जयपुर: CJP टीम से विवाद वाले स्कूल पर चला बुलडोजर, 18 लाख से बनेगा नया भवन
जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में उस सरकारी स्कूल के नए भवन का काम शुरू हो गया है, जो लंबे समय से जर्जर हालत में था। बुधवार को प्रशासन ने पुराने भवन को बुलडोजर की मदद से गिराकर निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी। यह वही राजकीय प्राथमिक विद्यालय है, जिसे लेकर 21 अगस्त को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ था। इस दौरान CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका समेत टीम के सदस्यों के साथ मारपीट होने का आरोप लगा था। अब प्रशासन ने स्कूल के नए भवन के निर्माण के लिए 18 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं।
जर्जर स्कूल भवन को प्रशासन ने ढहाया
रामपुरा-कंवरपुरा गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का पुराना भवन लंबे समय से जर्जर अवस्था में था। बुधवार को प्रशासन की मौजूदगी में भवन को बुलडोजर से गिराने का काम शुरू किया गया। इसके साथ ही नए स्कूल भवन के निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। अधिकारियों के अनुसार नए भवन के लिए कुल 18 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें 12 लाख रुपये डीएमएफटी से और 6 लाख रुपये विधायक कोष से उपलब्ध कराए जाएंगे। निर्माण पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को पहले की तुलना में सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने की उम्मीद है।
1999 में बना था स्कूल का पुराना भवन
बताया गया है कि स्कूल का पुराना भवन वर्ष 1999 में बनाया गया था। समय के साथ रखरखाव और मरम्मत के अभाव में इसकी स्थिति खराब होती चली गई। भवन की हालत को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल को दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा था। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से स्कूल के नए भवन की जरूरत महसूस की जा रही थी। अब पुराने भवन को हटाकर नए सिरे से निर्माण शुरू होने के बाद ग्रामीणों और बच्चों के परिवारों को उम्मीद है कि जल्द ही स्कूल को बेहतर सुविधाओं के साथ संचालित किया जा सकेगा।
CJP टीम के दौरे के दौरान हुआ था विवाद
इस स्कूल को लेकर 21 अगस्त को उस समय विवाद खड़ा हो गया था, जब कॉकरोच जनता पार्टी की टीम स्कूल की स्थिति का जायजा लेने रामपुरा-कंवरपुरा गांव पहुंची थी। आरोप है कि ग्रामीणों ने टीम को गांव में प्रवेश करने से रोक दिया और इसके बाद विवाद बढ़ गया। कहासुनी के बाद मामला धक्का-मुक्की और मारपीट तक पहुंच गया। CJP की ओर से आरोप लगाया गया कि टीम के सदस्यों पर हमला किया गया, जबकि ग्रामीणों ने स्कूल के मुद्दे पर बाहरी राजनीतिक दखल का विरोध करने की बात कही थी।
आशुतोष रांका ने शेयर किया निर्माण का वीडियो
विवाद के बाद CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर स्कूल भवन के निर्माण से जुड़ा वीडियो साझा किया। उन्होंने दावा किया कि यह वही स्कूल है, जिसकी स्थिति का जायजा लेने के दौरान उनकी टीम को विरोध और हमले का सामना करना पड़ा था। रांका ने आरोप लगाया कि उस दौरान टीम पर पत्थर फेंके गए, महिलाओं के साथ मारपीट हुई और वाहनों के शीशे तोड़े गए। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए बेहतर स्कूल भवन तैयार हो रहा है, इसलिए उनके मुताबिक उस दौरान सामने आई परेशानियां भी सार्थक साबित होंगी।
नए स्कूल के निर्माण से ग्रामीणों में खुशी
पुराने भवन को हटाकर नए स्कूल भवन का निर्माण शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर भवन की जगह नया स्कूल बनना बच्चों के हित में है। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल शिक्षा का केंद्र है और इसके विकास को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। ग्रामीणों को उम्मीद है कि नए भवन के निर्माण के बाद बच्चों को पढ़ाई के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध होगा।
विवाद के बाद दोनों पक्षों ने दर्ज कराए मामले
21 अगस्त की घटना के बाद विवाद ने कानूनी रूप भी ले लिया था। ग्रामीणों की ओर से शिवदासपुरा थाने में CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनके साथ आए लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की बात सामने आई थी। वहीं CJP की ओर से रेखा, सलमान और अन्य लोगों ने ग्रामीणों के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी। CJP का दावा था कि उनके पांच कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए और सात अन्य को चोटें आईं। दूसरी ओर ग्रामीणों ने राजनीतिक दखल का विरोध करने की बात कही थी।
अब स्कूल भवन बनने पर टिकी नजर
विवाद के बाद अब स्कूल का नया भवन बनाने का काम शुरू हो गया है। प्रशासन ने पुराने जर्जर ढांचे को हटाकर निर्माण की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। 18 लाख रुपये की स्वीकृत राशि से बनने वाले नए भवन से विद्यार्थियों को सुरक्षित स्थान मिलने की उम्मीद है। फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर निर्माण कार्य की प्रगति पर है। स्कूल भवन तैयार होने के बाद बच्चों की पढ़ाई दोबारा बेहतर तरीके से शुरू हो सकेगी। वहीं 21 अगस्त के विवाद से जुड़े आरोपों की जांच और कानूनी प्रक्रिया अपनी जगह जारी रह सकती है।