांग्रेस के पास 20 सीटें हैं, जबकि भाजपा के पास 8 और निर्दलीयों के पास 17 सीटें हैं। चुनाव से पहले किस खेमे को कितने पार्षदों का समर्थन मिलता है, इससे सभापति चुनाव का गणित तय होगा।
बाजार बंद और सियासी गतिविधियों पर नजर
खैरथल में बाजार बंद रहने और राजनीतिक गतिविधियों के बीच प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी है। पुलिस की कार्रवाई और पार्षदों से जुड़े आरोपों के कारण स्थानीय स्तर पर तनाव का माहौल बना हुआ है।
अब सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम 21 सितंबर को होने वाला सभापति चुनाव होगा। चुनाव परिणाम से ही स्पष्ट होगा कि 45 सदस्यीय परिषद की कमान किसके हाथ जाती है।