अलवर में दहेज के लिए दो सगी बहनों पर हमला, लोहे के हथियारों से मारपीट का आरोप
अलवर में दहेज प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है। नगर थाना क्षेत्र के चिरावल माली गांव में दो सगी विवाहित बहनों ने अपने ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज की मांग को लेकर मारपीट और जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। पीड़िताओं के मुताबिक घर का गेट बंद कर उनके साथ लोहे के हथियारों से मारपीट की गई, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस ने दोनों को अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय में भर्ती कराया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।
सात साल पहले हुई थी दोनों बहनों की शादी
जानकारी के अनुसार सीकरी थाना क्षेत्र की रहने वाली बृजलता सैनी और वीरवती सैनी की करीब सात वर्ष पहले चिरावल माली गांव निवासी अनिल और भूपेंद्र से शादी हुई थी। दोनों बहनें शादी के बाद अपने-अपने ससुराल में रह रही थीं।
बृजलता का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दोनों बहनों को दहेज की मांग को लेकर परेशान करते रहे हैं। पीड़िता ने सास-ससुर, जेठ-जेठानी समेत अन्य परिजनों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं।
जनवरी में दिए थे दो लाख रुपये
पीड़िता के अनुसार लगातार हो रही कथित प्रताड़ना से परेशान होकर इस वर्ष जनवरी में पीहर पक्ष की ओर से ससुराल वालों को दो लाख रुपये भी दिए गए थे। आरोप है कि रकम देने के बावजूद दहेज की मांग और कथित प्रताड़ना बंद नहीं हुई।
पीड़िता का कहना है कि परिवार की ओर से विवाद खत्म करने और दोनों बहनों का घर बचाने की कोशिश की गई, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
घर का गेट बंद कर हमला करने का आरोप
पीड़िताओं के अनुसार सोमवार को ससुर विशंभर, सास फूलवती, जेठ जगदीश, जेठानी शकुंतला, जेठ सतीश, उसकी पत्नी निरमा और बेटी प्रीति ने कथित तौर पर घर का गेट बंद कर दिया।
आरोप है कि इसके बाद दोनों बहनों पर लोहे के हथियारों से हमला किया गया। मारपीट में दोनों को शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोटें आईं और वे गंभीर रूप से घायल हो गईं।
अस्पताल में दोनों बहनों का उपचार जारी
घटना के बाद दोनों घायल बहनों को उपचार के लिए अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय लाया गया। चिकित्सकों की निगरानी में दोनों का उपचार जारी है।
घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस प्रशासन से मामले में कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। पुलिस की ओर से मामले की जांच और लगाए गए आरोपों की पुष्टि की प्रक्रिया की जा रही है।
पीड़िता बोली- महिला अधिवक्ता के साथ ऐसा होना चिंताजनक
बृजलता सैनी ने बताया कि वह नगर कोर्ट में अधिवक्ता हैं, जबकि उनकी बहन वीरवती गृहिणी हैं। उनका कहना है कि यदि एक महिला अधिवक्ता को भी इस तरह की कथित हिंसा का सामना करना पड़ सकता है तो आम महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
पीड़िता ने पुलिस प्रशासन और मीडिया के माध्यम से मामले में न्याय दिलाने की अपील की है। उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस घटना के कारणों, दोनों पक्षों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
दहेज को लेकर होने वाली प्रताड़ना और घरेलू हिंसा के मामलों में पीड़ित पक्ष की शिकायत के साथ-साथ पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है।