दौसा में किरोड़ी लाल मीणा का बड़ा बयान, बोले- ‘जब तक जिंदा हूं आरक्षण को कोई हाथ नहीं लगा सकता’
दौसा। विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर दौसा के नांगल प्यारीवास स्थित पंच अठाई में आयोजित आदिवासी महोत्सव में कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया। मीणा हाई कोर्ट के आयोजन में पहुंचे किरोड़ी लाल मीणा ने आरक्षण खत्म किए जाने की चर्चाओं को खारिज करते हुए कहा कि जब तक उनके शरीर में जान है, तब तक कोई आरक्षण को हाथ नहीं लगा सकता। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
आरक्षण को लेकर किरोड़ी लाल मीणा ने दोहराया अपना रुख
आदिवासी महोत्सव के दौरान किरोड़ी लाल मीणा ने आरक्षण के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आरक्षण को लेकर किसी तरह की आशंका पैदा करने की जरूरत नहीं है। अपने संबोधन में उन्होंने दावा किया कि उनके जीवित रहते आरक्षण को समाप्त नहीं किया जा सकता। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब आरक्षण को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर समय-समय पर बहस होती रही है। मीणा ने मंच से अपने समर्थकों और समाज के लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि वे आरक्षण के अधिकार के पक्ष में मजबूती से खड़े हैं।
विश्व आदिवासी दिवस पर जुटी बड़ी संख्या में भीड़
नांगल प्यारीवास स्थित पंच अठाई में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किरोड़ी लाल मीणा अपने समर्थकों के साथ पहुंचे, जहां मौजूद लोगों ने उनका स्वागत किया। आयोजन के दौरान आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। मंच से समाज के अधिकारों, संघर्ष और एकजुटता को लेकर भी संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। इस दौरान राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े कई मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहे।
अपने राजनीतिक संघर्ष का भी किया जिक्र
किरोड़ी लाल मीणा ने अपने संबोधन में अपने राजनीतिक जीवन और आंदोलनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अपने लंबे राजनीतिक सफर के दौरान वह करीब 600 आंदोलनों में शामिल हो चुके हैं और 17 बार जेल गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ 138 कानूनी मामले रहे हैं। मीणा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने संघर्ष को आगे भी जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका आंदोलन और संघर्ष लगातार चलता रहेगा।
‘पंच अठाई’ से जुड़ा इतिहास बताया
कार्यक्रम में किरोड़ी लाल मीणा ने पंच अठाई के उस इतिहास का भी जिक्र किया, जिसके कारण यह स्थान आगे चलकर ‘मीणा हाई कोर्ट’ के नाम से चर्चित हुआ। उन्होंने एक पुराने पंचायत विवाद का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय बड़ी संख्या में लोग दौसा की ओर बढ़े थे। उनके मुताबिक, इस भीड़ में करीब 50 हजार लोग शामिल थे और बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं। उन्होंने बताया कि उस घटनाक्रम ने पंच अठाई को समाज के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान के रूप में पहचान दिलाई।
14 गांवों के पंचों का किया जिक्र
किरोड़ी लाल मीणा ने अपने संबोधन में दावा किया कि आंदोलन के दौरान प्रशासन ने 14 गांवों के बुजुर्गों और पंचों को बुलाया था। उनके मुताबिक, उस समय बड़ी संख्या में लोग कई किलोमीटर तक आगे बढ़ चुके थे। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रशासन ने उस परिस्थिति में गांवों के बुजुर्गों और पंचों को भीड़ के सामने क्यों बुलाया। मीणा ने कहा कि उस घटना से जुड़े कई सवाल आज भी उनके मन में हैं। उन्होंने इस पूरे संघर्ष को पंच अठाई की पहचान से जोड़ते हुए जनता की ताकत को महत्वपूर्ण बताया।
जनता की शक्ति को बताया सबसे बड़ा आधार
किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि जनता की एकजुटता और शक्ति किसी भी लोकतांत्रिक आंदोलन का महत्वपूर्ण आधार होती है। उन्होंने पंच अठाई के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी तरह के संघर्षों ने इस स्थान को समाज में विशेष पहचान दिलाई। आरक्षण और आदिवासी समाज से जुड़े अधिकारों पर बोलते हुए उन्होंने अपने संघर्ष को आगे भी जारी रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उनके समर्थकों में भी उत्साह देखने को मिला और आरक्षण को लेकर उनके बयान की चर्चा प्रमुख रूप से रही।
कार्यक्रम में किताब का भी विमोचन
आदिवासी महोत्सव के दौरान किरोड़ी लाल मीणा के राजनीतिक जीवन और संघर्षों पर आधारित एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में उनके आंदोलन, राजनीतिक सफर और सामाजिक मुद्दों को लेकर सक्रिय भूमिका का उल्लेख किया गया। किरोड़ी लाल मीणा ने अपने संबोधन में कहा कि उनका संघर्ष केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर आंदोलन किए हैं। कार्यक्रम का समापन सामाजिक एकजुटता और अधिकारों की लड़ाई जारी रखने के संदेश के साथ हुआ।