#क्राइम #राज्य-शहर

Kota Child Molestation Case: 3 साल की बच्ची से गलत हरकत का मामला, स्कूल स्टाफ के DNA सैंपल लिए

Kota Child Molestation Case: कोटा में तीन साल की मासूम बच्ची से गलत हरकत की आशंका का बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे थे। चिकित्सकीय जांच के दौरान बच्ची के निजी अंग के आसपास दर्द और सूजन पाए जाने के बाद डॉक्टर ने गलत हरकत की आशंका जताई। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने मामले में POCSO एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बच्ची की कम उम्र के कारण वह घटना के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही है। पुलिस मेडिकल जांच, DNA सैंपल और CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

डॉक्टर की जांच के बाद सामने आया मामला

बताया गया कि बच्ची की तबीयत खराब होने के बाद परिजन उसे बाल रोग विशेषज्ञ के पास लेकर गए थे। डॉक्टर की जांच में बच्ची के निजी अंग के आसपास दर्द और सूजन जैसी स्थिति सामने आई।

चिकित्सक ने परिजनों को संभावित गलत हरकत की आशंका के बारे में बताया। इसके बाद परिजन पुलिस के पास पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई।

POCSO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

कोटा शहर पुलिस के मुताबिक, मामले में पॉक्सो एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच महिला उत्पीड़न अनुसंधान सेल के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सांखला द्वारा की जा रही है।

पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

स्कूल स्टाफ पर भी जांच का फोकस

परिजनों के अनुसार बच्ची घर के अलावा नियमित रूप से केवल स्कूल जाती है। वह घर के पास स्थित एक प्ले स्कूल में पढ़ती है।

इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने स्कूल से जुड़े कुछ पुरुष स्टाफ और अन्य संबंधित लोगों के DNA सैंपल लिए हैं। इन सैंपल को जांच के लिए FSL भेजे जाने की प्रक्रिया की जा रही है, ताकि मेडिकल और फोरेंसिक साक्ष्यों से किसी संभावित आरोपी की पहचान में मदद मिल सके।

हालांकि, DNA सैंपल लिया जाना किसी व्यक्ति के आरोपी या दोषी होने का प्रमाण नहीं है। पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है।

FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य

मामले की गंभीरता को देखते हुए FSL टीम ने भी संबंधित स्थान से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस CCTV फुटेज की भी जांच कर रही है।

जांच एजेंसियां मेडिकल रिपोर्ट, DNA रिपोर्ट, CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को आपस में मिलाकर यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि बच्ची के साथ वास्तव में क्या हुआ और घटना के पीछे कौन जिम्मेदार है।

बच्ची की कम उम्र बनी जांच की चुनौती

तीन साल की बच्ची बेहद कम उम्र की होने के कारण घटना के बारे में स्पष्ट रूप से जानकारी नहीं दे पा रही है। ऐसे में पुलिस के लिए मेडिकल और फोरेंसिक साक्ष्य जांच में महत्वपूर्ण हो गए हैं।

पुलिस का प्रयास है कि बच्ची की पहचान और निजता पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाए।

पुलिस जांच के बाद सामने आएगा पूरा सच

फिलहाल मामले में किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। पुलिस द्वारा लिए गए DNA सैंपल, मेडिकल जांच, CCTV फुटेज और FSL रिपोर्ट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और जांच एजेंसियों के सामने बच्ची की सुरक्षा और निजता बनाए रखते हुए जल्द से जल्द तथ्य सामने लाने की चुनौती है।

author avatar
Stv News Rajasthan
Kota Child Molestation Case: 3 साल की बच्ची से गलत हरकत का मामला, स्कूल स्टाफ के DNA सैंपल लिए

Kota Child Molestation Case: 3 साल की

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *