Jaipur Nagar Nigam Election: ‘आम और खास, हर कोई कतार में’, 150 वार्डों में वोटिंग की 10 बड़ी बातें
जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के तहत आज 11 सितंबर को मतदान जारी है। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हुई। इन वार्डों में 24 लाख 33 हजार 121 मतदाता कुल 723 प्रत्याशियों के चुनावी भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं की कतारें नजर आईं। कई प्रमुख लोगों ने भी मतदान कर लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदारी की। हालांकि, कुछ मतदान केंद्रों पर EVM में तकनीकी दिक्कत की शिकायतें सामने आईं। निर्वाचन विभाग ने रिजर्व मशीनों के जरिए मतदान प्रक्रिया को सुचारू किया। अब 14 सितंबर को मतगणना के बाद परिणाम सामने आएगा।
1. सुबह 7 बजे शुरू हुआ मतदान
जयपुर नगर निगम के सभी 150 वार्डों में सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ। सुबह के समय बड़ी संख्या में मतदाता अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंच गए।
कई बूथों पर मतदान शुरू होने से पहले ही कतारें लग गईं। बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं में भी मतदान को लेकर उत्साह नजर आया। मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा।
2. आम लोगों के साथ नेताओं ने भी डाला वोट
जयपुर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी अपने निर्धारित मतदान केंद्रों पर पहुंचकर वोट डाला। मतदान के बाद कई नेताओं ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की।
मतदान केंद्रों पर आम मतदाताओं के साथ प्रमुख लोगों की मौजूदगी ने चुनावी माहौल को और सक्रिय बना दिया।
3. कुछ बूथों पर EVM में तकनीकी दिक्कत
मतदान शुरू होने के बाद जयपुर के कुछ इलाकों से EVM में तकनीकी खराबी की शिकायतें सामने आईं। चारदीवारी क्षेत्र और सांगानेर के कुछ मतदान केंद्रों पर मशीनों में समस्या की सूचना मिली।
इसके चलते कुछ जगहों पर थोड़े समय के लिए मतदान प्रभावित हुआ। हालांकि, निर्वाचन विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाल ली।
4. रिजर्व EVM से तुरंत शुरू कराया मतदान
EVM में तकनीकी समस्या सामने आने के बाद निर्वाचन विभाग ने रिजर्व मशीनों का इस्तेमाल किया। तकनीकी टीमों और सेक्टर स्तर पर तैनात कर्मचारियों को संबंधित मतदान केंद्रों पर भेजा गया।
खराब मशीनों को बदलने के बाद मतदान दोबारा शुरू कराया गया। प्रशासन की कोशिश रही कि तकनीकी कारणों से मतदाताओं को ज्यादा देर तक इंतजार न करना पड़े।
5. 2,256 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था
जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए कुल 2,256 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
कई मतदान केंद्रों पर वीडियोग्राफी के जरिए भी निगरानी की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से पूरा कराना है।
6. 24.33 लाख से ज्यादा मतदाता
जयपुर नगर निगम के दूसरे चरण में कुल 24,33,121 मतदाता वोट डालने के लिए पात्र हैं। इनमें शहर के अलग-अलग वार्डों के मतदाता शामिल हैं।
ये मतदाता नगर निगम के पार्षदों के चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। मतदान प्रतिशत पर भी प्रशासन और राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।
7. 723 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला
जयपुर के 150 वार्डों में कुल 723 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है।
हालांकि, कई वार्डों में निर्दलीय और बागी प्रत्याशियों ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। ऐसे में कुछ वार्डों में परिणाम काफी करीबी रहने की संभावना है।
8. पहले चरण के मतदान प्रतिशत पर सबकी नजर
राजस्थान निकाय चुनाव के पहले चरण में राज्यभर में 76.41 प्रतिशत मतदान दर्ज होने का दावा किया गया है। इसके बाद दूसरे चरण में जयपुर के मतदान प्रतिशत को लेकर भी उत्सुकता बनी हुई है।
अगर जयपुर में भी बड़ी संख्या में मतदाता घरों से निकलते हैं तो मतदान प्रतिशत मजबूत रह सकता है। अंतिम आंकड़ा मतदान समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
9. वोटर लिस्ट और बूथ की जानकारी ऑनलाइन
मतदाताओं की सुविधा के लिए चुनाव से जुड़ी जानकारी डिजिटल माध्यमों पर उपलब्ध कराई जा रही है। मतदाता सूची, मतदान केंद्र और जरूरी पहचान दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी साझा की जा रही है।
इससे मतदाताओं को अपना नाम और मतदान केंद्र खोजने में मदद मिल सकती है। प्रशासन की हेल्पडेस्क व्यवस्था भी मतदाताओं की सहायता के लिए सक्रिय है।
10. 14 सितंबर को होगी मतगणना
शाम 6 बजे मतदान समाप्त होने के बाद EVM को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सील किया जाएगा। इसके बाद मशीनों को कड़ी सुरक्षा वाले स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाएगा।
14 सितंबर 2026 को मतगणना होगी। इसी दिन जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के चुनाव परिणाम सामने आएंगे और नए पार्षदों की स्थिति स्पष्ट होगी।
जयपुर के बोर्ड गठन पर भी रहेगी नजर
150 वार्डों के परिणाम केवल पार्षदों के चुनाव तक सीमित नहीं रहेंगे। परिणाम आने के बाद नगर निगम में बोर्ड गठन को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज होंगी।
भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों की संख्या से बोर्ड बनाने का गणित तय होगा। इसलिए 14 सितंबर की मतगणना के बाद जयपुर की स्थानीय राजनीति में नया सियासी समीकरण देखने को मिल सकता है।