अलवर के बुआका गांव में लेपर्ड की दहशत, 8 बकरियों का शिकार
अलवर। अलवर के नजदीक बुआका गांव में एक संदिग्ध लेपर्ड के लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, बीती रात गांव में अलग-अलग तीन स्थानों पर एक लेपर्ड ने हमला किया, जिसमें 8 बकरियों की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीण अपने पशुओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गए हैं। सुबह खेत में संदिग्ध वन्यजीव देखे जाने की सूचना मिलने के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आसपास के इलाके में तलाश शुरू की। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने और वन्यजीव को सुरक्षित तरीके से पकड़ने की मांग की है।
तीन अलग-अलग जगहों पर हुआ हमला
गांव निवासी याकूब के अनुसार, बीती रात एक लेपर्ड ने गांव में अलग-अलग स्थानों पर हमला किया। इस दौरान कुल 8 बकरियों को अपना शिकार बनाए जाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों के मुताबिक, हमले में डहकीन खान पुत्र रहमान की 5 बकरियां, हज्जू की 2 और आशू की एक बकरी शामिल है। लगातार अलग-अलग जगहों पर हुए हमलों के बाद ग्रामीणों में भय बढ़ गया। लोगों का कहना है कि वन्यजीव के गांव के आसपास मौजूद होने की आशंका के कारण वे रात के समय विशेष सतर्कता बरत रहे हैं।
एक बकरे का शरीर बुरी तरह क्षतिग्रस्त
ग्रामीणों ने बताया कि हमले में एक बकरे के शरीर को बुरी तरह क्षतिग्रस्त पाया गया, जबकि अन्य बकरियों की गर्दन पर चोट के निशान मिले हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इन घटनाओं के पीछे लेपर्ड का हाथ हो सकता है। हालांकि, वन विभाग की ओर से वन्यजीव की पहचान और हमले की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। ग्रामीणों ने मौके पर मिले हालात को देखते हुए जल्द से जल्द विशेषज्ञ टीम भेजकर जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बकरियों पर किस वन्यजीव ने हमला किया।
बाजरे के खेत में संदिग्ध जानवर दिखने की सूचना
घटना के बाद सुबह करीब 9 बजे गांव की महिला जुम्मी ने बाजरे के खेत में एक संदिग्ध जानवर दिखाई देने की सूचना दी। जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और खेत के आसपास तलाश शुरू की। ग्रामीणों के अनुसार, खेत में घनी फसल होने के कारण वन्यजीव के छिपे होने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद गांव में लोगों की भीड़ जुट गई और ग्रामीण आसपास के इलाकों पर नजर रखने लगे। घटना की सूचना वन विभाग तक पहुंचाने के साथ ग्रामीणों ने तत्काल निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
खेतों में छिपे होने की आशंका
गांव के युवक अशोक डाबड़ ने बताया कि संदिग्ध लेपर्ड के बाजरे के खेतों में छिपे होने की आशंका है। खेतों में ऊंची फसल होने के कारण वन्यजीव को तलाशना आसान नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों को भी खेतों की ओर अकेले जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि वन्यजीव गांव के आसपास मौजूद है तो वह दोबारा पशुओं को निशाना बना सकता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और जल्द कार्रवाई की मांग की है।
बच्चों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता
एक साथ 8 बकरियों की मौत के बाद गांव में डर का माहौल है। ग्रामीण अब अपने पशुओं को खुले में छोड़ने से बच रहे हैं और बच्चों को भी खेतों तथा सुनसान इलाकों की ओर जाने से रोक रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि संदिग्ध लेपर्ड वास्तव में इलाके में मौजूद है तो इंसानों के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है। इसी वजह से लोग वन विभाग से तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
वन विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग की टीम जल्द बुआका गांव पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करे और वन्यजीव की मौजूदगी की पुष्टि करे। इसके साथ ही ग्रामीणों ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। फिलहाल ग्रामीण अपने स्तर पर सतर्कता बरत रहे हैं और खेतों के आसपास गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। अब वन विभाग की जांच और मौके पर मिलने वाले साक्ष्यों से यह स्पष्ट हो सकेगा कि बकरियों पर हमला करने वाला वन्यजीव वास्तव में लेपर्ड था या कोई अन्य जानवर।