अलवर की रिहायशी कॉलोनी में पैंथर की दस्तक, CCTV में सड़क पार करता दिखा; दहशत में लोग
अलवर। शहर के काला कुआं हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-5 में देर रात पैंथर की मौजूदगी से हड़कंप मच गया। रिहायशी इलाके में घूमते पैंथर का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें वह एक अहाते से छलांग लगाकर सड़क पार करता और पार्क की तरफ जाता दिखाई दे रहा है। पैंथर के पीछे कुछ स्ट्रीट डॉग भी दौड़ते नजर आए। घटना के समय आधी रात होने के कारण सड़क पर लोगों की आवाजाही कम थी, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। वन विभाग की टीम अब पैंथर की गतिविधियों पर नजर रख रही है।
सीसीटीवी में कैद हुई पैंथर की हलचल
काला कुआं हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-5 में सामने आए सीसीटीवी फुटेज में पैंथर अचानक एक अहाते से छलांग लगाता दिखाई देता है। इसके बाद वह सड़क पार कर पार्क की दिशा में चला जाता है। फुटेज सामने आने के बाद कॉलोनी के लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय इलाके में पैंथर की मौजूदगी से लोगों को घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है। खासकर पैदल चलने वाले और दोपहिया वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
तीन दिन पहले भी देखी गई थी मूवमेंट
स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब तीन दिन पहले भी इसी क्षेत्र की सड़क पर पैंथर की हलचल देखी गई थी। सूचना मिलने के बाद सरिस्का टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची थी और पैंथर को पकड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन वन्यजीव टीम की पकड़ में नहीं आया। इसके बाद अब दोबारा सीसीटीवी कैमरे में पैंथर नजर आने से क्षेत्र में उसकी लगातार मौजूदगी की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग उसकी गतिविधियों और संभावित रास्तों की निगरानी कर रहा है।
जंगल से सटा है रिहायशी इलाका
काला कुआं हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-5 का क्षेत्र भूरा सिद्ध जंगल से सटा हुआ है और सरिस्का टाइगर रिजर्व के बफर जोन से जुड़ा बताया जाता है। आसपास के वन क्षेत्र में पहले भी बाघ, शावक और पैंथर की गतिविधियां सामने आती रही हैं। जंगल के आसपास तेजी से बढ़ती आबादी और वन्यजीवों के प्राकृतिक क्षेत्र के बीच संपर्क बढ़ने से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। इसी वजह से स्थानीय लोगों के साथ वन विभाग के लिए भी वन्यजीवों की सुरक्षित निगरानी और रेस्क्यू चुनौती बनी हुई है।
सैनिक छावनी के आसपास भी दिख चुके हैं पैंथर
कॉलोनी से सटी जय पलटन सैनिक छावनी भी बड़े क्षेत्र में फैली हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छावनी और इसके आसपास के इलाकों में पहले भी पैंथर की गतिविधियां देखी जा चुकी हैं। जंगल, सैन्य क्षेत्र और रिहायशी कॉलोनी आपस में जुड़े होने के कारण वन्यजीवों के एक इलाके से दूसरे इलाके में जाने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में पूरे क्षेत्र में लगातार निगरानी रखना जरूरी हो गया है, ताकि पैंथर की गतिविधियों का समय रहते पता लगाया जा सके।
वन विभाग से निगरानी बढ़ाने की मांग
पैंथर की लगातार सामने आ रही गतिविधियों के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पैंथर की लोकेशन ट्रेस कर उसे सुरक्षित तरीके से जंगल क्षेत्र में वापस भेजने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सीसीटीवी में दिखाई देने के बाद पैंथर किस दिशा में गया। वन विभाग उसकी तलाश और गतिविधियों पर नजर रखने में जुटा है।
रात में सुनसान इलाकों में जाने से बचें
पैंथर की मौजूदगी को देखते हुए स्थानीय लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। रात के समय अकेले पैदल चलने, सुनसान सड़कों, पार्कों या जंगल से सटे इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। लोगों को पैंथर दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसका पीछा करने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देने की जरूरत है। वन्यजीव से दूरी बनाए रखना ही लोगों और पैंथर दोनों की सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी है।