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Alwar News: लिपिक भर्ती पर फिर घिरी जिला परिषद, 302 संदिग्धों को नोटिस की तैयारी

अलवर। जिला परिषद की वर्ष 2013 से जुड़ी लिपिक भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक चरण की ओर बढ़ रही है। पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने रिकॉर्ड और दस्तावेजों की पड़ताल शुरू कर दी है। जांच के दायरे में आए 302 संदिग्ध लिपिकों को नोटिस जारी करने की तैयारी है। अधिकारियों के अनुसार अगले तीन-चार दिनों में नोटिस जारी किए जा सकते हैं। नोटिस मिलने के बाद संबंधित अभ्यर्थियों को अपना पक्ष रखने के लिए अधिकतम पांच दिन का समय दिया जाएगा। इसके बाद दस्तावेजों और जवाबों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

655 लिपिकों की भर्ती, अब पुराने रिकॉर्ड की पड़ताल

अलवर जिला परिषद में लिपिक भर्ती प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में पूरी हुई थी। वर्ष 2013 में शुरू हुई भर्ती का अगला चरण 2017 और फिर 2022 में हुआ। तीनों चरणों को मिलाकर कुल 655 लिपिकों की नियुक्ति हुई थी। अब राज्य स्तर पर सामने आए जांच संबंधी बिंदुओं के आधार पर इन भर्तियों की दोबारा पड़ताल की जा रही है। जांच कमेटी नियुक्त अभ्यर्थियों से जुड़े दस्तावेज, सत्यापन रिपोर्ट और भर्ती प्रक्रिया के रिकॉर्ड का मिलान करेगी। जिला परिषद के सीईओ सालुखे गौरव रविंद्र के अनुसार कमेटी ने जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है और संबंधित रिकॉर्ड का अध्ययन किया जा रहा है।

पांच सदस्यीय कमेटी ने संभाली जांच की जिम्मेदारी

लिपिक भर्ती से जुड़े मामले में संयुक्त आयुक्त (जांच) अनिल सोनी की रिपोर्ट को शासन सचिव जोगाराम ने अलवर कलेक्टर आर्तिका शुक्ला और जिला परिषद सीईओ को कार्रवाई के लिए भेजा था। इसके बाद सीईओ की ओर से पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई। कमेटी अब भर्ती से संबंधित दस्तावेजों और सत्यापन रिपोर्टों की जांच कर रही है। विशेष रूप से बाहरी विश्वविद्यालयों और संस्थानों से सत्यापन के लिए भेजे गए दस्तावेजों की रिपोर्ट पर भी ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित अभ्यर्थियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।

नोटिस के बाद पांच दिन में देना होगा जवाब

जांच कमेटी 302 संदिग्ध लिपिकों को नोटिस जारी करने की तैयारी में है। अधिकारियों के मुताबिक अगले तीन से चार दिनों में नोटिस भेजे जाने की संभावना है। नोटिस मिलने के बाद अभ्यर्थियों को अपना पक्ष रखने के लिए अधिकतम पांच दिन का समय दिया जाएगा। इसके बाद कमेटी संबंधित अभ्यर्थियों के जवाब, प्रमाण पत्र और उपलब्ध रिकॉर्ड का परीक्षण करेगी। अधिकारियों की तैयारी के अनुसार जवाब मिलने के बाद करीब 10 दिन में संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि अंतिम कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर होगी।

बिना आवेदन नौकरी से लेकर अनुभव प्रमाण पत्र तक जांच

जांच में भर्ती प्रक्रिया के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है। कमेटी यह पता लगाएगी कि क्या ऐसे अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति मिली, जिन्होंने कथित तौर पर आवेदन ही नहीं किया था। इसके अलावा फर्जी या संदिग्ध अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर बोनस अंक हासिल करने के आरोपों की भी जांच होगी। दस्तावेज सत्यापन के दौरान एक ही अनुभव प्रमाण पत्र को एक जिले में केवल एक बार इस्तेमाल किए जाने के नियम के बावजूद 144 लिपिकों द्वारा कथित तौर पर दो बार अनुभव का लाभ लेने के मामले की भी पड़ताल की जाएगी।

नौकरी के साथ नियमित पढ़ाई के मामलों पर भी नजर

जांच का दायरा केवल अनुभव प्रमाण पत्र तक सीमित नहीं रहेगा। कमेटी यह भी देखेगी कि क्या कुछ अभ्यर्थियों ने सरकारी नौकरी के दौरान दूसरे संस्थानों से नियमित अध्ययन किया था और क्या यह प्रक्रिया नियमों के अनुरूप थी। इसके अलावा कम अंक होने के बावजूद लिपिक पद पर चयन से जुड़े मामलों की भी जांच की जाएगी। नियुक्ति से लेकर दस्तावेज सत्यापन और चयन प्रक्रिया तक उपलब्ध रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन मामलों में नियमों का उल्लंघन हुआ और किन अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता बनती है।

अब जांच के नतीजों पर टिकी नजर

302 संदिग्ध लिपिकों को नोटिस की तैयारी के बाद भर्ती से जुड़े मामलों में हलचल बढ़ गई है। अब संबंधित अभ्यर्थियों के जवाब और दस्तावेज जांच की दिशा तय करेंगे। जिला परिषद प्रशासन की ओर से पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाने की बात कही जा रही है। फिलहाल जांच कमेटी दस्तावेजों की पड़ताल में जुटी है। नोटिस जारी होने के बाद अभ्यर्थियों का पक्ष सामने आएगा और उसके बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की सिफारिश कर सकती है।

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Stv News Rajasthan

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