सरकारी नौकरी के नाम पर बड़ा खेल, झालावाड़ में गिरोह का पर्दाफाश; 100-150 युवाओं से ठगी का आरोप
झालावाड़। सरकारी नौकरी पाने का सपना देख रहे बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाकर ठगी करने वाले कथित गिरोह का झालावाड़ पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य संदिग्ध आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सरकारी विभागों, अस्पतालों और स्कूलों में नौकरी लगवाने या ट्रांसफर कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से रकम वसूलते थे। प्रारंभिक जांच में करीब 100 से 150 अभ्यर्थियों से लाखों रुपये की ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने 7 अगस्त को मिली शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू की थी।
गांव-गांव जाकर युवाओं को बनाते थे निशाना
पुलिस जांच के अनुसार, गिरोह के सदस्य गांवों और आसपास के इलाकों में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं से संपर्क करते थे। खासतौर पर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले अभ्यर्थियों को नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया जाता था। आरोपियों द्वारा सरकारी विभागों, अस्पतालों और स्कूलों में पक्की या संविदा नौकरी दिलाने की बात कही जाती थी। नौकरी की गारंटी का दावा कर युवाओं से शुरुआती रकम वसूलने का आरोप है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने कितने इलाकों में अपना नेटवर्क फैला रखा था।
नौकरी लगवाने के नाम पर 30 से 50 हजार रुपये एडवांस
पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रत्येक अभ्यर्थी से करीब 30 से 50 हजार रुपये एडवांस लेते थे। रकम लेने के बाद युवाओं को नौकरी लगने का भरोसा दिया जाता था। पुलिस को शक है कि आरोपियों ने इसी तरीके से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई और उनके संपर्क में आने वाले युवाओं की जानकारी जुटाई। इसके साथ ही मोबाइल और अन्य डिजिटल माध्यमों से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच की गई।
दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों से खुली परतें
जांच के दौरान पुलिस को कई अभ्यर्थियों के शैक्षणिक दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। इन दस्तावेजों के साथ कथित फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस तकनीकी और डिजिटल माध्यमों से आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने में जुटी रही। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि अभ्यर्थियों से संपर्क कैसे किया जाता था, पैसे किस माध्यम से लिए जाते थे और ठगी की रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।
खुद चयनित होने वालों से भी वसूले पैसे
पुलिस पूछताछ में गिरोह के कथित ठगी के तरीके का खुलासा होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, यदि कोई अभ्यर्थी अपनी योग्यता और मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरी के लिए चयनित हो जाता था, तो आरोपियों द्वारा उसे भी यह विश्वास दिलाया जाता था कि नौकरी उनकी मदद से लगी है। इसके बाद नौकरी लगवाने के नाम पर कथित तौर पर बाकी रकम भी वसूल ली जाती थी। यानी अभ्यर्थी का चयन उसकी अपनी मेहनत से होने के बावजूद आरोपी उसका श्रेय लेकर पैसे ऐंठते थे।
चयन नहीं होने पर एडवांस रकम हड़पने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, जिन अभ्यर्थियों का चयन नहीं हो पाता था, उनसे ली गई एडवांस रकम वापस नहीं की जाती थी। इस तरह गिरोह कथित तौर पर दोनों परिस्थितियों में फायदा उठाता था। चयन होने पर पूरी रकम लेने और चयन नहीं होने पर एडवांस राशि हड़पने का आरोप है। शुरुआती जांच में 100 से 150 अभ्यर्थियों के इस कथित नेटवर्क से प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, ठगी की वास्तविक रकम और पीड़ितों की संख्या जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
कोतवाली थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सामने आने वाले डिजिटल साक्ष्यों, दस्तावेजों और लेनदेन की जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने झालावाड़ के अलावा आसपास के जिलों में कितने युवाओं को निशाना बनाया।
युवाओं से पुलिस ने सतर्क रहने की अपील की
इस मामले ने सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को ठगी से सावधान रहने की जरूरत भी सामने रखी है। पुलिस का कहना है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति को पैसे देने से पहले संबंधित विभाग और भर्ती प्रक्रिया की आधिकारिक जानकारी जरूर जांचनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति के सरकारी नौकरी लगवाने के दावे पर बिना सत्यापन भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।