शहीद दर्जे की मांग पर पांच घंटे अड़ा रहा परिवार, आश्वासन के बाद जवान जगवीर रेपसवाल का अंतिम संस्कार
चूरू जिले के राजगढ़ क्षेत्र के लंबोर बड़ी निवासी भारतीय सेना के जवान जगवीर रेपसवाल की अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान हुए हादसे में मौत के बाद शनिवार को भावुक माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया। जवान की पार्थिव देह सादुलपुर स्थित शहीद स्मारक पहुंचने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने कुछ मांगों को लेकर अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। करीब पांच घंटे तक प्रशासन और परिजनों के बीच बातचीत चली। सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब, हर आंख हुई नम
जगवीर रेपसवाल की पार्थिव देह शनिवार को सादुलपुर के शहीद स्मारक लाई गई, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अपने वीर जवान के अंतिम दर्शन के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंचे।
गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल रहा। परिजनों और ग्रामीणों ने नम आंखों से जवान को श्रद्धांजलि दी। सेना के जवान और अधिकारियों ने भी पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई की तैयारियां कीं।
मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार से किया इनकार
पार्थिव देह पहुंचने के बाद परिवार ने सरकार के सामने कुछ प्रमुख मांगें रखीं। परिजनों की मांग थी कि जगवीर रेपसवाल को शहीद का दर्जा दिया जाए, परिवार को उचित आर्थिक सहायता मिले और एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाए।
परिवार का कहना था कि जब तक सरकार की ओर से इन मांगों को लेकर स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इसके बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने परिवार से बातचीत शुरू की।
पांच घंटे चली वार्ता के बाद बनी सहमति
मामले की गंभीरता को देखते हुए सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, सादुलपुर विधायक मनोज न्यांगली और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की।
करीब सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चली वार्ता के बाद परिवार की मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन दिया गया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए सहमत हुए।
विधायक ने बताया- तीन प्रमुख मांगों पर मिला भरोसा
सादुलपुर विधायक मनोज न्यांगली ने बताया कि परिवार और स्थानीय लोगों की मुख्य मांग थी कि जवान को शहीद का दर्जा दिया जाए, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए और परिवार के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।
उन्होंने कहा कि इन मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार के प्रतिनिधियों से चर्चा की गई। सरकार की ओर से ठोस आश्वासन मिलने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई।
भाई ने उठाई थी सम्मान और सुविधाओं की मांग
जगवीर रेपसवाल के भाई सुखवीर रेपसवाल ने कहा कि उनके भाई ने देश की सेवा करते हुए अपना जीवन बलिदान किया है। उन्होंने मांग की कि परिवार को शहीद परिवारों को मिलने वाली सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि जवान के परिवार को सम्मान और सरकार की ओर से हर संभव सहायता मिलनी चाहिए। परिवार ने सरकार से जवान के बलिदान को उचित सम्मान देने की अपील की।
कई जनप्रतिनिधि पहुंचे, परिवार को दिया भरोसा
जवान को श्रद्धांजलि देने के लिए सादुलपुर विधायक मनोज न्यांगली, पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां, पूर्व विधायक डॉ. कृष्णा पूनिया और भाजपा नेता देवेंद्र झाझड़िया सहित कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे।
उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं और सरकार से परिवार की मांगों पर जल्द निर्णय लेने की बात कही। मौके पर सेना के अधिकारी, पुलिस प्रशासन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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