रेलवे की तारीफ के साथ सोनम वांगचुक का सरकार को संदेश, बोले- वादे भी पूरे हों तो गर्व और बढ़ेगा
शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने दिल्ली-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन में यात्रा के बाद भारतीय रेलवे की खुलकर सराहना की है। उन्होंने चिनाब रेल पुल और रेलवे की प्रगति को देश के लिए गर्व की बात बताया। हालांकि, इसी दौरान उन्होंने केंद्र सरकार को एक अहम संदेश भी दिया। वांगचुक ने कहा कि जिस तरह रेलवे के विकास पर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है, उसी तरह सरकार अपने किए गए वादों को भी पूरी तरह पूरा करे, ताकि लोगों का भरोसा और मजबूत हो सके। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
वंदे भारत यात्रा का अनुभव किया साझा
लद्दाख की यात्रा पर निकले सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए अपने सफर का अनुभव लोगों के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें हमेशा ट्रेन से यात्रा करना पसंद रहा है और इस बार उन्हें पहली बार दिल्ली से श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन में सफर करने का अवसर मिला। वांगचुक ने कहा कि यह यात्रा बेहद सुखद रही और आधुनिक रेल सेवाओं को देखकर उन्हें खुशी हुई। उन्होंने इस अनुभव को भारत के बुनियादी ढांचे में हो रहे बदलाव का सकारात्मक उदाहरण बताया।
चिनाब रेल पुल की उपलब्धि पर जताया गर्व
अपने संदेश में वांगचुक ने विशेष रूप से चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक परियोजना को करीब से देखने की उनकी लंबे समय से इच्छा थी। उनके अनुसार, यह पुल भारतीय इंजीनियरिंग क्षमता और रेलवे की बड़ी उपलब्धियों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे विकास कार्य देश के लिए गर्व की बात हैं और यह दिखाते हैं कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी बड़े सपनों को साकार किया जा सकता है।
सरकार के वादों पर भी रखी अपनी राय
रेलवे की सराहना करने के साथ ही सोनम वांगचुक ने सरकार के कामकाज पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं को देखकर खुशी होती है, लेकिन जनता तभी पूरी तरह संतुष्ट होगी जब सरकार अपने किए गए सभी वादों को भी समय पर पूरा करेगी। उनके इस बयान को सरकार की आलोचना के बजाय जवाबदेही और उम्मीद के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनके इस संतुलित दृष्टिकोण की चर्चा की, जबकि कुछ ने इसे सरकार को दिया गया एक सकारात्मक सुझाव बताया।
परीक्षा सुधार विधेयक का भी किया स्वागत
वांगचुक ने हाल ही में संसद में लाए गए परीक्षा सुधार संबंधी विधेयक का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदम स्वागत योग्य हैं और इससे छात्रों के हितों को मजबूती मिल सकती है। हालांकि उन्होंने किसी अन्य मुद्दे का सीधे उल्लेख नहीं किया, लेकिन इतना जरूर कहा कि सरकार की घोषणाओं का वास्तविक प्रभाव तब दिखाई देता है जब वे पूरी तरह जमीन पर लागू होती हैं। उनका मानना है कि विकास और सुधार दोनों का लाभ आम लोगों तक पहुंचना सबसे अधिक जरूरी है।
बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाते हैं वांगचुक
सोनम वांगचुक लंबे समय से शिक्षा, पर्यावरण, लद्दाख और सामाजिक मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखने के लिए जाने जाते हैं। उनके विचार अक्सर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनते हैं। इस बार भी उन्होंने रेलवे की उपलब्धियों की सराहना करते हुए यह संदेश दिया कि विकास परियोजनाओं के साथ-साथ सरकारों को अपने सार्वजनिक वादों को भी पूरा करने पर समान ध्यान देना चाहिए। उनका मानना है कि जब विकास और वादे दोनों साथ-साथ पूरे होंगे, तभी जनता का विश्वास और मजबूत होगा।