अजमेर की नारेली पहाड़ियों में मिला नरकंकाल, डीएनए जांच से होगी पहचान की अंतिम पुष्टि
अजमेर के नारेली क्षेत्र की पहाड़ियों में मिले नरकंकाल की पहचान प्रारंभिक तौर पर 20 दिन से लापता अर्जुन सिंह रावत के रूप में हुई है। हालांकि अंतिम पुष्टि डीएनए जांच और फॉरेंसिक परीक्षण के बाद ही होगी। पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और वैज्ञानिक जांच के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
20 दिन से लापता युवक का कंकाल मिलने से सनसनी
अजमेर के अलवर गेट थाना क्षेत्र स्थित नारेली की पहाड़ियों में मिले नरकंकाल ने इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में इसकी पहचान डोडियास निवासी अर्जुन सिंह रावत के रूप में हुई है, जो करीब 20 दिन पहले घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। घटनास्थल के पास खड़ी एक मोटरसाइकिल के पंजीकरण के आधार पर पुलिस मृतक तक पहुंची। इसके बाद परिजनों से संपर्क किया गया और जांच आगे बढ़ाई गई। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अंतिम पहचान डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही मानी जाएगी।
मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम, डीएनए और फॉरेंसिक जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए नरकंकाल का पोस्टमॉर्टम मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराया गया। पुलिस ने डीएनए जांच के लिए आवश्यक जैविक नमूने सुरक्षित किए हैं। इनका मिलान मृतक की मां के रक्त और बाल के नमूनों से कराया जाएगा। इसके अलावा फॉरेंसिक विशेषज्ञ हड्डियों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच करेंगे। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक जांच के माध्यम से पहचान और मौत के कारणों की पुष्टि की जाएगी, ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्य स्पष्ट हो सकें।
सोशल मीडिया पोस्ट और मोबाइल भी जांच का हिस्सा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अर्जुन के मोबाइल की अंतिम लोकेशन घटनास्थल के आसपास थी और तलाशी के दौरान उसका मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया। इसके अलावा सोशल मीडिया पर की गई कुछ पोस्ट भी जांच के दायरे में हैं। पुलिस के अनुसार, एक पोस्ट में अर्जुन ने कथित तौर पर जीवन से निराशा व्यक्त की थी। हालांकि पुलिस फिलहाल किसी एक निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सोशल मीडिया पोस्ट को केवल जांच के एक पहलू के रूप में देखा जा रहा है। सभी संभावनाओं की निष्पक्ष जांच जारी है।
फॉरेंसिक तकनीक से होगी सिर और कंकाल की जांच
पुलिस के अनुसार घटनास्थल से सिर और कंकाल अलग-अलग अवस्था में मिले थे। ऐसे में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में सुपरइम्पोजिशन तकनीक के जरिए दोनों का मिलान कराया जाएगा। साथ ही हड्डियों के नमूनों की रासायनिक जांच कर यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि शरीर में किसी प्रकार का विषाक्त पदार्थ मौजूद था या नहीं। पुलिस का कहना है कि मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों पर कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा।
परिजनों को सौंपा गया कंकाल, जांच जारी
पोस्टमॉर्टम के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर कंकाल परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। परिजनों को भी अंतिम पहचान को लेकर संशय था, इसलिए डीएनए जांच कराई जा रही है। पुलिस ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच जारी है और सभी वैज्ञानिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले मौत के कारणों को लेकर किसी भी तरह की अटकलें लगाना उचित नहीं होगा।
इसे भी पढ़ें – दौसा में करंट से 20 महीने के मासूम की मौत, रक्षाबंधन से पहले दो बहनों का टूटा सपना