Rajasthan Nikay Chunav: सभापति चुनाव से पहले विधायक गणेशराज बंसल गिरफ्तार, 23 साल पुराने पट्टा मामले में कार्रवाई
हनुमानगढ़ नगर परिषद के सभापति चुनाव से ठीक पहले निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल की गिरफ्तारी से सियासी हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, CID-CB और पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच टीम ने उन्हें हनुमानगढ़ से बीकानेर जाते समय हिरासत में लिया। इसके बाद 2003 से जुड़े कथित फर्जी पट्टा मामले में पूछताछ की गई और गिरफ्तारी की कार्रवाई हुई। बंसल के खिलाफ उनकी पत्नी और अन्य लोगों के साथ दो अलग-अलग मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही समर्थकों ने जंक्शन थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया।
2003 के पट्टा मामले में दर्ज हैं दो केस
जांच एजेंसियों के मुताबिक मामला वर्ष 2003 में जारी किए गए आवासीय पट्टों से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ जमीनों के पट्टे जारी करने में नियमों की अनदेखी और धोखाधड़ी हुई।मामले में गणेशराज बंसल, उनकी पत्नी संतोष बंसल, तत्कालीन नगर परिषद आयुक्त और अन्य लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
पूछताछ के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई
रिपोर्ट्स के अनुसार CID-CB के ASP सतपाल सिंह ने इससे पहले विधायक को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया था। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया।20 सितंबर की सुबह सामने आई रिपोर्ट्स में बताया गया कि बीकानेर जाते समय उन्हें हिरासत में लिया गया। शुरुआती पूछताछ के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।
चुनावी गणित में बंसल गुट मजबूत
हनुमानगढ़ नगर परिषद में कुल 60 वार्ड हैं। चुनाव परिणामों में भाजपा को 15 और कांग्रेस को 10 सीटें मिलीं। वहीं विधायक गणेशराज बंसल समर्थित निर्दलीय पार्षदों ने 34 सीटों पर जीत दर्ज की। माकपा के एक प्रत्याशी ने भी जीत हासिल की।इस गणित के बीच बंसल गुट की स्थिति बहुमत के लिहाज से मजबूत बताई जा रही थी। ऐसे में सभापति चुनाव से ठीक पहले विधायक की गिरफ्तारी ने स्थानीय राजनीतिक घटनाक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
समर्थकों ने जंक्शन थाने का घेराव किया
विधायक की गिरफ्तारी की खबर फैलने के बाद उनके समर्थक, व्यापारी और कुछ निर्दलीय पार्षद सड़क पर उतर आए। समर्थक अग्रसेन भवन में जुटे और वहां सभा के बाद जंक्शन पुलिस थाने पहुंचे।प्रदर्शनकारियों ने थाने का घेराव कर नारेबाजी की। समर्थकों ने कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की।
कार्रवाई को राजनीतिक दबाव से जोड़ने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान विधायक समर्थकों ने आरोप लगाया कि उनके गुट से जुड़े पार्षदों और व्यापारियों पर अलग-अलग सरकारी विभागों की कार्रवाई के जरिए दबाव बनाया जा रहा है।इन आरोपों में GST, रसद और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों द्वारा कार्रवाई का भी दावा किया गया। हालांकि, ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस समय उपलब्ध नहीं है।
प्रशासन ने निष्पक्ष चुनाव का दिया भरोसा
तनाव को देखते हुए जंक्शन थाने के बाहर पुलिस बल और बैरिकेडिंग की गई। इसके बाद SDM रवि कुमार और DSP मीनाक्षी सहारण ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।अधिकारियों ने सभापति और उपसभापति चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
मंजू रणवां को बनाया गया सभापति प्रत्याशी
हनुमानगढ़ नगर परिषद के सभापति पद के लिए विधायक गणेशराज बंसल समर्थित खेमे ने मंजू रणवां को प्रत्याशी बनाया है।अब गिरफ्तारी के बाद सभी की नजर सभापति चुनाव पर है। खास तौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विधायक की गैरमौजूदगी में उनके समर्थित पार्षद किस तरह अपनी रणनीति आगे बढ़ाते हैं।
समर्थकों ने दी आंदोलन की चेतावनी
समर्थकों और कुछ राजनीतिक संगठनों की ओर से यह भी कहा गया है कि यदि निर्वाचित पार्षदों पर दबाव या कार्रवाई जारी रही तो आंदोलन तेज किया जाएगा। माकपा कार्यकर्ताओं ने भी अलग प्रदर्शन में प्रशासन पर दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। ये राजनीतिक आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अब सभापति चुनाव पर टिकी नजर
गणेशराज बंसल की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब हनुमानगढ़ नगर परिषद में बोर्ड गठन की प्रक्रिया निर्णायक दौर में है। 60 वार्डों के परिणामों में बंसल समर्थित निर्दलीय पार्षदों की बड़ी संख्या के कारण सभापति चुनाव का गणित पहले से ही महत्वपूर्ण था।अब जांच की अगली कार्रवाई और सभापति चुनाव दोनों पर नजर रहेगी। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।