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जयपुर में वर्दी वाला बना देवदूत, आग में फंसी 7 जिंदगियां बचाईं; बुजुर्ग महिला को गोद में उठाकर उतरा

इंट्रो: जयपुर में देर रात एक रिहायशी इमारत में आग लगने के बाद तीसरी मंजिल पर धुआं भर गया और दो फ्लैटों में सात लोग फंस गए। इसी दौरान डायल 112 पर तैनात कांस्टेबल सुरेश चंद शेरावत ने बिना अपनी जान की परवाह किए राहत अभियान शुरू किया। उन्होंने पहले आग से घिरे फ्लैट से तीन युवकों को बाहर निकाला। इसके बाद सामने वाले फ्लैट में फंसे परिवार को सुरक्षित बाहर लाए। 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला सीढ़ियों से उतरने में असमर्थ थीं, तो कांस्टेबल ने उन्हें गोद में उठाकर तीसरी मंजिल से नीचे उतारा।

सूचना मिलते ही तीन मिनट में मौके पर पहुंची पुलिस

घटना सोमवार देर रात करीब डेढ़ बजे की बताई जा रही है। उस समय कांस्टेबल सुरेश चंद शेरावत अपने साथी पुलिसकर्मी छितरमल के साथ डायल 112 वाहन पर ड्यूटी कर रहे थे। खातीपुरा मोड़ के पास से गुजरते समय कंट्रोल रूम से सिरसी रोड स्थित मुस्कान रेजीडेंसी की तीसरी मंजिल पर आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तेजी से मौके के लिए रवाना हुई और करीब तीन मिनट में वहां पहुंच गई। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा थी और तीसरी मंजिल से धुआं निकल रहा था। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि अंदर कई लोग फंसे हुए हैं।

धुएं से भरे फ्लैट में घुसकर तीन युवकों को बचाया

पुलिस के पहुंचने तक आग की वजह से तीसरी मंजिल के एक फ्लैट में घना धुआं भर चुका था। बताया गया कि इस फ्लैट का इस्तेमाल गेस्ट हाउस के रूप में किया जा रहा था और वहां तीन युवक मौजूद थे। धुआं इतना ज्यादा था कि अंदर साफ दिखाई देना मुश्किल हो रहा था। ऐसी स्थिति में कांस्टेबल सुरेश चंद शेरावत ने जोखिम उठाते हुए फ्लैट के अंदर जाकर युवकों को बाहर निकालने का प्रयास किया। उन्होंने तीनों को सुरक्षित बाहर पहुंचाया। इसके बाद पुलिस को जानकारी मिली कि सामने वाले फ्लैट में भी कुछ लोग फंसे हुए हैं।

डर के कारण परिवार ने अंदर से बंद कर रखा था दरवाजा

आग और धुएं की स्थिति देखकर सामने वाले फ्लैट में मौजूद परिवार भी घबरा गया था। परिवार ने डर के कारण फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद कर रखा था। कांस्टेबल सुरेश चंद ने लोगों को आवाज देकर दरवाजा खुलवाया और उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर जाने के लिए कहा। फ्लैट के अंदर कुल चार लोग मौजूद थे। इनमें 80 वर्षीय यशोदा जांगिड़ भी शामिल थीं। उम्र अधिक होने के कारण वह सामान्य तरीके से सीढ़ियों से नीचे उतरने में सक्षम नहीं थीं। ऐसे में कांस्टेबल ने बिना समय गंवाए उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का फैसला किया।

80 वर्षीय महिला को गोद में उठाकर तीसरी मंजिल से उतरे

कांस्टेबल सुरेश चंद शेरावत ने बुजुर्ग महिला यशोदा जांगिड़ को अपनी गोद में उठाया और तीसरी मंजिल से सीढ़ियों के रास्ते नीचे उतरना शुरू किया। आग और धुएं के बीच उन्होंने महिला को सुरक्षित नीचे पहुंचाया। इस दौरान वह परिवार के अन्य सदस्यों को भी सीढ़ियों से उतरने में मदद करते रहे। मौके पर मौजूद लोगों ने कांस्टेबल की बहादुरी और तत्परता की सराहना की। घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी उनकी बहादुरी की चर्चा हो रही है। पुलिसकर्मी के इस साहसिक प्रयास ने सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।

2013 में पुलिस में भर्ती हुए थे सुरेश चंद

कांस्टेबल सुरेश चंद शेरावत जयपुर के कालवाड़ रोड स्थित माचवा गांव के रहने वाले हैं। वह वर्ष 2013 में राजस्थान पुलिस में भर्ती हुए थे और पिछले करीब दो वर्षों से जयपुर आयुक्तालय के वैशाली नगर थाने में तैनात बताए जा रहे हैं। घटना वाली रात उनकी ड्यूटी डायल 112 वाहन में थी। सामान्य ड्यूटी के दौरान मिली आग की सूचना के बाद उन्होंने जिस तरह तुरंत प्रतिक्रिया दी, वह उनकी कर्तव्यनिष्ठा और साहस को दर्शाता है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी कांस्टेबल के प्रयास की सराहना की और उनकी हिम्मत के लिए उन्हें बधाई दी।

ACP ने फोन कर कांस्टेबल की हिम्मत को सराहा

घटना के बाद कांस्टेबल सुरेश चंद शेरावत की बहादुरी की जानकारी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। एसीपी अनिल शर्मा ने फोन कर सुरेश चंद से बात की और उनके साहस की सराहना की। एक पुलिसकर्मी के तौर पर लोगों की जान बचाने के लिए जोखिम उठाने की उनकी तत्परता की चर्चा अब जयपुर में हो रही है। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया कितनी महत्वपूर्ण होती है। आग के बीच सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में कांस्टेबल सुरेश चंद की भूमिका को लोग सलाम कर रहे हैं।

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Stv News Rajasthan

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