जयपुर में गणेश जन्मोत्सव की धूम, मोतीडूंगरी में सजी भव्य मोदक झांकी
Ganesh Chaturthi Jaipur: जयपुर में गणेश जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में मंगलवार को 348 किलो पंचामृत से भगवान गणेश का अभिषेक किया गया। बुधवार को मंदिर में विशाल मोदक झांकी सजाई गई है। शाम को श्रद्धालुओं को निःशुल्क मोदक प्रसाद वितरित किया जाएगा। गणेश जन्मोत्सव 14 सितंबर को मनाया जाएगा, जबकि नौ दिवसीय गणेशोत्सव का समापन 15 सितंबर को शोभायात्रा के साथ होगा।
348 किलो पंचामृत से हुआ भगवान गणेश का अभिषेक
मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गणेश जन्मोत्सव से पहले विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार को भौम्य पुष्य नक्षत्र के अवसर पर महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में भगवान गणेश का 348 किलो पंचामृत से अभिषेक किया गया।
अभिषेक के बाद भगवान गणेश को नवरत्न जड़ित स्वर्णमुकुट धारण कराया गया। मंदिर में केले की विशेष झांकी भी सजाई गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
2 लाख से ज्यादा मोदकों से सजी भव्य झांकी
बुधवार को मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में विशाल मोदक झांकी सजाई गई। झांकी में 251 किलो के दो और 200 किलो के दो बड़े मोदक प्रमुख आकर्षण हैं। इसके अलावा 51 किलो और 21 किलो के कई विशेष मोदक भी तैयार किए गए हैं।
मंदिर की इस विशेष झांकी के लिए करीब 150 हलवाइयों ने मिलकर काम किया। आयोजकों के अनुसार लगभग 15 हजार किलो सामग्री से दो लाख से अधिक छोटे-बड़े मोदक तैयार किए गए हैं।
शाम 6:30 बजे से मिलेगा निःशुल्क प्रसाद
मोतीडूंगरी मंदिर में बुधवार शाम श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है। शाम 6:30 बजे से रात 9 बजे तक भक्तों को निःशुल्क मोदक प्रसाद बांटा जाएगा।
गणेश जन्मोत्सव के दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन की ओर से दर्शन और भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
नाहर के गणेशजी और परकोटा मंदिर में भी विशेष आयोजन
जयपुर के अन्य प्रमुख गणेश मंदिरों में भी गणेशोत्सव को लेकर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। नाहर के गणेशजी मंदिर में महंत जय शर्मा के सान्निध्य में गणपति अथर्वशीर्ष पाठ और दूर्वा मार्जन अभिषेक किया गया।
मंदिर को रजवाड़ी कांच और गोल्डन नक्काशी से विशेष रूप से सजाया गया है। वहीं परकोटा गणेश मंदिर और गीला गायत्री मंदिर में भी विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए।
13 सितंबर को होगा सिंजारा उत्सव
गणेशोत्सव के दौरान 13 सितंबर को मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में सिंजारा उत्सव आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर सोजत से लाई गई करीब 3,500 किलो मेहंदी से भगवान गणेश का सिंजारा किया जाएगा।
शाम 7:30 बजे से पांच स्थानों पर श्रद्धालुओं को मेहंदी वितरित की जाएगी। इसी दिन भगवान गणेश को ननिहाल से आई विशेष नवीन पोशाक भी पहनाई जाएगी।
इसके अगले दिन 14 सितंबर को गणेश जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर में विशेष दर्शन व्यवस्था रहेगी।
14 सितंबर को करीब 19 घंटे होंगे दर्शन
गणेश जन्मोत्सव के दिन मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था रहेगी। मंगला आरती से शुरू होने वाला दर्शन क्रम रात 11:40 बजे शयन आरती तक जारी रहेगा।
इस दौरान भक्तों को करीब 19 घंटे तक भगवान गणेश के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस की ओर से भीड़ नियंत्रण की तैयारियां की जा रही हैं।
महिलाओं के लिए पहली बार अलग दर्शन लाइन
इस बार गणेश जन्मोत्सव पर दर्शन व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए महिलाओं के लिए पहली बार अलग दर्शन लाइन बनाई जा रही है।
इसके अलावा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए 6 एंट्री और 8 एग्जिट पॉइंट बनाए जाएंगे। भीड़ अधिक होने की स्थिति में लोगों को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया का दायरा भी बढ़ाया जाएगा।
15 सितंबर को शोभायात्रा के साथ गणेशोत्सव का समापन
जयपुर में नौ दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत सोमवार से हुई है। विभिन्न गणेश मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
गणेश जन्मोत्सव 14 सितंबर को मनाया जाएगा, जबकि 15 सितंबर को भगवान गणेश की शोभायात्रा के साथ गणेशोत्सव का समापन होगा। इस दौरान जयपुर में श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ जुटने की संभावना है।