Alwar: निर्दलीय प्रत्याशी के पति गिरफ्तार, विरोध में बाजार बंद; SDM ने जमानत पर किया रिहा
अलवर जिले के बहरोड़ में निर्दलीय प्रत्याशी के पति की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। वार्ड नंबर 7 से निर्दलीय प्रत्याशी रेखा अग्रवाल के पति और अग्रवाल समाज के अध्यक्ष संजय अग्रवाल को पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। शनिवार को पुलिस ने उन्हें एसडीएम के समक्ष पेश किया। इसके बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार को बहरोड़ का मुख्य बाजार बंद रहा। समाज के लोगों ने थाने और उपखंड कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
कंट्रोल रूम की सूचना पर हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार संजय अग्रवाल को शुक्रवार को कंट्रोल रूम से मिली सूचना के आधार पर शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें पुलिस हिरासत में रखा गया। शनिवार को कोतवाली पुलिस ने संजय को एसडीएम के समक्ष पेश किया। सुनवाई के बाद एसडीएम ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया। पुलिस कार्रवाई के बाद समर्थकों और समाज के लोगों ने राहत जताई।
गिरफ्तारी के विरोध में बंद रहा बाजार
संजय अग्रवाल की गिरफ्तारी की खबर फैलने के बाद उनके समर्थक और समाज के लोग थाने पहुंच गए। बहरोड़ के पुराने मुख्य बाजार में भी विरोध देखने को मिला। शुक्रवार को बाजार बंद रहा। लोगों ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। कानून-व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त जाप्ता तैनात किया। बहरोड़ सदर, नीमराणा, मांढ़ण और शाहजहांपुर थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रही।
पत्नी ने महिलाओं के साथ दिया धरना
निर्दलीय प्रत्याशी रेखा अग्रवाल भी महिलाओं के साथ थाने के बाहर धरने पर बैठीं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि संजय अग्रवाल की गिरफ्तारी राजनीतिक दबाव में की गई। समर्थकों का कहना था कि रेखा अग्रवाल सभापति पद की दावेदार हैं। इसी वजह से उनके पति को निशाना बनाया गया। हालांकि, राजनीतिक दबाव के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
निर्दलीयों पर भाजपा-कांग्रेस की नजर
बहरोड़ नगर परिषद चुनाव के बाद अब बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को मतदान पूरा होने के बाद सभी ईवीएम स्ट्रांग रूम में जमा कर दी गईं। बहरोड़ नगर परिषद में 86.18 प्रतिशत मतदान हुआ है। इसके बाद भाजपा और कांग्रेस अपने-अपने प्रत्याशियों की स्थिति का आकलन कर रहे हैं। वहीं, निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
14 सितंबर को होगी मतगणना
बहरोड़ नगर परिषद और बर्डोद नगरपालिका क्षेत्र की ईवीएम शुक्रवार देर रात राजकीय महाविद्यालय में बनाए गए स्ट्रांग रूम में जमा कर सील कर दी गईं। प्रशासन ने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए हैं। अब 14 सितंबर को मतगणना होगी। परिणाम सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बहरोड़ में किस दल का बोर्ड बनेगा। हालांकि, निर्दलीय पार्षदों की संख्या सत्ता के समीकरण में अहम भूमिका निभा सकती है।