Share Market Closing: सेंसेक्स 388 अंक टूटा, अल्ट्राटेक सीमेंट में सबसे बड़ी गिरावट
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 400 अंक से अधिक फिसला, जबकि निफ्टी भी 24,500 के स्तर से नीचे चला गया। हालांकि कारोबार के अंत में बाजार ने कुछ नुकसान की भरपाई की, लेकिन दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 388.19 अंक यानी 0.49 प्रतिशत टूटकर 78,154.25 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 112.10 अंक यानी 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,471.70 के स्तर पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयर लाल निशान में
कारोबार के अंत में सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर सबसे ज्यादा दबाव में रहा और इसमें 2.75 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा एक्सिस बैंक, इंडिगो, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, आईटीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स और अडानी पोर्ट्स के शेयरों में भी कमजोरी रही। इससे बाजार का व्यापक रुझान नकारात्मक बना रहा।
इन शेयरों ने बाजार को दिया सहारा
गिरावट के बीच कुछ प्रमुख शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। इटरनल के शेयर में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा इंफोसिस, टाइटन, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टीसीएस भी बढ़त के साथ बंद हुए। इन शेयरों में मजबूती के कारण बाजार की गिरावट कुछ हद तक सीमित रही। हालांकि, ज्यादातर बड़े शेयरों में बिकवाली का दबाव होने के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दिन के अंत में नुकसान में ही रहे।
निफ्टी में भी दबाव, कई सेक्टर फिसले
निफ्टी 50 में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में प्रमुख गिरावट दर्ज की गई। सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी सीमेंट, एफएमसीजी, रियल्टी और मेटल इंडेक्स पर दबाव रहा। वहीं फार्मा सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। निवेशकों ने वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच सतर्क रुख अपनाया।
मिडकैप में मामूली गिरावट, स्मॉलकैप में तेजी
ब्रॉडर मार्केट में भी कारोबार का मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में करीब 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.22 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। इससे संकेत मिलता है कि बड़े शेयरों में बिकवाली के बावजूद चुनिंदा छोटे शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।
कच्चे तेल की कीमतों पर बाजार की नजर
बाजार में मंगलवार की गिरावट के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को प्रमुख कारण माना गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की स्थिति में तेल की कीमतों में तेजी भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों की लागत पर असर डाल सकती है। यही वजह है कि निवेशक फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम, तेल की कीमतों और आगे आने वाले आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए हुए हैं।