जयपुर के CIPET हॉस्टल मेस में खाने की गुणवत्ता पर सवाल, छात्रों ने कीड़े मिलने और खराब व्यवस्था का लगाया आरोप
राजधानी जयपुर के सीतापुरा स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (CIPET) के छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता को लेकर विवाद गहरा गया है। छात्रों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से मेस में परोसे जा रहे खाने में कीड़े मिल रहे हैं और लंबे समय से भोजन की गुणवत्ता भी खराब बनी हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद सुधार नहीं होने का दावा करते हुए छात्रों ने नाराजगी जताई है। वहीं, संस्थान प्रशासन का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद आवश्यक कदम उठाए जा चुके हैं और व्यवस्थाएं सामान्य की जा रही हैं।
खाने में कीड़े मिलने के आरोप से छात्रों में नाराजगी
छात्रों के अनुसार, पिछले तीन दिनों के दौरान मेस में परोसे गए भोजन और सब्जियों में कीड़े दिखाई दिए, जिससे छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों में चिंता और असंतोष बढ़ गया। उनका कहना है कि ऐसे भोजन के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होने का खतरा है। छात्रों ने आरोप लगाया कि मेस की स्वच्छता और गुणवत्ता नियंत्रण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आने से संस्थान में रहने वाले विद्यार्थियों का भरोसा मेस व्यवस्था पर कमजोर हुआ है।
एक महीने से भोजन की गुणवत्ता खराब होने का दावा
विद्यार्थियों का कहना है कि समस्या केवल हाल की नहीं है, बल्कि पिछले लगभग एक महीने से भोजन की गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है। उनका आरोप है कि कई बार अधपकी रोटियां परोसी जाती हैं, जबकि सब्जियों की गुणवत्ता और स्वाद भी संतोषजनक नहीं रहता। छात्रों के अनुसार, हॉस्टल में रहने वाले अधिकांश विद्यार्थियों के पास मेस के अलावा भोजन का दूसरा विकल्प नहीं होता, इसलिए उन्हें मजबूरी में वही खाना पड़ता है। इससे उनकी दिनचर्या, स्वास्थ्य और पढ़ाई पर भी असर पड़ने की बात कही जा रही है।
भोजन के समय और व्यवस्था को लेकर भी उठे सवाल
छात्रों ने मेस संचालन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भोजन परोसने का समय निर्धारित नहीं होने के कारण कई बार लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। इससे कक्षाओं, प्रैक्टिकल और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ता है। विद्यार्थियों का कहना है कि यदि भोजन समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराया जाए तो अनावश्यक परेशानियों से बचा जा सकता है। छात्रों ने मेस प्रबंधन में पारदर्शिता और नियमित निगरानी की मांग भी उठाई है।
शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं मिलने का आरोप
छात्रों का दावा है कि उन्होंने मेस की समस्याओं को लेकर कई बार वार्डन और संस्थान प्रशासन को लिखित एवं मौखिक शिकायतें दीं। हर बार जल्द सुधार का आश्वासन मिला, लेकिन स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया। इसके बाद विद्यार्थियों ने राजस्थान सरकार के 181 जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। छात्रों का आरोप है कि वहां शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई है।
संस्थान प्रशासन ने कहा- व्यवस्था सुधार दी गई
मामले पर संस्थान के विभागाध्यक्ष आशीष शुक्ला ने बताया कि मेस में एक दिन भोजन में कीड़े मिलने की शिकायत सामने आई थी, जिसे गंभीरता से लिया गया। उनके अनुसार, शिकायत के बाद मेस का टेंडर बदल दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ समय के लिए कर्मचारियों की कमी के कारण व्यवस्था प्रभावित हुई थी, लेकिन अब आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं। संस्थान का दावा है कि वर्तमान में मेस की व्यवस्था सामान्य है और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।