उदयपुर में एक करोड़ की ज्वैलरी चोरी का खुलासा, चंबल के बीहड़ों में दबाया था माल; 200 कैमरों से खुला राज
उदयपुर पुलिस ने पंचवटी स्थित ज्वैलरी शोरूम में करीब एक करोड़ रुपए की चोरी का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों में गिरोह का सरगना भी शामिल है। जांच के दौरान पुलिस ने चंबल के बीहड़ों में खेतों के बीच गड्ढा खोदकर छिपाया गया करीब 60 लाख रुपए का चोरी का माल बरामद किया है। पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए उदयपुर से आगरा तक करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस के अनुसार वारदात के बाद आरोपी लगातार ट्रेन और बस बदलते रहे और नकद भुगतान करते रहे, ताकि उनकी लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो।
पंचवटी के ज्वैलरी शोरूम में हुई थी एक करोड़ की चोरी
पुलिस के अनुसार 29 जुलाई को पंचवटी स्थित नवीन ज्वैलर्स शोरूम में चोरी हुई थी। शोरूम के प्रोपराइटर नवीन स्वरूपरिया ने हाथीपोल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक बदमाश साइड का शटर उखाड़कर और कांच का दरवाजा तोड़कर शोरूम में दाखिल हुए थे। चोर करीब 22 लाख रुपए के हीरे, 390 ग्राम सोने के आभूषण, 12 किलो चांदी के जेवर और बर्तन तथा 9.75 लाख रुपए नकद ले गए थे। पुलिस ने चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई।
चंबल के बीहड़ों से पकड़ा गया गैंग का सरगना
पुलिस ने इस मामले में आनंद उर्फ कुकड़िया वर्मा निवासी पुरा नत्था झोरिया, पिनाहट आगरा, धनपाल उर्फ धान्धु वर्मा और शमशाबाद आगरा के नगला मुक्ता निवासी गुड्डू राठौड़ को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार ये आरोपी उत्तर प्रदेश के पिनाहट और शमशाबाद क्षेत्र में सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक धनपाल के खिलाफ तीन और आनंद के खिलाफ दो मामले दर्ज हैं।
200 कैमरों की फुटेज से बीहड़ों तक पहुंची पुलिस
गिरोह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने उदयपुर शहर में लगे कई सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। फुटेज में पांच संदिग्ध वारदात से पहले शोरूम की रेकी करते दिखाई दिए।
पुलिस ने इसके बाद संदिग्धों के संभावित रूट को ट्रैक किया। जांच में सिटी रेलवे स्टेशन से चित्तौड़गढ़ की दिशा में जाने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने चित्तौड़गढ़, कोटा, बारां, धौलपुर, ग्वालियर और आगरा तक करीब 200 कैमरों की फुटेज को आपस में जोड़ा। इसी कड़ी ने पुलिस को चंबल के बीहड़ों तक पहुंचाया।
बीहड़ में गड्ढा खोदकर छिपाया था चोरी का माल
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने चोरी के बाद माल को सुरक्षित रखने के लिए चंबल के बीहड़ों में खेतों के बीच गड्ढे खोदकर दबा दिया था।
पुलिस टीमों ने स्थानीय स्तर पर सूचना जुटाने के बाद आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी। उनकी निशानदेही पर करीब 60 लाख रुपए का चोरी का सामान बरामद किया गया। पुलिस अब बरामद माल का मिलान चोरी की रिपोर्ट में दर्ज सामान से कर रही है।
वारदात से दो महीने पहले उदयपुर आए थे बदमाश
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के दो सदस्य मनोज वर्मा और आनंद वर्मा वारदात से करीब दो महीने पहले मजदूरी करने के बहाने उदयपुर आए थे।
पुलिस के अनुसार दोनों ने शोरूम की रेकी की और इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्यों को उदयपुर बुलाया। आरोपियों ने कथित तौर पर पास के नाले की तरफ से सेंधमारी कर शोरूम में प्रवेश किया।
इससे उन्हें दुकान तक पहुंचने और वारदात को अंजाम देने में आसानी हुई।
मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया, बस-ट्रेन बदलते रहे
पुलिस का दावा है कि वारदात के दौरान आरोपियों ने मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया। चोरी के बाद उन्होंने अपनी पहचान और लोकेशन छिपाने के लिए लगातार ट्रेन और बसें बदलीं।
पुलिस के मुताबिक आरोपी सफर के दौरान नकद भुगतान करते रहे, ताकि डिजिटल लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड से बचा जा सके। जांच में सामने आए इन तथ्यों के आधार पर पुलिस गिरोह की पूरी गतिविधि और नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
एक आरोपी फरार, बाकी माल की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार गिरोह का एक अन्य सदस्य मनोज उर्फ डॉक्टर वर्मा अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
इसके अलावा चोरी हुए बाकी सामान की बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और चोरी के माल को ठिकाने लगाने में कौन-कौन लोग शामिल रहे।