Rajasthan Nikay Chunav 2026: राजस्थान में 3703 अति संवेदनशील मतदान केंद्र, जयपुर में सबसे ज्यादा 804
राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में कुल 3,703 मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील और 723 मतदान केंद्रों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। राजधानी जयपुर में सबसे ज्यादा 804 अति संवेदनशील मतदान केंद्र चिन्हित किए गए हैं। वहीं जोधपुर 207 केंद्रों के साथ दूसरे स्थान पर है। प्रदेश के 14 जिलों में अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या 100 से अधिक है।
3703 बूथ अति संवेदनशील, 723 संवेदनशील
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में कुल 10,229 वार्ड हैं। चुनाव के दौरान संभावित संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने मतदान केंद्रों को अलग-अलग श्रेणियों में चिन्हित किया है।
इनमें 3,703 मतदान केंद्र अति संवेदनशील और 723 मतदान केंद्र संवेदनशील बताए गए हैं। ऐसे बूथों पर सुरक्षा व्यवस्था को सामान्य मतदान केंद्रों की तुलना में अधिक मजबूत रखा जाएगा।
जयपुर में सबसे ज्यादा 804 अति संवेदनशील बूथ
राजधानी जयपुर में सबसे ज्यादा 804 अति संवेदनशील मतदान केंद्र चिन्हित किए गए हैं। इसके बाद जोधपुर में 207 और अजमेर में 187 अति संवेदनशील केंद्र हैं।
अन्य प्रमुख जिलों में सीकर में 173, दौसा में 157, बीकानेर में 151, झुंझुनूं में 140, चूरू में 130 और अलवर में 117 अति संवेदनशील मतदान केंद्र चिन्हित किए गए हैं।
100 से ज्यादा अति संवेदनशील बूथ वाले जिले
- जयपुर — 804
- जोधपुर — 207
- अजमेर — 187
- सीकर — 173
- दौसा — 157
- बीकानेर — 151
- झुंझुनूं — 140
- चूरू — 130
- अलवर — 117
- श्रीगंगानगर — 110
- भरतपुर — 108
- पाली — 105
- टोंक — 102
- डीडवाना-कुचामन — 102
संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस मुख्यालय कानून व्यवस्था के डीआईजी अरशद अली के मुताबिक संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि मतदान केंद्रों की गतिविधियों पर पुलिस की निगरानी रहेगी। सामान्य सुरक्षा व्यवस्था के तहत हर 10 वार्ड पर एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ 10 जवानों की टीम तैनात रहेगी।
संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर वरिष्ठ अधिकारी अपनी टीम के साथ हर घंटे निरीक्षण करेंगे।
अलवर में 117 अति संवेदनशील मतदान केंद्र
अलवर जिले में कुल 12 नगरीय निकाय और 350 वार्ड हैं। यहां 117 मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या शून्य बताई गई है।
अलवर में निकाय चुनाव को देखते हुए इन मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस निगरानी महत्वपूर्ण रहेगी।
जयपुर के बाद जोधपुर और अजमेर पर नजर
जोधपुर में 207 और अजमेर में 187 अति संवेदनशील मतदान केंद्र चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा सीकर, दौसा, बीकानेर और झुंझुनूं जैसे जिलों में भी बड़ी संख्या में बूथ अति संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं।
इन क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासन की ओर से मतदान प्रक्रिया के दौरान अतिरिक्त निगरानी रखने की तैयारी है।
किन जिलों में संवेदनशील बूथ ज्यादा?
सभी जिलों में अति संवेदनशील बूथों की संख्या ही ज्यादा हो, ऐसा नहीं है। कुछ जिलों में संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या भी उल्लेखनीय है।
कोटा में 154 संवेदनशील और 61 अति संवेदनशील केंद्र बताए गए हैं। राजसमंद में 69 संवेदनशील केंद्र हैं, जबकि नागौर में 68 और हनुमानगढ़ में 63 संवेदनशील मतदान केंद्र चिन्हित किए गए हैं।
बांसवाड़ा में 34, उदयपुर में 31, चित्तौड़गढ़ में 29, ब्यावर में 27 और सवाई माधोपुर में 26 संवेदनशील मतदान केंद्र हैं।
जिलेवार संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्र
| जिला | कुल निकाय | कुल वार्ड | संवेदनशील | अति संवेदनशील |
|---|---|---|---|---|
| अजमेर | 9 | 315 | 0 | 187 |
| अलवर | 12 | 350 | 0 | 117 |
| बांसवाड़ा | 3 | 105 | 34 | 0 |
| बारां | 6 | 210 | 0 | 89 |
| बाड़मेर | 2 | 75 | 14 | 20 |
| भरतपुर | 7 | 237 | 0 | 108 |
| भीलवाड़ा | 11 | 325 | 0 | 75 |
| बीकानेर | 7 | 270 | 0 | 151 |
| बूंदी | 8 | 230 | 0 | 54 |
| चित्तौड़गढ़ | 7 | 250 | 29 | 40 |
| चूरू | 11 | 430 | 2 | 130 |
| दौसा | 11 | 325 | 0 | 157 |
| धौलपुर | 7 | 230 | 17 | 73 |
| डूंगरपुर | 2 | 75 | 0 | 11 |
| श्रीगंगानगर | 11 | 345 | 8 | 110 |
| हनुमानगढ़ | 8 | 290 | 63 | 68 |
| जयपुर | 19 | 689 | 0 | 804 |
| जैसलमेर | 2 | 70 | 21 | 0 |
| जालौर | 5 | 165 | 12 | 38 |
| झालावाड़ | 8 | 240 | 0 | 44 |
| झुंझुनूं | 19 | 555 | 0 | 140 |
| जोधपुर | 7 | 275 | 0 | 207 |
| करौली | 6 | 210 | 5 | 71 |
| कोटा | 6 | 260 | 154 | 61 |
| नागौर | 9 | 285 | 68 | 3 |
| पाली | 10 | 320 | 0 | 105 |
| प्रतापगढ़ | 4 | 105 | 6 | 21 |
| राजसमंद | 5 | 140 | 69 | 0 |
| सवाई माधोपुर | 6 | 215 | 26 | 70 |
| सीकर | 14 | 495 | 5 | 173 |
| सिरोही | 6 | 180 | 0 | 38 |
| टोंक | 10 | 315 | 0 | 102 |
| उदयपुर | 6 | 190 | 31 | 77 |
| बालोतरा | 7 | 185 | 0 | 48 |
| ब्यावर | 5 | 170 | 27 | 58 |
| डीडवाना-कुचामन | 8 | 285 | 0 | 102 |
| डीग | 6 | 180 | 28 | 36 |
| खैरथल-तिजारा | 7 | 230 | 48 | 45 |
| कोटपूतली-बहरोड़ | 9 | 325 | 56 | 44 |
| फलौदी | 2 | 60 | 0 | 21 |
| सलूंबर | 1 | 25 | 0 | 5 |
शांतिपूर्ण मतदान कराने पर प्रशासन का फोकस
राज्य निर्वाचन आयोग और पुलिस प्रशासन का फोकस संवेदनशील एवं अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखने का है। अधिकारियों के मुताबिक कोशिश है कि सभी मतदाता बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।
अति संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त निगरानी और वरिष्ठ अधिकारियों के लगातार दौरे के जरिए किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते नियंत्रित करने की तैयारी की गई है।