Rajasthan Nikay Chunav: अजमेर में आचार संहिता उल्लंघन पर कांग्रेस प्रत्याशी का ASI पति सस्पेंड, कांग्रेस ने उठाए सवाल
अजमेर नगर निगम चुनाव में वार्ड 61 का मुकाबला अब राजनीतिक विवाद में बदल गया है। आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी मीणा के पति और अरांई थाने में तैनात ASI हरफूल मीणा को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं। इस कार्रवाई पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने सवाल उठाते हुए पुलिस प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया है। वहीं एसपी का कहना है कि निलंबन आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत के आधार पर किया गया है।
वार्ड 61 में आमने-सामने BJP और कांग्रेस की महिला प्रत्याशी
अजमेर नगर निगम का वार्ड 61 अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित है। यहां बीजेपी ने राकेशी मीणा को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से मीनाक्षी मीणा चुनाव मैदान में हैं। दोनों महिला प्रत्याशियों के पति पुलिस विभाग में ASI के पद पर तैनात हैं। इसी वजह से चुनावी मुकाबला शुरू से ही चर्चा में रहा है।
बीजेपी प्रत्याशी के पति मनोज कुमार मीणा सिविल लाइंस थाने में तैनात हैं। जानकारी के अनुसार उन्होंने चुनाव से पहले उचित कारण बताते हुए अवकाश लिया था। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी के पति हरफूल मीणा अरांई थाने में पदस्थापित हैं।
कांग्रेस प्रत्याशी के पति ASI पर कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक कांग्रेस प्रत्याशी के पति हरफूल मीणा के खिलाफ चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन का मामला सामने आया था। शिकायत और प्रकरण की जानकारी पुलिस अधिकारियों तक पहुंचने के बाद एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बुधवार शाम उन्हें निलंबित कर दिया।
निलंबन के साथ ही विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि पुलिसकर्मी की ओर से चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया गया था या नहीं और उसकी प्रकृति क्या थी।
कांग्रेस ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
हरफूल मीणा के निलंबन के बाद अजमेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि दोनों मामलों में अलग-अलग मापदंड अपनाए गए हैं।
जयपाल ने कहा कि बीजेपी प्रत्याशी के पति भी पुलिस अधिकारी हैं, लेकिन कार्रवाई कांग्रेस प्रत्याशी के पति पर हुई। उन्होंने इसे राजनीतिक भेदभाव बताते हुए आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कांग्रेस प्रत्याशी और उनके परिवार को परेशान करने के लिए किया जा रहा है।
एसपी बोले- दोनों मामलों की स्थिति अलग
एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने कांग्रेस के आरोपों को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि हरफूल मीणा के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला सामने आने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि बीजेपी प्रत्याशी के पति मनोज कुमार मीणा के चुनाव से पहले अवकाश पर जाने की जानकारी पहले से दी गई थी। एसपी के मुताबिक दोनों मामलों की विभागीय स्थिति अलग है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
BJP देहात अध्यक्ष ने भी की शिकायत
मामले में बीजेपी देहात अध्यक्ष जीतमल प्रजापत की ओर से भी शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। उनका आरोप है कि संबंधित पुलिसकर्मी पिछले दो-तीन दिनों से अमर्यादित व्यवहार कर रहे थे।
जीतमल प्रजापत ने दावा किया कि CCTV फुटेज में भी ऐसा व्यवहार सामने आया है और इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की गई। हालांकि, CCTV फुटेज में क्या सामने आया और उसकी जांच में क्या निष्कर्ष निकला, यह विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
चुनावी माहौल में बढ़ा विवाद
वार्ड 61 में दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के पति पुलिस विभाग में होने के कारण पहले से ही यह मुकाबला चर्चा में था। अब ASI हरफूल मीणा के निलंबन के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
एक तरफ कांग्रेस इसे भेदभाव की कार्रवाई बता रही है। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई आचार संहिता उल्लंघन के मामले में की गई है। ऐसे में अब विभागीय जांच की रिपोर्ट इस विवाद में महत्वपूर्ण होगी।
वार्ड 61 के चुनाव पर भी नजर
अजमेर नगर निगम चुनाव में वार्ड 61 का मुकाबला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां अनुसूचित जनजाति महिला वर्ग की दो प्रत्याशी आमने-सामने हैं। चुनाव प्रचार के दौरान सामने आए विवाद ने इस वार्ड की राजनीतिक चर्चा और बढ़ा दी है।
अब सभी की नजर चुनाव परिणाम के साथ-साथ ASI हरफूल मीणा के खिलाफ चल रही विभागीय जांच पर भी रहेगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आचार संहिता उल्लंघन के आरोपों में आगे क्या कार्रवाई होती है।