Rain Alert: गणपति आगमन पर तेज बारिश का साया! बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र
महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच मौसम ने चिंता बढ़ा दी है। बंगाल की खाड़ी में 11 सितंबर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिसका असर राज्य के कई हिस्सों में दिखाई दे सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 12 से 15 सितंबर के बीच पुणे समेत महाराष्ट्र के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। वहीं 17 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। ऐसे में गणपति उत्सव के दौरान बारिश आयोजकों और श्रद्धालुओं के लिए परेशानी बढ़ा सकती है।
बंगाल की खाड़ी में बन सकता है कम दबाव का क्षेत्र
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में 11 सितंबर के आसपास एक कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है। मौसम मॉडलों के अनुसार यह सिस्टम पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है।
इसके प्रभाव से महाराष्ट्र में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि सिस्टम के बनने और उसकी दिशा स्पष्ट होने के बाद ही बारिश की तीव्रता और स्थान को लेकर ज्यादा सटीक अनुमान सामने आएगा।
12 से 15 सितंबर तक बारिश का अनुमान
भारतीय मौसम विभाग की पुणे वेधशाला के मौसम वैज्ञानिक एस. डी. सानप के अनुसार कम दबाव के क्षेत्र का असर महाराष्ट्र के बारिश के पैटर्न पर पड़ सकता है।
मौजूदा पूर्वानुमान के मुताबिक 12 से 15 सितंबर के बीच पुणे समेत राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग की ओर से 10 सितंबर तक इस सिस्टम और इसके संभावित प्रभाव को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
गणेशोत्सव के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश संभव
मौसम विशेषज्ञ अनुपम कश्यपी के अनुसार गणेशोत्सव के दौरान कई क्षेत्रों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और बिजली चमकने की स्थिति भी बन सकती है।
खास तौर पर उत्सव के दूसरे हिस्से में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में खुले मैदानों में होने वाले कार्यक्रमों और गणपति विसर्जन से जुड़े आयोजनों पर मौसम का असर पड़ सकता है।
कोंकण और विदर्भ में ज्यादा असर की संभावना
मध्यम अवधि के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 13 से 16 सितंबर के बीच महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। कोंकण और विदर्भ क्षेत्रों में बारिश का दायरा अन्य इलाकों की तुलना में अधिक व्यापक रहने की संभावना है।
इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं 17 सितंबर के बाद राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है और करीब एक सप्ताह तक इसका असर बना रह सकता है।
महाराष्ट्र में सामान्य से 16 फीसदी कम बारिश
मौसम विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में 1 जून से 8 सितंबर के बीच सामान्य बारिश करीब 872 मिलीमीटर होती है। इस साल इसी अवधि में राज्य में 736.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है।
इस तरह महाराष्ट्र में अब तक सामान्य से करीब 16 फीसदी कम बारिश हुई है। हालांकि राज्य के अलग-अलग जिलों में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा है।
पुणे में सामान्य से 26 फीसदी ज्यादा बारिश
राज्य के औसत से अलग पुणे जिले में इस साल अब तक बारिश ज्यादा दर्ज की गई है। 1 जून से 8 सितंबर के बीच पुणे जिले में सामान्य बारिश करीब 806 मिलीमीटर होती है।
इस अवधि में जिले में 1,014.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यानी पुणे में सामान्य से करीब 26 फीसदी अधिक बारिश हुई है।
बारिश के असमान वितरण से खेती पर चिंता
बारिश की कुल मात्रा से ज्यादा चिंता उसके असमान वितरण को लेकर सामने आ रही है। कई क्षेत्रों में बारिश के बीच लंबे अंतराल के कारण खेती प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व विधायक धीरज देशमुख ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर प्रभावित किसानों के लिए विशेष सूखा राहत पैकेज की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि मराठवाड़ा, विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र में वर्षा आधारित खेती बारिश की अनियमितता से प्रभावित हुई है।
उनके मुताबिक कुछ इलाकों में बुवाई प्रभावित हुई है और कई जगह खड़ी फसलों पर भी संकट बना हुआ है। हालांकि राहत पैकेज की मांग राजनीतिक प्रतिनिधि की ओर से की गई है।
गणपति आयोजकों की बढ़ सकती है परेशानी
महाराष्ट्र में गणेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में सार्वजनिक मंडलों और घरों में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यदि बारिश की गतिविधियां बढ़ती हैं तो पंडाल, जुलूस और खुले स्थानों पर होने वाले कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं।
फिलहाल मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक शुरुआती दिनों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद इसकी दिशा और ताकत के आधार पर आगे का पूर्वानुमान अधिक स्पष्ट होगा।