अलवर में दर्दनाक सड़क हादसा: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भाई-बहन समेत तीन की मौत
राजस्थान के अलवर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में भाई-बहन समेत तीन लोगों की मौत हो गई। बड़ौदामेव थाना क्षेत्र में हुए इस हादसे में फरीदाबाद जा रहा ट्रक आगे चल रहे मिट्टी से भरे डंपर से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार तीनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
बुर्जा गांव के पास हुआ दर्दनाक हादसा
पुलिस के अनुसार हादसा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बड़ौदामेव थाना क्षेत्र के बुर्जा गांव के पास चैनेज 86/100 पर शुक्रवार रात करीब एक बजे हुआ। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ट्रक आगे चल रहे मिट्टी से भरे डंपर से पीछे से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रक का केबिन पूरी तरह पिचक गया। हादसे की सूचना मिलते ही एनएचएआई की एम्बुलेंस और पुलिस टीम मौके पर पहुंची तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
मृतकों में भाई-बहन और चालक शामिल
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान आंसू सिंह (20), उनकी बहन सलोनी सिंह (18) और ट्रक चालक विकास कुमार (31) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आंसू और सलोनी जयपुर जिले के ग्राम टीगरिया के मूल निवासी थे और वर्तमान में सांगानेर क्षेत्र में रह रहे थे, जबकि चालक विकास कुमार उत्तर प्रदेश के नगला साकित का निवासी बताया गया है। तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ौदामेव ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बहन को फरीदाबाद छोड़ने जा रहा था भाई
परिजनों के अनुसार सलोनी सिंह फरीदाबाद में होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रही थी। उसका भाई आंसू सिंह उसे फरीदाबाद छोड़ने जा रहा था और विकास कुमार ट्रक चला रहा था। यात्रा के दौरान बुर्जा गांव के पास ट्रक आगे चल रहे डंपर से टकरा गया। हादसे की सूचना मिलने के बाद परिजन अस्पताल पहुंचे। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिए। घटना के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है।
पुलिस ने शुरू की दुर्घटना की जांच
सीकरी थाना के एएसआई हंसराम के अनुसार प्रारंभिक जांच में ट्रक के डंपर से पीछे से टकराने की बात सामने आई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के दौरान वाहन की रफ्तार, सड़क की स्थिति और अन्य तकनीकी तथ्यों का भी परीक्षण किया जाएगा, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
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