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स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026: राजस्थान के बड़े शहर पिछड़े, अलवर-उदयपुर ने बचाई लाज

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 की राष्ट्रीय रैंकिंग ने राजस्थान के शहरों में वायु प्रदूषण से निपटने की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में जयपुर 20वें, जोधपुर 24वें और कोटा 37वें स्थान पर रहा। वहीं 3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में अलवर ने छठा और उदयपुर ने आठवां स्थान हासिल कर प्रदेश को कुछ राहत दी। खास बात यह है कि 3 लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में राजस्थान का एक भी शहर राष्ट्रीय रैंकिंग में जगह नहीं बना सका।

130 शहरों को सर्वेक्षण में किया गया शामिल

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देश के कुल 130 शहरों को शामिल किया गया। आबादी के आधार पर इन्हें तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया और फिर शहरों के प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग जारी की गई।

इस सर्वेक्षण का उद्देश्य शहरों में वायु प्रदूषण कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों और स्वच्छ हवा से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन का आकलन करना है।

सिर्फ AQI के आधार पर नहीं हुई रैंकिंग

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण की रैंकिंग को केवल एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI के आधार पर नहीं समझना चाहिए। शहरों का मूल्यांकन कई अलग-अलग मानकों पर किया गया।

इनमें प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास, स्वच्छ वायु कार्ययोजना का क्रियान्वयन, शहर का स्व-मूल्यांकन, राज्य स्तरीय निगरानी समिति की मंजूरी, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी CPCB का मूल्यांकन और स्वतंत्र समितियों का मैदानी सत्यापन शामिल रहा।

यानी रैंकिंग में शहरों की वायु गुणवत्ता के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण को लेकर प्रशासनिक और जमीनी प्रयासों को भी महत्व दिया गया।

जयपुर 20वें, जोधपुर 24वें और कोटा 37वें स्थान पर

10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में राजस्थान के तीन प्रमुख शहरों को शीर्ष स्थान हासिल नहीं हो सका।

  • जयपुर: 174 अंक, 20वां स्थान
  • जोधपुर: 163.2 अंक, 24वां स्थान
  • कोटा: 146.3 अंक, 37वां स्थान

इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश के तीन बड़े शहर राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरों से काफी पीछे रहे।

लखनऊ बना देश का नंबर-1 शहर

10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों की श्रेणी में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ 198 अंक के साथ पहले स्थान पर रही।

टॉप-5 शहरों में:

  1. लखनऊ: 198 अंक
  2. इंदौर: 197 अंक
  3. जबलपुर: 195 अंक
  4. भोपाल: 192 अंक
  5. आगरा: 192 अंक
  6. सूरत: 191 अंक

इन शहरों के मुकाबले जयपुर, जोधपुर और कोटा का प्रदर्शन कमजोर रहा।

अलवर ने हासिल किया छठा स्थान

3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में राजस्थान के अलवर ने बेहतर प्रदर्शन किया। अलवर ने 192 अंक हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर छठा स्थान प्राप्त किया।

इसी श्रेणी में उदयपुर 187.5 अंक के साथ आठवें स्थान पर रहा। दोनों शहर टॉप-10 में जगह बनाने में सफल रहे।

इस श्रेणी में राउरकेला 198.5 अंक के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि फिरोजाबाद और गुंटूर 195-195 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। अलवर का स्कोर पहले स्थान पर रहे राउरकेला से 6.5 अंक कम रहा।

अलवर और उदयपुर ने प्रदेश को दी राहत

राजस्थान के बड़े शहरों के कमजोर प्रदर्शन के बीच अलवर और उदयपुर की रैंकिंग प्रदेश के लिए राहत की बात रही। दोनों शहरों ने अपनी आबादी वाली श्रेणी में टॉप-10 में जगह बनाई।

हालांकि, इस श्रेणी में भी राजस्थान का कोई शहर राष्ट्रीय स्तर पर पहले तीन स्थानों में नहीं पहुंच सका। ऐसे में प्रदेश के लिए अभी प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ हवा से जुड़े प्रयासों को और मजबूत करने की जरूरत दिखाई देती है।

छोटी आबादी वाले शहरों में राजस्थान का प्रदर्शन सबसे कमजोर

3 लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में राजस्थान के लिए तस्वीर और निराशाजनक रही। इस कैटेगरी में प्रदेश का एक भी शहर राष्ट्रीय रैंकिंग में जगह नहीं बना सका।

इस श्रेणी में कलिंगानगर 198.5 अंक के साथ पहले, अंगुल 196.5 अंक के साथ दूसरे और तालचेर 193.5 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

राजस्थान के सामने बड़ी चुनौती

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण की तस्वीर बताती है कि राजस्थान के शहरों को प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ स्वच्छ वायु कार्ययोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे बड़े शहरों की रैंकिंग में सुधार के लिए स्थानीय स्तर पर प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों की पहचान, नियंत्रण उपायों की निगरानी और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को मजबूत करना महत्वपूर्ण होगा।

वहीं अलवर और उदयपुर का टॉप-10 में पहुंचना यह संकेत देता है कि प्रदेश के कुछ शहर स्वच्छ हवा से जुड़े प्रयासों में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। अब चुनौती इस प्रदर्शन को आगे बढ़ाने और दूसरे शहरों तक बेहतर मॉडल पहुंचाने की है।

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Stv News Rajasthan

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