#देश दुनिया #राज्य-शहर

अलवर डेयरी के 200 करोड़ के प्लांट पर सियासत तेज, कांग्रेस ने कर्ज और जमीन गिरवी रखने पर उठाए सवाल

अलवर: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित अलवर दौरे से पहले करीब 200 करोड़ रुपये की लागत वाले डेयरी प्लांट को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। जिला कांग्रेस कमेटी और अलवर डेयरी के पूर्व चेयरमैन विश्राम गुर्जर ने परियोजना की फंडिंग और जमीन को कथित तौर पर लोन के लिए इस्तेमाल किए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि जब सरकार ने बजट में परियोजना के लिए राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की थी, तो डेयरी को भारी कर्ज लेने की जरूरत क्यों पड़ रही है। हालांकि, ये सवाल और आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं।

200 करोड़ के कर्ज को लेकर कांग्रेस का सवाल

पूर्व चेयरमैन विश्राम गुर्जर ने डेयरी प्लांट के लिए प्रस्तावित 200 करोड़ रुपये के कर्ज पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि यदि राज्य सरकार ने बजट में डेयरी प्लांट के लिए राशि स्वीकृत करने की घोषणा की थी, तो परियोजना के लिए डेयरी को अपनी संपत्ति के आधार पर कर्ज लेने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से परियोजना की पूरी वित्तीय संरचना सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे स्पष्ट होना चाहिए कि प्लांट की लागत और फंडिंग की व्यवस्था किस तरीके से की जा रही है।

डेयरी पर पहले से कर्ज होने का दावा

कांग्रेस ने दावा किया कि अलवर डेयरी पर पहले से करीब 30 करोड़ रुपये का कर्ज है। ऐसे में 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लेने पर संस्था पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है। विश्राम गुर्जर का कहना है कि पहले मौजूदा देनदारियों को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और उसके बाद नए कर्ज की योजना बनाई जानी चाहिए। कांग्रेस का तर्क है कि डेयरी की आर्थिक स्थिति का सीधा संबंध क्षेत्र के किसानों और पशुपालकों से है। इसलिए इतने बड़े वित्तीय फैसले में पारदर्शिता और दीर्घकालिक प्रभावों को सार्वजनिक करना जरूरी है।

जमीन को लोन की गारंटी बनाने पर सवाल

पूर्व चेयरमैन ने आरोप लगाया कि डेयरी की जमीन को पहले वकीलों को आवंटित करने के लिए प्रस्तावित किया गया था और इसे पशुपालन विभाग को भेजा गया था। अब उनका दावा है कि इसी जमीन को 200 करोड़ रुपये के कर्ज के लिए गारंटी के तौर पर इस्तेमाल करने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि लोन से जुड़ी फाइल कई महीनों से अटकी हुई थी और कथित तौर पर गारंटर को लेकर भी समस्या सामने आई थी। कांग्रेस ने इस पूरे मामले में सरकार और डेयरी प्रबंधन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

मुख्यमंत्री के दौरे पर खर्च को लेकर भी सवाल

विश्राम गुर्जर ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पिछले अलवर दौरे के दौरान डेयरी में करीब 40 लाख रुपये खर्च किए जाने का भी दावा किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब डेयरी को भविष्य में 200 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की जरूरत बताई जा रही है, तब पहले किए गए इस खर्च का औचित्य क्या था। कांग्रेस ने डेयरी की वित्तीय स्थिति और अलग-अलग मदों में किए जा रहे खर्च की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि किसानों से जुड़ी संस्था में वित्तीय फैसलों को लेकर पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।

मिलावटी दूध और दूध के आंकड़ों पर भी घेरा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने डेयरी की दूध गुणवत्ता व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। विश्राम गुर्जर ने अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए मिलावटी दूध के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र किया। उन्होंने दूध उत्पादन और आपूर्ति के आंकड़ों में कथित अंतर पर भी सवाल उठाया। उनका दावा है कि जिस गांव में करीब एक हजार लीटर दूध उत्पादन बताया जाता है, वहां से दो हजार लीटर दूध की आपूर्ति का आंकड़ा कैसे सामने आ सकता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित रिकॉर्ड की जांच की मांग की है।

उद्घाटन से पहले गरमाया राजनीतिक माहौल

200 करोड़ रुपये की लागत वाले अलवर डेयरी प्लांट का उद्घाटन 16 अगस्त को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में प्रस्तावित बताया जा रहा है। उद्घाटन से ठीक पहले कांग्रेस की ओर से परियोजना की फंडिंग, कर्ज और जमीन को लेकर सवाल उठाए जाने से राजनीतिक बहस तेज हो गई है। फिलहाल कांग्रेस के आरोपों पर सरकार या डेयरी प्रबंधन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। ऐसे में परियोजना के उद्घाटन के साथ-साथ इसकी वित्तीय व्यवस्था भी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गई है।

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *